भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर अमेरिका के कई राज्यों ने घोषित किया 'इंडिया डे', भारतीय-अमेरिकी समुदाय को मिली पहचान
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के डेलावेयर, वाशिंगटन, नेब्रास्का, ओहियो, मोंटाना, साउथ डकोटा और अलास्का सहित कई राज्यों और शहरों ने 15 अगस्त 2026 को 'इंडिया डे' घोषित किया, जिससे भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस को औपचारिक मान्यता मिली और अमेरिकी अर्थव्यवस्था, संस्कृति तथा नागरिक जीवन में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को रेखांकित किया गया। यह घोषणाएँ उस समय आई हैं जब भारत और अमेरिका अपने राजनयिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे होने का जश्न भी मना रहे हैं।
मुख्य घोषणाएँ और राज्यों की भागीदारी
डेलावेयर के गवर्नर मैट मेयर ने पूरे राज्य में 15 अगस्त को 'इंडिया डे' घोषित किया। उन्होंने अपनी घोषणा में कहा कि डेलावेयर अपने समुदायों की विविध संस्कृतियों और परंपराओं से समृद्ध होता है, जिसमें राज्य में बढ़ती भारतीय-अमेरिकी आबादी का विशेष स्थान है। उनके अनुसार, भारतीय मूल के डेलावेयरवासियों ने अपने कार्य, नेतृत्व और सेवा के माध्यम से राज्य को सशक्त किया है और आने वाली पीढ़ियों के लिए नए अवसर सृजित किए हैं।
वाशिंगटन के गवर्नर बॉब फर्ग्यूसन ने भी 'इंडिया डे' की घोषणा करते हुए कहा कि भारतीय-अमेरिकियों ने राज्य के सांस्कृतिक ताने-बाने, आर्थिक जीवंतता और नागरिक जीवन को समृद्ध किया है — नवप्रवर्तकों, उद्यमियों, शिक्षकों, कलाकारों और पेशेवरों के रूप में। उनकी घोषणा में समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता को भी मान्यता दी गई और सिएटल स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास की लोगों-से-लोगों के संबंधों को बढ़ावा देने में भूमिका की सराहना की गई।
नेब्रास्का के गवर्नर जिम पिलेन ने अपनी घोषणा में भारत-अमेरिका के बीच लोकतंत्र, विविधता और परस्पर सम्मान के साझा मूल्यों का उल्लेख करते हुए नेब्रास्का के भारतीय-अमेरिकी समुदाय के आर्थिक और सांस्कृतिक योगदान को रेखांकित किया।
ओहियो और वाशिंगटन राज्य के शहरों की पहल
ओहियो के गवर्नर माइक डेवाइन और लेफ्टिनेंट गवर्नर जिम ट्रेसेल ने फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशंस ओहियो और न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को आधिकारिक मान्यता दी। उन्होंने भारतीय समुदाय को अपनी सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने और जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया।
वाशिंगटन राज्य में सिएटल की मेयर केटी बी विल्सन, बेलेव्यू के मेयर मो मालकौटियन, केंट के मेयर डाना राल्फ और सी-टैक के मेयर मोहम्मद एगल ने भी अलग-अलग घोषणाएँ जारी कर भारतीय-अमेरिकियों के सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक योगदान को पहचान दी। मेट्रोपॉलिटन किंग काउंटी काउंसिल ने जानकारी दी कि प्रांत में 1 लाख से अधिक भारतीय-अमेरिकी निवास करते हैं, जबकि समूचे वाशिंगटन राज्य में भारतीय समुदाय की संख्या लगभग 2 लाख है।
सीनेटर कैंटवेल का संदेश
वाशिंगटन की अमेरिकी सीनेटर मारिया कैंटवेल ने भारतीय समुदाय और सिएटल में भारत के कॉन्सुलेट जनरल को शुभकामनाएँ भेजीं। उन्होंने कहा, 'भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस और ध्वजारोहण के मौके पर मेरी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ स्वीकार करें।' कैंटवेल ने यह भी कहा कि यह वर्ष इसलिए विशेष है क्योंकि भारत और अमेरिका अपने राजनयिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं। उनके अनुसार, 'पिछले आठ दशकों में दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के बीच साझेदारी निरंतर बढ़ी और फली-फूली है।'
अन्य राज्यों की प्रतिक्रिया
मोंटाना के गवर्नर ग्रेग जियानफोर्ट ने एक वीडियो संदेश में कहा, 'मोंटाना में हम अपने राज्य के सांस्कृतिक, शैक्षणिक और आर्थिक जीवन में भारतीय और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान की बहुत सराहना करते हैं। नवाचार, शिक्षा और समुदाय के प्रति आपकी प्रतिबद्धता हम सभी को बेहतर बनाती है।' साउथ डकोटा के गवर्नर लैरी रोडेन ने सिएटल में भारत के कॉन्सुलेट जनरल और समारोह में शामिल सभी लोगों को बधाई दी। अलास्का ने भी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं और कहा कि वहाँ के भारतीय और भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने अपने योगदान से राज्य को सशक्त किया है।
आगे का परिदृश्य
इन घोषणाओं में व्यवसाय, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और लोक सेवा में भारतीय-अमेरिकियों की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। गौरतलब है कि अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की संख्या 40 लाख से अधिक आँकी जाती है, जो इसे सबसे प्रभावशाली प्रवासी समुदायों में से एक बनाती है। इस प्रकार की राजकीय घोषणाएँ भारत-अमेरिका संबंधों की गहराती जड़ों और प्रवासी समुदाय के बढ़ते राजनीतिक एवं सामाजिक प्रभाव का प्रमाण हैं।