जयशंकर बोले — अमेरिका में भारतीयों ने तकनीक, चिकित्सा और सार्वजनिक सेवा में अतुलनीय योगदान दिया
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 24 मई 2025 को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में आयोजित राष्ट्रीय दिवस स्वागत समारोह में कहा कि अमेरिका में बसे भारतीय नागरिकों ने प्रौद्योगिकी, शिक्षा, चिकित्सा, उद्यमिता और सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में अमेरिकी समाज को समृद्ध करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह समारोह अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो की भारत यात्रा के अवसर पर आयोजित किया गया था।
समारोह का संदर्भ
यह आयोजन अमेरिकी स्वतंत्रता घोषणा की 250वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में किया गया था। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस शाम को 'नवाचार और स्वतंत्रता की भावना का उत्सव' बताया। विदेश मंत्री जयशंकर और सचिव रुबियो दोनों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को कूटनीतिक महत्व प्रदान किया।
जयशंकर के मुख्य वक्तव्य
समारोह को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा, "अमेरिका की आज़ादी के घोषणापत्र के 250वें साल के समारोह में आप सभी के साथ शामिल होकर बहुत खुशी हो रही है। सचिव मार्को रुबियो और राजदूत गोर को, और उनके ज़रिए ट्रंप सरकार और अमेरिकी लोगों को हमारी शुभकामनाएँ।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि स्वतंत्रता के उन आदर्शों ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता, कानून का शासन, अभिव्यक्ति की आज़ादी और जवाबदेह शासन जैसी आधुनिक अवधारणाओं को आकार दिया।
जयशंकर ने भारत की बहुलवादी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिकी आदर्शों का भारत पर प्रभाव स्वाभाविक रहा है, क्योंकि भारत का एक परामर्श-आधारित और बहुलवादी समाज के रूप में दीर्घ इतिहास रहा है।
आतंकवाद पर साझा प्रतिबद्धता
विदेश मंत्री ने द्विपक्षीय सहयोग के एक महत्वपूर्ण आयाम को उजागर करते हुए कहा, "भारत और अमेरिका को आतंकवाद के सभी रूपों से लड़ने में गहरी दिलचस्पी है। हमें आतंकवाद के लिए ज़ीरो टॉलरेंस के बारे में हमेशा स्पष्ट रहना चाहिए, इसीलिए हमारा काउंटर-टेररिज़्म सहयोग ज़रूरी है।" यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान तनाव की पृष्ठभूमि में भारत की आतंकवाद-विरोधी नीति वैश्विक चर्चा के केंद्र में है।
मोदी-ट्रंप साझेदारी का संदर्भ
जयशंकर ने याद दिलाया कि एक वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों की दीर्घकालिक साझेदारी को और मज़बूत करने का मार्ग तय किया था, जिसका लक्ष्य दोनों देशों के नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करना और विश्व कल्याण में योगदान देना था।
एक्स पर जयशंकर और राजदूत गोर की पोस्ट
समारोह के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अमेरिका की आज़ादी की घोषणा के 250 साल पूरे होने के मौके पर सचिव मार्को रुबियो के साथ शामिल होकर खुशी हुई। राजनीतिक, लोकतांत्रिक, बाज़ार अर्थव्यवस्था और खुले समाज के रूप में, भारत और अमेरिका के कई साझा हित और मेल हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि रणनीतिक साझेदारी के सूत्र कई क्षेत्रों में और मज़बूत होते जा रहे हैं।
राजदूत सर्जियो गोर ने भी एक्स पर लिखा, "आज रात नई दिल्ली में हम एक ऐतिहासिक मील का पत्थर मना रहे हैं — अमेरिकी आज़ादी के 250 साल! सेक्रेटरी रुबियो और डॉ. जयशंकर को होस्ट करना मेरे लिए बड़ा और निजी सम्मान है।" गौरतलब है कि यह समारोह भारत-अमेरिका संबंधों की वर्तमान गर्मजोशी का प्रतीक माना जा रहा है।
आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में साझेदारी और गहरी होने की उम्मीद है।