गुरु रविदास की जन्मस्थली से BJP का 'समरसता संकल्प अभियान' शुरू, 27 राज्यों में पहुंचेगी सीर गोवर्धनपुर की पावन माटी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 28 जुलाई 2026 को वाराणसी स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर से राष्ट्रव्यापी 'समरसता संकल्प अभियान' का विधिवत शुभारंभ किया। गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस अभियान के तहत जन्मस्थली की पवित्र माटी 131 कलशों में संग्रहित कर 27 राज्यों के प्रतिनिधियों के माध्यम से देशभर के 20 हजार से अधिक स्थानों तक पहुंचाई जाएगी।
अभियान का शुभारंभ और शोभायात्रा
कार्यक्रम की शुरुआत संत रविदास की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद रैदासी परंपरा के अनुसार जन्मस्थली की पवित्र माटी को 131 कलशों में भरकर विधि-विधान से पूजन किया गया। शोभायात्रा में सबसे आगे बैंड-बाजे, उनके पीछे सुसज्जित घोड़े और पारंपरिक पीले परिधान में 131 महिलाएं सिर पर कलश लेकर चलीं। यात्रा के अंत में फूलों से सजी बग्घी पर संत रविदास का चित्र आकर्षण का केंद्र रहा। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया।
अभियान का उद्देश्य और विस्तार
BJP के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने कहा कि इस अभियान का मूल उद्देश्य संत रविदास के सामाजिक समरसता, समानता, मानव गरिमा और 'बेगमपुरा' के विचार को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने ऐसे समाज की कल्पना की थी जहां भेदभाव, अन्याय और दुख का कोई स्थान न हो। अभियान 29 जुलाई से आरंभ होकर 20 फरवरी तक चलेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब अनुसूचित जाति समुदायों तक राजनीतिक पहुंच को लेकर प्रमुख दलों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। गौरतलब है कि संत रविदास की विरासत को केंद्र में रखकर इस पैमाने का राष्ट्रव्यापी अभियान BJP की ओर से पहली बार चलाया जा रहा है।
29 जुलाई को होगा कलश वितरण
तरुण चुघ ने बताया कि 29 जुलाई को BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की उपस्थिति में 27 राज्यों से आए प्रतिनिधियों को पवित्र माटी से भरे कलश सौंपे जाएंगे। इसके बाद प्रतिनिधि अपने-अपने राज्यों में संत रविदास के विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश का प्रसार करेंगे।
नेताओं के वक्तव्य
BJP अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा कि संत रविदास ने सामाजिक विषमता और जातिगत भेदभाव के दौर में समानता और मानव एकता का संदेश दिया। उन्होंने 'एकै माटी के सभ भांडे' की उक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विचार आज भी समाज को एकसूत्र में बांधने की प्रेरणा देता है।
BJP के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कहा कि संत रविदास किसी एक समाज या वर्ग के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के पथप्रदर्शक थे। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं वाराणसी के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि संत रविदास ने आत्मसम्मान और समानता का संदेश देकर समाज में नई चेतना का संचार किया। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि संत रविदास ने अपने पूरे जीवन में जातिवाद और छुआछूत के विरुद्ध संघर्ष करते हुए कर्म और मानवता को सर्वोच्च स्थान दिया।
आगे क्या होगा
कार्यक्रम में BJP के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। अभियान के माध्यम से पार्टी ने संत रविदास के विचारों को राष्ट्रीय स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया है। 20 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि 27 राज्यों में माटी और संदेश किस हद तक ज़मीनी स्तर पर पहुंच पाते हैं।