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PM मोदी ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय की सराहना की, NAIO को भेजा स्वतंत्रता दिवस संदेश

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PM मोदी ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय की सराहना की, NAIO को भेजा स्वतंत्रता दिवस संदेश

सारांश

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी ने NAIO को संदेश भेजकर भारतीय-अमेरिकी समुदाय की विज्ञान, प्रौद्योगिकी और लोक सेवा में उपलब्धियों को सराहा। अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के साथ इस संयुक्त उत्सव को उन्होंने दोनों लोकतांत्रिक देशों के साझा मूल्यों का प्रतीक बताया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 13 अगस्त 2026 को NAIO को संदेश भेजकर भारतीय-अमेरिकी समुदाय की सराहना की।
संदेश में भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के संयुक्त उत्सव को दोनों देशों के लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक बताया गया।
मोदी ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, लोक सेवा और कला में भारतीय-अमेरिकियों के योगदान को रेखांकित किया।
प्रवासी संगठनों की भूमिका को भारतीय परंपराओं और युवा पीढ़ी को जड़ों से जोड़ने में अहम बताया।
मोदी ने NAIO को आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अगस्त 2026 को नेशनल अलायंस ऑफ इंडियन ऑर्गनाइजेशन्स (NAIO) को एक विशेष संदेश भेजकर भारतीय-अमेरिकी समुदाय की विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, लोक सेवा और कला जैसे क्षेत्रों में उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ का एक साथ मनाया जाना दोनों लोकतांत्रिक देशों के गहरे संबंधों का प्रतीक है।

संदेश की मुख्य बातें

मोदी ने अपने संदेश में कहा, 'यह जानकर खुशी हो रही है कि नेशनल अलायंस ऑफ इंडियन ऑर्गनाइजेशन्स (NAIO) भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस और संयुक्त राज्य अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ मना रहा है।' उन्होंने इस संयुक्त उत्सव को भारत और अमेरिका के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों की अभिव्यक्ति बताया।

मोदी ने कहा, 'ये जश्न भारत और अमेरिका के बीच करीबी संबंधों को दिखाते हैं, जो हमारे साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं।' यह संदेश वाशिंगटन में भारतीय प्रवासी समुदाय के बीच व्यापक रूप से सराहा गया।

भारतीय-अमेरिकी समुदाय का योगदान

प्रधानमंत्री ने अमेरिकी जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय-अमेरिकियों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'जीवंत भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, लोक सेवा और कला जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी उपलब्धियों से सराहना हासिल की है।' मोदी ने यह भी कहा कि यह समुदाय भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से निरंतर जुड़ा रहा है, जो मातृभूमि के लिए एक अटूट शक्ति का स्रोत है।

उन्होंने विशेष रूप से स्कूलों, स्वास्थ्य सुविधाओं, व्यवसाय और सामुदायिक संस्थानों में भारतीय समुदाय के सकारात्मक योगदान का उल्लेख किया। मोदी ने कहा, 'मां भारती और प्रवासी भारतीयों के बीच मजबूत संबंध हमेशा हमारे देश के लिए ताकत का जरिया रहा है।'

प्रवासी संगठनों की भूमिका

मोदी ने NAIO जैसे प्रवासी संगठनों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये संगठन भारतीय परंपराओं को जीवित रखने और पीढ़ियों के बीच सांस्कृतिक सेतु बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, 'प्रवासी संगठन हमारी परंपराओं को जीवित रखने और सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे युवा पीढ़ी को भी अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।'

गौरतलब है कि यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका संबंध कूटनीतिक और व्यापारिक दोनों मोर्चों पर नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। भारतीय-अमेरिकी समुदाय, जो अमेरिका के सबसे शिक्षित और आर्थिक रूप से समृद्ध प्रवासी समूहों में से एक माना जाता है, दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उभरा है।

आगे की राह

प्रधानमंत्री ने NAIO को इस यादगार आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा, 'भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस और संयुक्त राज्य अमेरिका की 250वीं सालगिरह के जश्न की शानदार सफलता के लिए NAIO को शुभकामनाएं।' यह संदेश भारत-अमेरिका के बीच जन-से-जन संपर्क को और मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए — भारतीय-अमेरिकी समुदाय अमेरिकी नीति-निर्माण और तकनीकी उद्योग में तेज़ी से प्रभावशाली होता जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताएं और रक्षा साझेदारी नई परिभाषाएं ले रही हैं। प्रवासी समुदाय को 'ताकत का जरिया' कहना एक सुविचारित राजनीतिक संकेत है — सॉफ्ट पावर और डायस्पोरा कूटनीति दोनों के लिहाज़ से। हालांकि, असली परीक्षा यह है कि इस सराहना का अनुवाद ठोस नीतिगत सहयोग — जैसे वीज़ा सुधार, OCI अधिकार, या द्विपक्षीय शोध साझेदारी — में कितना होता है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने NAIO को संदेश क्यों भेजा?
PM मोदी ने 13 अगस्त 2026 को NAIO को संदेश भेजकर भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के संयुक्त उत्सव पर बधाई दी। इस संदेश में उन्होंने भारतीय-अमेरिकी समुदाय की विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों की सराहना की।
NAIO (नेशनल अलायंस ऑफ इंडियन ऑर्गनाइजेशन्स) क्या है?
NAIO अमेरिका में स्थित भारतीय प्रवासी संगठनों का एक गठबंधन है, जो भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और समुदाय को जोड़ने का कार्य करता है। यह संगठन भारत-अमेरिका के बीच जन-से-जन संपर्क को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाता है।
मोदी ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय के किन योगदानों की सराहना की?
मोदी ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, लोक सेवा और कला के क्षेत्रों में भारतीय-अमेरिकियों की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने स्कूलों, स्वास्थ्य सुविधाओं, व्यवसाय और सामुदायिक संस्थानों में इस समुदाय के योगदान की भी प्रशंसा की।
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ का क्या महत्व है?
दोनों देशों के इन ऐतिहासिक अवसरों का एक साथ आना भारत-अमेरिका के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है। PM मोदी ने इसे दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों की मिसाल बताया।
प्रवासी संगठनों के बारे में मोदी ने क्या कहा?
मोदी ने कहा कि प्रवासी संगठन भारतीय परंपराओं को जीवित रखने और सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ये संगठन युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
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