अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी ने ट्रंप को दी बधाई, बोले- भारत-अमेरिका दोस्ती वैश्विक भलाई की शक्ति
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई को अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। एक्स पर अपनी पोस्ट में मोदी ने 1.4 अरब भारतीयों की ओर से यह बधाई संदेश साझा करते हुए भारत-अमेरिका संबंधों को वैश्विक स्थिरता की आधारशिला बताया।
मोदी का संदेश: साझा मूल्य, साझा भविष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, '1.4 अरब भारतीयों की ओर से मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों को आपके ऐतिहासिक 250वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई देता हूं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी नहीं, बल्कि लोकतंत्र, कानून के शासन और लोगों की असीम क्षमता में साझा विश्वास है।
मोदी ने आगे कहा कि यही साझा मूल्य भारत-अमेरिका की मित्रता को वैश्विक भलाई की एक मजबूत शक्ति बनाते हैं। उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले 250 वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की तथा द्विपक्षीय साझेदारी के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की उम्मीद जताई।
भारतीय मिशन की शुभकामनाएं
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन ने भी इस ऐतिहासिक अवसर पर अमेरिकी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं। मिशन ने अपने संदेश में कहा कि भारत और अमेरिका 'वी द पीपल', स्वतंत्रता, आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता का उत्सव मनाते हैं।
आईएनएस सुदर्शिनी की ऐतिहासिक यात्रा
अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोहों में भाग लेने के लिए भारतीय नौसेना ने आईएनएस सुदर्शिनी को अमेरिका भेजा है। समुद्री अभियान लोकायन-26 के तहत यह पोत न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुआ। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आईएनएस सुदर्शिनी पिछले सप्ताह बाल्टीमोर बंदरगाह पहुंची थी।
यह पोत 26 जून को वर्जीनिया के नॉरफॉक से रवाना होकर ऐतिहासिक चेसापीक एंड डेलावेयर (सी एंड डी) नहर से होते हुए बाल्टीमोर पहुंचा। इससे पहले 19 से 23 जून के बीच आईएनएस सुदर्शिनी ने नॉरफॉक में आयोजित सेल 250 वर्जिनिया समारोह में भाग लिया, जहां उसने विश्व के विभिन्न देशों के पारंपरिक नौकायन जहाजों के साथ परेड ऑफ सेल और सिटी क्रू परेड में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
भारत-अमेरिका संबंधों का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग लगातार गहरा हो रहा है। गौरतलब है कि भारतीय नौसेना की इस यात्रा को भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और अंतरराष्ट्रीय सद्भावना के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद और साझेदारी की नई पहलों की उम्मीद है।