22 सितंबर 2026
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नितिन नवीन का सपा-कांग्रेस पर प्रहार: 'यूपी को उत्तम प्रदेश बनाने का संकल्प भाजपा ही पूरा करेगी'

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नितिन नवीन का सपा-कांग्रेस पर प्रहार: 'यूपी को उत्तम प्रदेश बनाने का संकल्प भाजपा ही पूरा करेगी'

सारांश

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का पहला सहारनपुर दौरा महज़ एक संगठनात्मक रस्म नहीं था — यह 2027 यूपी चुनाव की रणभूमि में पश्चिमी यूपी को साधने की सुनियोजित कोशिश थी। सपा-कांग्रेस को खारिज करते हुए उन्होंने 'उत्तम प्रदेश' के नारे को तीसरे कार्यकाल के मिशन का केंद्र बनाया।

मुख्य बातें

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 22 सितंबर 2026 को सहारनपुर और मेरठ में संगठनात्मक बैठकें कीं — राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनका यह पहला सहारनपुर दौरा था।
नवीन ने दावा किया कि भाजपा 2027 में लगातार तीसरी बार भारी बहुमत से उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएगी।
सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा — यूपी को 'उत्तम प्रदेश' बनाने का संकल्प केवल भाजपा पूरा कर सकती है।
विधानसभा स्तर पर 'पॉकेट मीटिंग' (जनता चौपाल) और बूथ स्तरीय तैयारी तेज करने के निर्देश दिए।
नवीन ने संत रविदास मंदिर में पूजा की और मंदिर समिति अध्यक्ष अजब सिंह के आवास पर भोजन किया — दलित समुदाय से सामाजिक जुड़ाव का संदेश।
कार्यकर्ताओं के 40-45 वर्षों के परिश्रम का उल्लेख करते हुए सादगी, सरलता और जनसंवाद पर जोर दिया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को सहारनपुर और मेरठ में संगठनात्मक बैठकों को संबोधित करते हुए दावा किया कि भाजपा 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार भारी बहुमत से सरकार बनाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के पास न तो दृष्टि है और न ही क्षमता — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को 'उत्तम प्रदेश' बनाने का संकल्प केवल भाजपा ही पूरा कर सकती है।

पश्चिमी यूपी में संगठन सक्रियता

2027 विधानसभा चुनाव से करीब डेढ़ साल पहले भाजपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियाँ तेज कर दी हैं। नवीन ने सहारनपुर में सांसदों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विधानसभा क्षेत्रवार संगठन की स्थिति, बूथ स्तर की तैयारियों और पार्टी की गतिविधियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि विधानसभा स्तर पर सांसदों, विधायकों और सक्रिय सदस्यों के साथ शक्ति केंद्रों पर 'पॉकेट मीटिंग' यानी जनता चौपाल आयोजित की जाए।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह नवीन का सहारनपुर का पहला दौरा था। मुजफ्फरनगर, देवबंद और सहारनपुर में कई स्थानों पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने शंख ध्वनि और पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया।

विपक्ष पर सीधा प्रहार

नवीन ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि जो प्रदेश कभी माफिया के लिए बदनाम था, वह आज सेमीकंडक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों का निर्माण हो रहा है और यह 'नए उत्तर प्रदेश' की पहचान है। उनका यह बयान स्पष्ट रूप से सपा के शासनकाल पर अप्रत्यक्ष निशाना था।

भाजपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश 2047 के विकसित भारत के संकल्प की ओर तेज़ गति से बढ़ रहा है।

सामाजिक समरसता का संदेश

नवीन ने सहारनपुर में संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश व देश के कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि संत रविदास के समरसता और समानता के आदर्शों पर चलते हुए 'डबल इंजन सरकार' समाज के अंतिम पायदान पर खड़े प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान और मुख्यधारा से जोड़ रही है। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने रविदास मंदिर समिति के अध्यक्ष अजब सिंह के ओजपुरा स्थित आवास पर भोजन किया — जिसे पार्टी ने 'सबका साथ, सबका विकास' और अंत्योदय के भाव से जोड़ कर प्रस्तुत किया।

