नीलगिरि में रेड अलर्ट: भूस्खलन और पेड़ गिरने से ऊटी के पहाड़ी मार्ग बाधित, पर्यटकों को चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
नीलगिरि जिले में 24 अक्टूबर 2026 को अत्यधिक भारी वर्षा के कारण ऊटी और आसपास के पहाड़ी मार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC), चेन्नई ने जिले के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए निवासियों और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। भूस्खलन और सड़कों पर पेड़ गिरने की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
जिला कलेक्टर लक्ष्मी भव्या ने मेट्टुपालयम से ऊटी की ओर जाने वाले वाहन चालकों को कुन्नूर और कोटागिरी मार्गों से यात्रा न करने की स्पष्ट हिदायत दी है। इन दोनों मार्गों पर भूस्खलन और गिरे हुए पेड़ों के कारण यातायात व्यवधान की आशंका सबसे अधिक बताई जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि प्रतिकूल मौसम बने रहने तक प्रभावित मार्गों से परहेज़ करना ही समझदारी है।
मौसम की स्थिति और अलर्ट का स्वरूप
RMC चेन्नई का रेड अलर्ट जिले में अत्यधिक भारी वर्षा के पूर्वानुमान को दर्शाता है — यह सर्वोच्च मौसम चेतावनी श्रेणी है। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी ढलानें कमज़ोर हो रही हैं, जिससे नए भूस्खलन और सड़कों पर पेड़ गिरने की संभावना बढ़ गई है। यह ऐसे समय में आया है जब नीलगिरि में पर्यटन का मौसम चरम पर होता है और बड़ी संख्या में सैलानी ऊटी का रुख करते हैं।
सड़क संपर्क पर असर
जिले के कई हिस्सों में सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं — पेड़ गिरने और भूस्खलन दोनों कारणों से। मेट्टुपालयम-ऊटी मार्ग पर आवागमन सबसे अधिक प्रभावित बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर आवागमन कर रहे लोगों को सबसे अधिक जोखिम है।
पर्यटकों और आम जनता से अपील
अधिकारियों ने दोहराया है कि ऊटी और नीलगिरि के अन्य पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा की योजना बना रहे पर्यटक मौसम की स्थिति सामान्य होने तक अपनी यात्रा स्थगित करें। जो लोग पहले से जिले में हैं, उनसे केवल अत्यावश्यक होने पर ही आवागमन करने का अनुरोध किया गया है। आधिकारिक सलाह और मौसम अपडेट पर निरंतर नज़र रखने की भी हिदायत दी गई है।
आगे की स्थिति
गौरतलब है कि नीलगिरि जिला हर वर्ष मानसून के दौरान भूस्खलन की चपेट में आता है और यह क्षेत्र भूगर्भीय रूप से संवेदनशील माना जाता है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश की तीव्रता फ़िलहाल बनी रहने की आशंका है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और परिस्थितियों के अनुसार आगे की सलाह जारी की जाएगी।