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क्या नितिन नबीन की पहली बैठक संगठन को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण थी? : संजय सरावगी

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क्या नितिन नबीन की पहली बैठक संगठन को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण थी? : संजय सरावगी

सारांश

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने नितिन नबीन की पहली बैठक की अहमियत पर चर्चा की। उन्होंने एसआईआर, अपराध नियंत्रण और गौतम गंभीर की प्रशंसा पर भी विचार साझा किए। जानें इस बैठक के प्रमुख बिंदु क्या थे!

मुख्य बातें

नितिन नबीन की पहली बैठक संगठन को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण थी।
सरकार ने अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया वैध है।
प्रधानमंत्री मोदी का संगठन पर जोर कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक है।
भाजपा आम जनता के साथ खड़ी है।

पटना, २२ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने राष्ट्रीय राजनीति, चुनावी प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय साझा की। उन्होंने भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ हुई बैठक, पश्चिम बंगाल में एसआईआर (विशेष मतदाता पुनरीक्षण) से संबंधित चुनाव आयोग के आदेश, अपराध पर सरकार की सख्ती, और क्रिकेट कोच गौतम गंभीर की प्रशंसा पर भी प्रतिक्रिया दी।

नितिन नबीन से मुलाकात पर संजय सरावगी ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनकी पहली बैठक सभी राज्यों के अध्यक्षों, राष्ट्रीय पदाधिकारियों और विभिन्न राज्यों के प्रभारियों के साथ हुई। यह बैठक संगठन को मजबूत करने और भविष्य की रणनीति पर चर्चा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी।

नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर सरावगी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में संगठन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी में संगठन का महत्व सर्वोपरि है। सरावगी ने यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से हैं, और उनका यह संदेश पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक है।

पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के आदेश पर उन्होंने कहा कि इसे एक सकारात्मक कदम माना जाना चाहिए। सरावगी के अनुसार, एसआईआर की ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद एक महीने का समय तय किया जाता है जिसमें कोई भी आपत्ति दर्ज करा सकता है। बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे कार्य पूरी तरह से वैध और सही प्रक्रिया के तहत हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर का उद्देश्य केवल बांग्लादेशी घुसपैठियों को पहचानना है। सरावगी ने कहा, "बंगाल का राजनीतिक प्रतिनिधित्व वहां के लोगों के लिए होना चाहिए, न कि घुसपैठियों के लिए।"

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए सरावगी ने कहा कि वह एसआईआर का विरोध इसलिए कर रही हैं ताकि बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं के वोट सुरक्षित किए जा सकें और विभाजन की राजनीति को बढ़ावा मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि आम जनता भाजपा के साथ खड़ी है और पार्टी पूरे देश में सनातन संस्कृति को मजबूत करने और सभी वर्गों के लिए कार्य कर रही है।

बिहार में अपराध पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी हालत में अपराध और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, "या तो अपराधी बिहार छोड़ दें, या फिर उनका खात्मा होगा।"

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार और पुलिस विभाग प्रभावी ढंग से कार्य कर रहे हैं। जहां भी अपराध की सूचना मिलती है, वहां त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की प्रशंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए सरावगी ने कहा कि जब टीम अच्छा प्रदर्शन करती है, तो कोच की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नितिन नबीन की पहली बैठक का उद्देश्य क्या था?
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करना था।
संजय सरावगी ने किस मुद्दे पर बात की?
उन्होंने एसआईआर, अपराध नियंत्रण, और गौतम गंभीर की प्रशंसा पर चर्चा की।
राष्ट्र प्रेस
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