कार्यकर्ताओं को चुनावी मंत्र

संगठनात्मक बैठकों में नवीन ने कहा कि पार्टी आज जिस मुकाम पर है, उसके पीछे पुराने कार्यकर्ताओं के 40 से 45 वर्षों का कठिन परिश्रम है। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से सादगी, सरलता और जनसंवाद पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उनका संदेश स्पष्ट था — हर गाँव, हर घर तक पहुँचें; आम लोगों की समस्याएँ सुनें; और 'डबल इंजन सरकार' की योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाएँ।

यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा मिशन 2027 के तहत पश्चिमी यूपी — जो जाट, मुस्लिम और दलित बहुल क्षेत्र है — में अपनी पकड़ मजबूत करने पर विशेष जोर दे रही है। आने वाले महीनों में इसी तर्ज पर अन्य क्षेत्रों में भी संगठनात्मक दौरों की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या ये संगठनात्मक बैठकें बूथ स्तर पर ठोस मतदाता जुड़ाव में तब्दील होती हैं। संत रविदास मंदिर दर्शन और दलित नेता के घर भोजन — ये प्रतीकात्मक कदम स्पष्ट रूप से उस सामाजिक गठजोड़ को मज़बूत करने के प्रयास हैं जो 2017 और 2022 में भाजपा की सफलता की बुनियाद रही। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि पश्चिमी यूपी में किसान आंदोलन की छाया और स्थानीय नाराज़गी अभी भी पूरी तरह नहीं मिटी है — नवीन की यात्रा उसी खाई को पाटने की कोशिश है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नितिन नवीन कौन हैं और उन्होंने सहारनपुर दौरा क्यों किया?
नितिन नवीन भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्होंने 22 सितंबर 2026 को 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करने और पश्चिमी यूपी में संगठन को सक्रिय करने के लिए सहारनपुर और मेरठ का दौरा किया — राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला सहारनपुर दौरा था।
भाजपा का 'मिशन 2027' क्या है?
मिशन 2027 भाजपा की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में लगातार तीसरी बार भारी बहुमत से सरकार बनाने की रणनीतिक योजना है। इसके तहत बूथ स्तर पर तैयारी, हर गाँव-हर घर तक पहुँच, और सरकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाना शामिल है।
नवीन ने सपा और कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
नितिन नवीन ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 'उत्तम प्रदेश' बनाने और 2047 के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की न तो सपा में क्षमता है और न ही कांग्रेस में। उन्होंने विपक्ष के शासनकाल का हवाला देते हुए कहा कि जो प्रदेश कभी माफिया राज के लिए बदनाम था, वह अब सेमीकंडक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में वैश्विक पहचान बना रहा है।
नवीन ने संत रविदास मंदिर क्यों गए और इसका क्या राजनीतिक महत्व है?
नवीन ने सहारनपुर में संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर में पूजा-अर्चना की और मंदिर समिति अध्यक्ष अजब सिंह के आवास पर भोजन किया। पार्टी ने इसे 'सबका साथ, सबका विकास' और अंत्योदय के भाव से जोड़ते हुए दलित समाज तक संगठन की पहुँच का संदेश बताया — पश्चिमी यूपी में जहाँ दलित मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
भाजपा की 2027 चुनाव तैयारी के लिए जमीनी रणनीति क्या है?
भाजपा की रणनीति में विधानसभा स्तर पर 'पॉकेट मीटिंग' (जनता चौपाल), बूथ स्तरीय सक्रियता, और सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभार्थियों तक पहुँचाना शामिल है। नवीन ने कार्यकर्ताओं से हर गाँव और हर घर तक पहुँचने और आम लोगों की समस्याएँ सीधे सुनने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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