15 अगस्त 2026
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भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बनीज ने की सराहना, बताया दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र

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भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बनीज ने की सराहना, बताया दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र

सारांश

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे तेज़ बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया। उन्होंने भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय को दोनों देशों की दोस्ती की जीवंत कड़ी कहा और आर्थिक-रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई।

मुख्य बातें

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने 15 अगस्त 2026 को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर बधाई संदेश जारी किया।
उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बताया।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय को दोनों देशों की द्विपक्षीय दोस्ती की 'जीवंत कड़ी' कहा।
अल्बनीज ने आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नए क्षेत्रों में और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत की आठ दशकों की यात्रा को इच्छाशक्ति और पक्के इरादे की मिसाल बताया।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने 15 अगस्त 2026 को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर बधाई संदेश जारी करते हुए भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बताया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी उपलब्धियों के पैमाने और क्षमता की विशालता से पूरी दुनिया को हैरान करता है। यह संदेश भारत-ऑस्ट्रेलिया द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती की पृष्ठभूमि में आया है।

अल्बनीज का संदेश: आठ दशकों की यात्रा

अपने बयान में अल्बनीज ने कहा, "मैं भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे सभी लोगों को अपनी शुभकामनाएं भेजता हूं। एक स्वतंत्र भारत का रास्ता बिल्कुल भी आसान नहीं था, लेकिन सिर्फ इच्छाशक्ति, विश्वास और पक्के इरादे की ताकत से, इसने उम्मीद से भरी एक नई शुरुआत की।" उन्होंने जोड़ा कि उस ऐतिहासिक दिन के बाद से आठ दशकों में भारत और मजबूत होता गया है।

भारत की वैश्विक पहचान पर जोर

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा, "आज, दुनिया में सबसे बड़े लोकतंत्र और सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर, भारत अपनी कामयाबियों के पैमाने और अपनी क्षमता की विशालता से हमें हैरान करता है।" यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी आर्थिक और कूटनीतिक उपस्थिति लगातार बढ़ा रहा है।

भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय का योगदान

अल्बनीज ने भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय पिछले 80 सालों को गर्व के साथ याद करेगा, अपनी लंबी और समृद्ध विरासत का जश्न मनाएगा।" उन्होंने इस समुदाय को दोनों देशों की दोस्ती की "जीवंत कड़ी" बताया।

साझा भविष्य और बढ़ती साझेदारी

ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा, "हम ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच नए और बढ़ते क्षेत्रों में जुड़ाव को गहरा करने के लिए उत्साहित हैं।" गौरतलब है कि दोनों देश QUAD गठबंधन के सदस्य हैं और हाल के वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार तथा रक्षा सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आने वाले समय में यह साझेदारी और व्यापक होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि साझा मूल्यों पर आधारित गठजोड़ का संकेत है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि यह बधाई संदेश उस व्यापक पश्चिमी कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है जिसमें भारत को एक अपरिहार्य साझेदार के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बनीज ने भारत के बारे में क्या कहा?
एंथनी अल्बनीज ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बताया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी उपलब्धियों के पैमाने और क्षमता की विशालता से पूरी दुनिया को हैरान करता है।
भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस कब मनाया गया?
भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 को मनाया गया। इस अवसर पर दुनियाभर के नेताओं ने भारत को बधाई संदेश भेजे, जिनमें ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी शामिल थे।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध इस समय कैसे हैं?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी है। दोनों देश QUAD गठबंधन के सदस्य हैं और हाल के वर्षों में व्यापार, रक्षा तथा तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ा है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय की क्या भूमिका है?
अल्बनीज ने भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय को दोनों देशों की दोस्ती की 'जीवंत कड़ी' बताया। उनके अनुसार यह समुदाय दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों को मजबूत करने में बहुत बड़ा योगदान देता है।
अल्बनीज ने भारत की स्वतंत्रता की यात्रा को कैसे बताया?
अल्बनीज ने कहा कि एक स्वतंत्र भारत का रास्ता आसान नहीं था, लेकिन इच्छाशक्ति, विश्वास और पक्के इरादे से भारत ने उम्मीद से भरी नई शुरुआत की। उन्होंने कहा कि आठ दशकों में भारत और मजबूत होता गया है।
राष्ट्र प्रेस
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