दीपावली 2026: अमेरिका-कनाडा में जगमगाए शहर, रामलीला से ड्रोन शो तक हुआ भव्य आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तरी अमेरिका में दीपावली 2026 का उत्सव इस बार घरों की दहलीज़ पार कर सड़कों, पार्कों और शॉपिंग कॉरिडोर तक पहुँच गया। न्यू जर्सी के ओक ट्री रोड पर रामलीला, शिकागो के निकट बार्टलेट में आतिशबाजी, और टोरंटो के जेरार्ड इंडिया बाज़ार में स्ट्रीट मेले ने भारतीय प्रवासी समुदाय की बढ़ती सांस्कृतिक उपस्थिति को रेखांकित किया। 8 नवंबर 2026 को दीपावली का मुख्य दिन होने के कारण इस पूरे सप्ताहांत को उत्सव के रंग में सजाया गया।
न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में प्रमुख आयोजन
क्वींस के जैक्सन हाइट्स में 'इंडियन मर्चेंट्स एसोसिएशन' ने 1 नवंबर को 74वीं स्ट्रीट पर मेले का आयोजन किया, जहाँ लाइव संगीत और पारिवारिक उत्सव का माहौल रहा। न्यू जर्सी के इसेलिन में ओक ट्री रोड पर 'राज ज्वेल्स' की पार्किंग में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पंडित सत्य नारायण चरका और शास्त्रीय संगीत-नृत्य में प्रशिक्षित 40 कलाकारों ने रामलीला का मंचन किया। भगवान राम की कथा को शानदार वेशभूषा, नृत्य और अंग्रेज़ी में सुनाई गई कहानी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
एडिसन के पापियानी पार्क में आयोजित वार्षिक दिवाली उत्सव में 1 लाख से अधिक रोशनियाँ लगाने की योजना थी। इस आयोजन की थीम 'सेलिब्रेटिंग दिवाली इन अमेरिका 250' रखी गई, जो इस त्योहार को अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ से जोड़ती है। 'पटेल ब्रदर्स' द्वारा प्रायोजित ड्रोन शो और आतिशबाजी से शाम का समापन होना निर्धारित था।
शिकागो, लॉस एंजिल्स और सैन फ्रांसिस्को में उत्सव
शिकागो में एक भारतीय रेस्तरां रविवार तक शेफ जीत सिंह द्वारा तैयार किए गए विशेष दिवाली व्यंजन परोस रहा था, जिनमें राज कचौरी चाट से लेकर जामुन के साथ चॉकलेट मूस तक शामिल थे। पास के बार्टलेट में बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर में शनिवार को आतिशबाजी और साउंड शो का आयोजन हुआ, जबकि रविवार को 'चोपड़ा पूजन' — यानी नई शुरुआत के प्रतीक के रूप में बही-खातों की पूजा — का कार्यक्रम था।
लॉस एंजिल्स क्षेत्र में चिनो हिल्स स्थित बीएपीएस मंदिर में शनिवार-रविवार को सामुदायिक उत्सव मनाया गया, जिसके बाद सोमवार को 'अन्नकूट' और गुजराती नव वर्ष का जश्न था। कार्निवल राइड्स, मिठाइयों की दुकान और लाइट-एंड-साउंड प्रेजेंटेशन के माध्यम से भगवान स्वामीनारायण के युवा स्वरूप 'नीलकंठ' की यात्रा को दर्शाया गया।
सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास के सहयोग से 'इंडियन रेस्टोरेंट वीक' का आयोजन हो रहा है, जिसमें 'रूह', 'कोपरा' और 'न्यू दिल्ली रेस्टोरेंट' समेत छह रेस्तरां 14 नवंबर तक भाग ले रहे हैं।
वाशिंगटन और जर्सी सिटी में सांस्कृतिक विविधता
वाशिंगटन के कोलंबिया हाइट्स इलाके में 'तमाशा' रेस्तरां ने अपने दिवाली मेन्यू में सोने की परत (गोल्ड लीफ) वाला बटर चिकन, रसगुल्ला चाट और दौलत की चाट पेश की। जर्सी सिटी के 'एक्सचेंज प्लेस' पर शनिवार को दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक 'ऑफिस ऑफ कल्चरल अफेयर्स' के तत्वावधान में 'दिवाली टुगेदर 2026' का आयोजन किया गया।
कनाडा में टोरंटो से मॉन्ट्रियल तक जश्न
टोरंटो के 'जेरार्ड इंडिया बाज़ार' में शनिवार शाम को वार्षिक आउटडोर मेला लगा, जिसमें लाइव डीजे, नृत्य, फुलझड़ियाँ और फुटपाथ पर बिक्री शामिल थी। इस जेरार्ड स्ट्रीट इलाके में 125 से अधिक दुकानें और रेस्तरां हैं। मॉन्ट्रियल के निकट ब्रोसार्ड में 'इंडिया रोज़ा' रेस्तरां में एक विशेष 'विश ट्री' (इच्छाओं का पेड़) लगाया गया, जहाँ लोग दिवाली के लिए अपनी इच्छाएँ और संदेश लिख सकते थे। ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में इस त्योहार की तैयारियों के केंद्र में पारंपरिक मिठाइयाँ रहीं।
व्यापक सांस्कृतिक महत्व
दीपावली, जिसे 'रोशनी के त्योहार' के रूप में जाना जाता है, हिंदू, जैन, सिख और कुछ बौद्ध समुदायों द्वारा मनाई जाती है। अलग-अलग समुदायों में इसे मनाने की परंपराएँ और धार्मिक महत्व भी भिन्न होते हैं — आमतौर पर दीये और रोशनी को अंधकार पर प्रकाश की और अज्ञानता पर ज्ञान की जीत का प्रतीक माना जाता है। गौरतलब है कि इस वर्ष कॉस्टको की अमेरिकी वेबसाइट पर भी दिवाली सीरीज़ के तहत एक औंस का 24-कैरेट 'पैम्प' गोल्ड बार सूचीबद्ध किया गया, जो इस पर्व की मुख्यधारा अमेरिकी बाज़ार में बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। आने वाले वर्षों में उत्तरी अमेरिका में दीपावली के और विस्तार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।