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कैलिफोर्निया असेंबली ने दिवाली प्रस्ताव पारित किया, भारतीय-अमेरिकी समुदाय को मिली आधिकारिक मान्यता

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कैलिफोर्निया असेंबली ने दिवाली प्रस्ताव पारित किया, भारतीय-अमेरिकी समुदाय को मिली आधिकारिक मान्यता

सारांश

कैलिफोर्निया की स्टेट असेंबली ने हाउस रिजॉल्यूशन 137 पारित कर 8 नवंबर को मनाए जाने वाले दिवाली को आधिकारिक मान्यता दी। असेंबली सदस्य दर्शना पटेल और ऐश कालरा के नेतृत्व में पारित यह प्रस्ताव अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती सांस्कृतिक और राजनीतिक स्वीकार्यता का प्रतीक है।

मुख्य बातें

कैलिफोर्निया स्टेट असेंबली ने हाउस रिजॉल्यूशन 137 पारित कर दिवाली को आधिकारिक मान्यता दी।
इस वर्ष दिवाली 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी; कैलिफोर्निया के नागरिकों से आयोजनों में भाग लेने का आह्वान।
प्रस्ताव दर्शना पटेल और ऐश कालरा ने 13 अगस्त 2026 को पेश किया था।
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने प्रस्ताव की भाषा तय करने में सहयोग किया और पारित होने पर आभार जताया।
प्रस्ताव में हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदायों के लिए दिवाली के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया गया।

कैलिफोर्निया की स्टेट असेंबली ने हाउस रिजॉल्यूशन 137 पारित कर 8 नवंबर 2026 को मनाए जाने वाले दिवाली पर्व को आधिकारिक मान्यता दी है और राज्य तथा विश्वभर में बसे भारतीय-अमेरिकी एवं भारतीय प्रवासी समुदाय के प्रति अपना 'गहरा सम्मान' व्यक्त किया है। यह प्रस्ताव असेंबली की नियम समिति में विचार के बाद पारित हुआ और इसे विभिन्न क्षेत्रों के कई सदस्यों का समर्थन प्राप्त हुआ।

प्रस्ताव की पहल और पृष्ठभूमि

यह प्रस्ताव असेंबली सदस्य दर्शना पटेल और ऐश कालरा ने 13 अगस्त 2026 को पेश किया था। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने प्रस्ताव के पारित होने की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करते हुए कहा, 'कैलिफोर्निया का दिवाली प्रस्ताव आधिकारिक रूप से एडॉप्टेड हो गया है।' फाउंडेशन ने दोनों असेंबली सदस्यों को 'दिवाली के महत्व को मान्यता देने और इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में उनके नेतृत्व' के लिए धन्यवाद दिया।

फाउंडेशन ने यह भी बताया कि असेंबली सदस्य पटेल के कार्यालय ने प्रस्ताव की भाषा पर परामर्श के लिए उनसे संपर्क किया था। फाउंडेशन के अनुसार, 'हमें इस प्रक्रिया में योगदान देने का अवसर मिला और इसके लिए हम आभारी हैं।'

दिवाली का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व

प्रस्ताव में दिवाली को हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदायों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व बताया गया है, जो अमेरिका सहित दुनियाभर में प्रतिवर्ष मनाया जाता है। प्रस्ताव के अनुसार, दिवाली को 'दीपावली' भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है 'दीपों की एक पंक्ति।' इसे दुनिया के सबसे प्राचीन त्योहारों में से एक बताते हुए कहा गया है कि यह पर्व परिवारों, मित्रों और समुदायों को एकसूत्र में बाँधता है।

कैलिफोर्निया विधानसभा ने कहा कि दिवाली के दौरान जलाए जाने वाले दीपक 'अंधकार की पराजय और प्रकाश की विजय' के प्रतीक हैं। उदारता, एकता, खुशी, कृतज्ञता और आत्मचिंतन को दिवाली समारोह के प्रमुख तत्वों के रूप में रेखांकित किया गया है।

