29 जुलाई 2026
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भदोही फिर बनेगा 'संत रविदास नगर': CM योगी का 650वीं जयंती वर्ष पर बड़ा ऐलान

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भदोही फिर बनेगा 'संत रविदास नगर': CM योगी का 650वीं जयंती वर्ष पर बड़ा ऐलान

सारांश

संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष पर CM योगी का बड़ा कदम — भदोही को फिर मिलेगा 'संत रविदास नगर' का नाम। सीर गोवर्धन जन्मस्थली से BJP का समरसता संकल्प अभियान शुरू, 131 कलशों में पवित्र मिट्टी देशभर के 20 हज़ार स्थानों तक पहुँचेगी।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 29 जुलाई 2026 को घोषणा की कि भदोही को पुनः 'संत रविदास नगर' नाम दिया जाएगा।
संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष पर BJP के 'समरसता संकल्प अभियान' का सीर गोवर्धन जन्मस्थली से शुभारंभ।
प्रदेश में महापुरुषों की बिना छतरी वाली प्रतिमाओं पर राज्य सरकार के खर्च पर छतरियाँ बनाई जाएंगी।
जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी 131 कलशों में संग्रहित; देशभर के 20 हज़ार से अधिक स्थानों तक पहुँचाई जाएगी।
CM ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से डॉ.
आंबेडकर का नाम हटाया था, जिसे उनकी सरकार ने बहाल किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 जुलाई 2026 को वाराणसी के सीर गोवर्धन स्थित संत रविदास जन्मस्थली से घोषणा की कि भदोही जिले को पुनः 'संत रविदास नगर' के नाम से जाना जाएगा। संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि इस दिशा में राज्य सरकार आवश्यक कार्रवाई शीघ्र आगे बढ़ाएगी।

समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'समरसता संकल्प अभियान' का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के अप्रतिम प्रतीक हैं। उनकी वाणी 'ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न...' आज भी सामाजिक न्याय का मार्ग प्रशस्त करती है।

पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप

योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम हटा दिया था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने वह नाम पुनः बहाल किया। साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने संत रविदास के नाम पर बने जिले का नाम भी बदल दिया था, जिसे अब दोबारा 'संत रविदास नगर' किया जाएगा।

महापुरुषों को सम्मान की श्रृंखला

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने जालंधर एयरपोर्ट का नाम संत गुरु रविदास और अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखकर महापुरुषों को सम्मान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि औरैया मेडिकल कॉलेज का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखा गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने बिना किसी भेदभाव के 81 करोड़ लोगों तक मुफ्त राशन पहुँचाकर संत रविदास के समरस समाज के विचार को धरातल पर उतारने का कार्य किया है — यह बात भी मुख्यमंत्री ने रेखांकित की।

प्रतिमाओं पर छतरी निर्माण की घोषणा

मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में जहाँ-जहाँ संत गुरु रविदास, महर्षि वाल्मीकि, डॉ. भीमराव आंबेडकर और सामाजिक न्याय से जुड़े महापुरुषों की प्रतिमाएँ बिना छतरी के स्थापित हैं, वहाँ राज्य सरकार अपने खर्च पर छतरियों का निर्माण कराएगी।

नेताओं के विचार और पवित्र मिट्टी का संकल्प

कार्यक्रम में BJP अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा कि संत रविदास ने विषमता से ग्रस्त समाज को समानता और भाईचारे का संदेश दिया। BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि संत रविदास के विचार आज भी सामाजिक परिवर्तन के प्रेरक हैं।

BJP के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने बताया कि संत रविदास की जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी को 131 कलशों में संग्रहित किया गया है और यह मिट्टी देशभर के 20 हज़ार से अधिक स्थानों तक पहुँचाई जाएगी, ताकि समरसता और सामाजिक एकता के संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके। यह कार्यक्रम संत रविदास की विरासत को जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में एक सुनियोजित कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पुनर्स्थापना है। BJP का 'समरसता' का नैरेटिव और पवित्र मिट्टी का 20 हज़ार स्थानों तक प्रसार एक व्यापक जनसंपर्क अभियान की शक्ल लेता दिख रहा है। असली कसौटी यह होगी कि क्या नामकरण से आगे बढ़कर संत रविदास से जुड़े समुदायों के लिए ठोस विकास कार्य भी होते हैं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भदोही का नाम 'संत रविदास नगर' क्यों रखा जा रहा है?
CM योगी आदित्यनाथ ने संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष पर यह ऐलान किया है। भदोही पहले 'संत रविदास नगर' के नाम से जाना जाता था, जिसे पूर्ववर्ती सरकार ने बदल दिया था; अब राज्य सरकार इसे पुनः बहाल करने की कार्रवाई करेगी।
समरसता संकल्प अभियान क्या है?
यह BJP द्वारा संत रविदास जन्मस्थली, सीर गोवर्धन (वाराणसी) से शुरू किया गया अभियान है, जिसका उद्देश्य संत रविदास के सामाजिक समरसता और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। इस अभियान के तहत जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी 131 कलशों में देशभर के 20 हज़ार से अधिक स्थानों पर भेजी जाएगी।
CM योगी ने समाजवादी पार्टी पर क्या आरोप लगाए?
CM योगी ने कहा कि पिछली समाजवादी पार्टी सरकार ने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम हटाया था और संत रविदास के नाम पर बने जिले का नाम भी बदल दिया था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आंबेडकर का नाम बहाल किया और अब भदोही को भी पुराना नाम वापस दिया जाएगा।
महापुरुषों की प्रतिमाओं पर छतरी निर्माण की घोषणा क्या है?
CM योगी ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में जहाँ भी संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि, डॉ. आंबेडकर और सामाजिक न्याय से जुड़े महापुरुषों की प्रतिमाएँ बिना छतरी के हैं, वहाँ राज्य सरकार अपने खर्च पर छतरियाँ बनवाएगी।
संत रविदास की 650वीं जयंती का क्या महत्व है?
संत शिरोमणि गुरु रविदास 15वीं-16वीं सदी के संत-कवि और समाज सुधारक थे, जिन्होंने जाति-भेद और सामाजिक विषमता के विरुद्ध आवाज़ उठाई। उनकी 650वीं जयंती वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम और नामकरण की घोषणा उनकी विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करने का प्रयास है।
राष्ट्र प्रेस
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