24 अगस्त 2026
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नितिन नवीन का संकल्प: समरसता से जोड़कर 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य साकार करेंगे

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नितिन नवीन का संकल्प: समरसता से जोड़कर 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य साकार करेंगे

सारांश

BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई दिल्ली में संत रविदास की 650वीं जयंती से जुड़े 'समरसता संकल्प अभियान' को संबोधित किया। उनका संदेश स्पष्ट था — रविदास के समरसता के आदर्शों और मोदी के विकास विजन को जोड़कर 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल करना है।

मुख्य बातें

BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 24 अगस्त 2026 को तालकटोरा स्टेडियम, नई दिल्ली में 'समरसता संकल्प अभियान' को संबोधित किया।
अभियान संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में 29 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) को बनारस से शुरू हुआ था।
नवीन ने दावा किया कि मोदी सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है।
कोरोना काल में 'PM गरीब कल्याण अन्न योजना' के तहत प्रत्येक गरीब को 5 किलो मुफ्त अनाज दिए जाने का उल्लेख।
UP के CM योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने बनारस के शुभारंभ कार्यक्रम में भाग लिया।
BJP का संकल्प — समाज के हर वर्ग को जोड़कर 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य साकार करना।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 24 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित 'समरसता संकल्प अभियान' के अंतर्गत पावन माटी कलश वंदन एवं वितरण कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मूल उद्देश्य संत शिरोमणि रविदास जी के सामाजिक समरसता, समानता और निष्काम कर्म के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना है और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर 2047 तक 'विकसित भारत' का सपना पूरा करना है।

अभियान का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

नवीन ने बताया कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर इस पवित्र अभियान का शुभारंभ किया गया था। उनके अनुसार, गुरुओं के आशीर्वाद से प्रारंभ किया गया यह अभियान संत रविदास की 650वीं जयंती से जुड़ा है और पूरी पार्टी इसे प्रधानमंत्री मोदी की सोच के साथ मना रही है।

उन्होंने उल्लेख किया कि बनारस में आयोजित प्रारंभिक कार्यक्रम में देश के सभी राज्यों से लोग एकत्र हुए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं उपस्थित होकर अभियान में सहभागिता की, जबकि केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने अभियान की विधिवत शुरुआत की।

संत रविदास की विरासत से जोड़ाव

BJP अध्यक्ष ने कहा कि जब समाज में ऊंच-नीच व्याप्त थी और कई कुप्रथाओं की जकड़न थी, तब संत शिरोमणि रविदास के विचारों ने सामाजिक समरसता की नींव रखी। उनके अनुसार, विदेशी आक्रमणों और धर्म परिवर्तन के दबाव के उस कठिन दौर में भी रविदास जी के संघर्ष ने भारतीय सनातन परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखा।

नवीन ने कहा, 'भाजपा उन्हीं के विचारों को लेकर इस समरसता संकल्प अभियान की शुरुआत कर रही है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत संतों की भूमि है और जब-जब देश पर संकट आया, संतों के आशीर्वाद ने मार्गदर्शन दिया।

विकास योजनाओं का उल्लेख

नवीन ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास योजनाएँ पहुँचाई जा रही हैं और आँकड़ों के अनुसार 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है। कोरोना काल में शुरू की गई 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक गरीब परिवार को 5 किलो अनाज मुफ्त पहुँचाने की व्यवस्था इसी समरसता के भाव का प्रतिबिंब है।

उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र को संतों और महापुरुषों की सीख का व्यावहारिक रूप बताया।

2047 के विकसित भारत का संकल्प

BJP अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी का संकल्प है कि समाज के हर वर्ग — चाहे वह किसी भी जाति, धर्म या क्षेत्र का हो — को साथ जोड़कर 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को साकार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन और संत रविदास के आदर्शों को मिलाकर देश के विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।

यह अभियान आने वाले हफ्तों में देशभर में और विस्तार पाएगा, जिसमें BJP के कार्यकर्ता वर्ग की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्वतंत्र अर्थशास्त्री इस पद्धति पर सवाल उठाते रहे हैं। रविदास की विरासत को BJP के विकास एजेंडे से जोड़ना एक राजनीतिक संदेश भी है — विपक्ष के दलित-केंद्रित आख्यान को काटने की कोशिश। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह अभियान ज़मीनी सामाजिक बदलाव लाता है या केवल चुनावी गोलबंदी तक सीमित रहता है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'समरसता संकल्प अभियान' क्या है?
यह BJP का एक राष्ट्रव्यापी सामाजिक अभियान है जो संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य रविदास जी के सामाजिक समरसता, समानता और निष्काम कर्म के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना और 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य से जोड़ना है।
इस अभियान की शुरुआत कब और कहाँ हुई?
अभियान की शुरुआत 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बनारस में हुई थी। उस कार्यक्रम में UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने भाग लिया था।
नितिन नवीन ने 'विकसित भारत 2047' के बारे में क्या कहा?
BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि पार्टी का संकल्प है कि समाज के हर वर्ग को साथ जोड़कर 2047 तक 'विकसित भारत' का सपना पूरा किया जाए। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी के विजन और संत रविदास के आदर्शों का संयुक्त रूप बताया।
25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का दावा किस आधार पर है?
नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है। यह दावा सरकारी आँकड़ों पर आधारित बताया जाता है; हालाँकि, इस पर स्वतंत्र विशेषज्ञों की अलग-अलग राय रही है।
संत रविदास का BJP के इस अभियान से क्या संबंध है?
संत शिरोमणि रविदास 15वीं-16वीं सदी के समाज-सुधारक संत थे जिन्होंने जाति-भेद के विरुद्ध आवाज़ उठाई और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। BJP इनकी 650वीं जयंती को अवसर मानते हुए उनके विचारों को अपने सामाजिक समरसता अभियान का आधार बना रही है।
राष्ट्र प्रेस
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