समुदाय और परंपराओं पर जोर

प्रस्ताव में इस त्योहार को परिवारों के एकत्र होने और उन परंपराओं में भाग लेने का महत्वपूर्ण अवसर बताया गया है जो समुदाय के बीच जुड़ाव और अपनत्व की भावना को सुदृढ़ करती हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि दिवाली की विभिन्न परंपराएँ बुराई पर अच्छाई की जीत, संघर्षों पर विजय, सकारात्मकता और विनम्रता को अपनाने का संदेश देती हैं।

प्रस्ताव के अनुसार, 'जो लोग दिवाली मनाते हैं, उनके लिए यह ज्ञान, विकास और खुशी के प्रति प्रतिबद्ध होने का समय है।' कई समुदायों के लिए यह पर्व नए वर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक है।

आम जनता से आह्वान

कैलिफोर्निया असेंबली ने राज्य के नागरिकों से दिवाली के आयोजनों में भाग लेने का आह्वान किया है। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई-अमेरिकी समुदाय की राजनीतिक और सांस्कृतिक उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। गौरतलब है कि यह पहल भारतीय प्रवासी समुदाय की मुख्यधारा अमेरिकी संस्थाओं में बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बढ़ते प्रभाव की एक और कड़ी है — जो सिर्फ मतदाता आधार नहीं, बल्कि नीति-निर्माण में भागीदार बन रहा है। हालाँकि आलोचकों का कहना है कि ऐसे प्रस्ताव बिना किसी बाध्यकारी नीतिगत परिवर्तन के महज सांकेतिक इशारे होते हैं। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह मान्यता स्कूली पाठ्यक्रम, सार्वजनिक अवकाश या सरकारी संसाधनों में ठोस बदलाव की दिशा में आगे बढ़ती है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैलिफोर्निया का दिवाली प्रस्ताव क्या है?
यह हाउस रिजॉल्यूशन 137 है, जिसे कैलिफोर्निया स्टेट असेंबली ने पारित किया है। इसमें 8 नवंबर 2026 को मनाए जाने वाले दिवाली पर्व को आधिकारिक मान्यता दी गई है और भारतीय-अमेरिकी तथा दक्षिण एशियाई-अमेरिकी समुदाय के प्रति 'गहरा सम्मान' व्यक्त किया गया है।
यह प्रस्ताव किसने पेश किया और कब?
यह प्रस्ताव असेंबली सदस्य दर्शना पटेल और ऐश कालरा ने 13 अगस्त 2026 को पेश किया था। असेंबली की नियम समिति में विचार के बाद यह पारित हुआ।
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन की इसमें क्या भूमिका रही?
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने प्रस्ताव की भाषा तय करने में असेंबली सदस्य पटेल के कार्यालय के साथ परामर्श किया। फाउंडेशन ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रस्ताव के पारित होने की जानकारी साझा की और दोनों सदस्यों के नेतृत्व की सराहना की।
प्रस्ताव में दिवाली के किन पहलुओं को मान्यता दी गई है?
प्रस्ताव में दिवाली को हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदायों के लिए महत्वपूर्ण पर्व बताया गया है। इसमें उदारता, एकता, खुशी, कृतज्ञता और आत्मचिंतन को दिवाली के प्रमुख तत्व बताया गया है तथा दीपकों को 'अंधकार की पराजय और प्रकाश की विजय' का प्रतीक कहा गया है।
इस प्रस्ताव का भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए क्या महत्व है?
यह प्रस्ताव अमेरिका की एक प्रमुख राज्य विधायिका द्वारा भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई-अमेरिकी सांस्कृतिक पहचान को आधिकारिक स्वीकृति का प्रतीक है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में भारतीय प्रवासी समुदाय की राजनीतिक और सांस्कृतिक उपस्थिति तेज़ी से बढ़ रही है।
राष्ट्र प्रेस
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