कैलिफोर्निया में एंटी-हिंदू घटनाएँ 23% तक पहुँचीं, हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने स्टेट ऑफ हेट कमीशन से माँगी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) ने कैलिफोर्निया में हिंदू समुदाय के विरुद्ध बढ़ती नफरत की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य के स्टेट ऑफ हेट कमीशन से ठोस कार्रवाई की माँग की है। संगठन के अनुसार, राज्य के सिविल राइट्स विभाग के आँकड़ों में धार्मिक रूप से प्रेरित नफरत की घटनाओं में एंटी-हिंदू मामले लगभग 23 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर हैं — एक आँकड़ा जिसे HAF ने 'चिंताजनक' करार दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
HAF ने 9 जून 2026 को आयोग को अपनी आधिकारिक टिप्पणी सौंपी, जिसमें हाल के वर्षों में हिंदू समुदाय के विरुद्ध भेदभाव, तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि का उल्लेख किया गया। संगठन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, "जब कैलिफोर्निया के नेता नफरत से निपटने पर चर्चा कर रहे हैं, तो यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि हिंदू अमेरिकी समुदाय को राज्यव्यापी एंटी-हेट प्रयासों में नज़रअंदाज़ न किया जाए।" संगठन ने यह भी कहा कि "धार्मिक स्वतंत्रता का अर्थ किसी एक समुदाय विशेष तक सीमित नहीं है — इसमें हिंदू भी शामिल हैं।"
आँकड़ों की ज़मीनी हकीकत
HAF के अनुसार ये केवल सांख्यिकीय संख्याएँ नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे धार्मिक स्थलों पर हमले, सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ और समुदायों को जानबूझकर निशाना बनाने की वास्तविक घटनाएँ हैं। संगठन ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी हिंदू और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के विरुद्ध नस्लीय टिप्पणियाँ और भड़काऊ अभियान तेज़ी से बढ़ रहे हैं। HAF का कहना है कि "ऑनलाइन फैलाई जा रही गलत जानकारी और राजनीतिक बयानबाज़ी के कारण एंटी-इंडियन और एंटी-हिंदू नफरत को बढ़ावा मिल रहा है।"
संगठन की माँगें
HAF ने आयोग और सिविल राइट्स विभाग से तीन प्रमुख कदम उठाने की अपील की है — इस स्थिति को गंभीरता से स्वीकार करना, सार्वजनिक रूप से इसकी निंदा करना, और हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत उपाय लागू करना। संगठन ने जेवियर बेकेरा और स्टीव हिल्टन का नाम लेते हुए उनसे इस मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
HAF के प्रबंध निदेशक समीर कालरा ने कहा, "हिंदू अमेरिकी समुदाय कैलिफोर्निया की सामाजिक संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, और धार्मिक स्वतंत्रता तथा बिना भय के पूजा करने का अधिकार हर नागरिक का मूल अधिकार है।" उन्होंने आयोग से अपील की कि "खतरनाक स्तर पर लगातार बढ़ रही इन वारदातों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए।" यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों के विरुद्ध घृणा अपराधों पर राष्ट्रीय बहस तेज़ हो रही है।
आगे क्या होगा
HAF ने संकेत दिया है कि यदि कमीशन और सिविल राइट्स विभाग ने समय पर प्रतिक्रिया नहीं दी, तो संगठन अपनी माँगें और मज़बूती से आगे बढ़ाएगा। कैलिफोर्निया में बड़ी संख्या में निवास करने वाले हिंदू-अमेरिकी समुदाय की नज़रें अब आयोग की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।