12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एनएचआरसी ने रेवाड़ी केमिकल फैक्ट्री विस्फोट पर हरियाणा से माँगी रिपोर्ट, 3 श्रमिकों की मौत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एनएचआरसी ने रेवाड़ी केमिकल फैक्ट्री विस्फोट पर हरियाणा से माँगी रिपोर्ट, 3 श्रमिकों की मौत

सारांश

रेवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में 19 मई को हुए विस्फोट में 3 श्रमिकों की जान गई और 300 को बाहर निकालना पड़ा। एनएचआरसी ने हरियाणा व उत्तराखंड — दोनों राज्यों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में रिपोर्ट माँगी है।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने रेवाड़ी, हरियाणा की केमिकल फैक्ट्री विस्फोट का स्वतः संज्ञान लिया।
विस्फोट 19 मई को चिलिंग प्लांट मरम्मत के दौरान हुआ; 3 श्रमिकों की मौत , 6 घायल ।
फैक्ट्री परिसर से लगभग 300 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
हरियाणा के मुख्य सचिव और रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक को 2 सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश।
देहरादून के निजी अस्पताल में 20 मई को लगी आग में 1 महिला मरीज की मौत; एनएचआरसी ने उत्तराखंड से भी रिपोर्ट माँगी।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने हरियाणा के रेवाड़ी जिले में एक केमिकल फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में तीन श्रमिकों की मौत और कई अन्य के घायल होने की खबरों का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। यह घटना 19 मई को हुई थी, जब फैक्ट्री के चिलिंग प्लांट में मरम्मत कार्य के दौरान विस्फोट हुआ और उसके बाद भीषण आग भड़क उठी।

मुख्य घटनाक्रम

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 19 मई को रेवाड़ी के एक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित केमिकल फैक्ट्री के चिलिंग प्लांट में मरम्मत कार्य के दौरान विस्फोट हुआ। इस विस्फोट से लगी आग में 6 श्रमिक घायल हुए। घायलों में से एक की 20 मई को अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य श्रमिकों के कंकाल फैक्ट्री परिसर से बरामद किए गए।

रिपोर्टों के मुताबिक, यह फैक्ट्री घरेलू और विदेशी बाज़ारों के लिए रासायनिक उत्पाद, एल्युमीनियम फॉयल और इंडस्ट्रियल इंक का निर्माण करती है। कई विस्फोटों के बाद फैक्ट्री परिसर में कार्यरत लगभग 300 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

एनएचआरसी की कार्रवाई

एनएचआरसी ने इस घटना को पीड़ितों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए हरियाणा के मुख्य सचिव और रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में घायल श्रमिकों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति तथा मृतकों और घायलों के परिजनों को दिए गए मुआवजे का पूरा विवरण शामिल होना अनिवार्य है।

देहरादून अस्पताल अग्निकांड में भी संज्ञान

एक अलग मामले में, एनएचआरसी ने उत्तराखंड के देहरादून जिले के एक निजी अस्पताल में 20 मई को लगी आग की घटना का भी स्वतः संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कथित तौर पर एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी यह आग पूरे परिसर में फैल गई।

इस हादसे में 14 मरीजों को बचाकर नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से एक महिला मरीज को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि चार अन्य को बाद में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आयोग ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव और देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट माँगी है।

आम जनता और श्रमिकों पर असर

ये दोनों घटनाएँ औद्योगिक सुरक्षा मानकों और अस्पताल अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। गौरतलब है कि औद्योगिक क्षेत्रों में असंगठित और दैनिक वेतनभोगी श्रमिक सुरक्षा उपकरणों और मुआवजे की पहुँच से अक्सर वंचित रहते हैं।

क्या होगा आगे

एनएचआरसी के नोटिस के बाद अब हरियाणा और उत्तराखंड दोनों राज्य सरकारों को निर्धारित समयसीमा में जवाब देना होगा। आयोग के निर्देशों का पालन न होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में त्वरित मुआवजा और जवाबदेही सुनिश्चित करना श्रमिकों के मूलभूत अधिकारों की रक्षा के लिए अनिवार्य है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आलोचकों का कहना है कि ऐसे नोटिसों के बाद मुआवजे और जवाबदेही की दर ऐतिहासिक रूप से निराशाजनक रही है। असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकारें केवल रिपोर्ट सौंपने तक सीमित रहेंगी, या फैक्ट्री लाइसेंसिंग और श्रम निरीक्षण व्यवस्था की जड़ें खँगाली जाएँगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेवाड़ी केमिकल फैक्ट्री विस्फोट में क्या हुआ था?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 19 मई को रेवाड़ी जिले के एक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित केमिकल फैक्ट्री के चिलिंग प्लांट में मरम्मत कार्य के दौरान विस्फोट हुआ और आग भड़क उठी। इसमें 3 श्रमिकों की मौत हुई, 6 घायल हुए और लगभग 300 कर्मचारियों को परिसर से बाहर निकाला गया।
एनएचआरसी ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
एनएचआरसी ने मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लेते हुए हरियाणा के मुख्य सचिव और रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है। आयोग ने दो सप्ताह के भीतर घायल श्रमिकों की स्वास्थ्य स्थिति और मृतकों व घायलों के परिजनों को दिए गए मुआवजे का विवरण माँगा है।
देहरादून अस्पताल अग्निकांड में क्या हुआ?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 20 मई को देहरादून के एक निजी अस्पताल में कथित तौर पर एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। 14 मरीजों को बचाया गया, जिनमें से एक महिला मरीज की मृत्यु हो गई और चार अन्य को बाद में अस्पताल से छुट्टी दी गई।
एनएचआरसी की रिपोर्ट की समयसीमा क्या है?
एनएचआरसी ने दोनों मामलों में संबंधित राज्यों — हरियाणा और उत्तराखंड — के मुख्य सचिवों और पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
इन घटनाओं से श्रमिकों और मरीजों के मानवाधिकार कैसे प्रभावित होते हैं?
एनएचआरसी के अनुसार, यदि मीडिया रिपोर्टों में दी गई जानकारी सही है, तो ये घटनाएँ पीड़ितों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं। औद्योगिक दुर्घटनाओं में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा की कमी दोनों ही जीवन के अधिकार पर सीधा प्रहार हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले