17 अक्टूबर 2026
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हरियाणा विधानसभा ने गुरु रविदास 650वें प्रकाश पर्व पर समरसता संकल्प अभियान प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया

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हरियाणा विधानसभा ने गुरु रविदास 650वें प्रकाश पर्व पर समरसता संकल्प अभियान प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया

सारांश

हरियाणा विधानसभा ने गुरु रविदास के 650वें प्रकाश पर्व पर राष्ट्रव्यापी समरसता अभियान का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। वाराणसी की पवित्र मिट्टी से शुरू हुई यह यात्रा जिला-गाँव स्तर तक पहुँच रही है और 20 फरवरी 2027 तक जारी रहेगी।

मुख्य बातें

हरियाणा विधानसभा ने 1 सितंबर 2026 को 'गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान' पर प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रस्ताव पेश किया; अभियान 29 जुलाई को शुरू होकर 20 फरवरी 2027 तक चलेगा।
कलश यात्रा वाराणसी के 'सर गोबरधन' से शुरू होकर 4 अगस्त को हरियाणा पहुँची; 5 अगस्त को गुरुग्राम में भव्य स्वागत हुआ।
समरसता यात्रा 5 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पूरे हरियाणा में जारी रहेगी; स्वागत द्वार और जनसभाएँ आयोजित होंगी।
26 नवंबर से 15 जनवरी 2027 तक कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में विशेष संवाद कार्यक्रम होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 फरवरी को डेरा सचखंड बल्लान में गुरु रविदास की 649वीं जयंती समारोह में भाग लिया था।

हरियाणा विधानसभा ने 1 सितंबर 2026 को संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित राष्ट्रव्यापी 'गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान' पर एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं यह प्रस्ताव सदन में पेश किया और सभी दलों ने इसका समर्थन किया।

अभियान का उद्देश्य और समयसीमा

मुख्यमंत्री सैनी ने सदन को बताया कि यह अभियान 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रारंभ हुआ और 20 फरवरी 2027 तक चलेगा। अभियान का मूल उद्देश्य गुरु रविदास के समानता, करुणा, सेवा, भक्ति, सामाजिक न्याय और सामाजिक सद्भाव के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना है। साथ ही विभिन्न समुदायों के बीच एकता और भाईचारे को और सुदृढ़ करना इसका प्रमुख लक्ष्य है।

गौरतलब है कि यह अभियान किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है — यह एक राष्ट्रव्यापी पहल है जिसमें देश भर के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि भागीदार हैं।

वाराणसी से हुई शुरुआत, हरियाणा तक पहुँची कलश यात्रा

मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत वाराणसी स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास की पवित्र जन्मस्थली 'सर गोबरधन' से की गई। वहाँ की पवित्र मिट्टी से भरे कलश का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया और फिर उसे देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को सौंपा गया।

यह कलश यात्रा 4 अगस्त को हरियाणा पहुँची। 5 अगस्त को गुरुग्राम के माता शीतला मंदिर परिसर में एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

ज़िला और ग्राम स्तर पर फैल रहा संदेश

हरियाणा में लाए गए कलश को जिला और गाँव के स्तर पर ले जाया जा रहा है। श्रद्धालु पवित्र मिट्टी को स्थानीय मंदिरों की मिट्टी में मिला रहे हैं और गुरु रविदास के सामाजिक सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुँचा रहे हैं। मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि समरसता यात्रा 5 अक्टूबर को हरियाणा में पुनः प्रवेश करेगी और 5 नवंबर तक जारी रहेगी।

यात्रा के मार्ग पर पूरे राज्य में स्वागत द्वार और स्वागत केंद्र स्थापित किए जाएँगे तथा जनसभाएँ भी आयोजित की जाएँगी।

युवाओं और शिक्षण संस्थानों तक पहुँच

26 नवंबर से 15 जनवरी 2027 तक छात्रावासों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। यह कदम अभियान को युवा पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

गुरु रविदास और राष्ट्रीय संदर्भ

मुख्यमंत्री सैनी ने स्मरण दिलाया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास का जन्म काशी के पवित्र नगर में माघ पूर्णिमा के अवसर पर हुआ था। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास का व्यक्तित्व पूर्णिमा के चंद्रमा की भाँति शांत और तेजस्वी था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु रविदास की 649वीं जयंती के अवसर पर 1 फरवरी को डेरा सचखंड बल्लान में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भाग लिया था। यह अभियान उसी राष्ट्रीय भावना की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या सामाजिक न्याय के ठोस नीतिगत कदमों में भी तब्दील होता है — जो गुरु रविदास की शिक्षाओं का वास्तविक सम्मान होगा।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान क्या है?
यह संत शिरोमणि गुरु रविदास के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित एक राष्ट्रव्यापी अभियान है, जो 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा से शुरू होकर 20 फरवरी 2027 तक चलेगा। इसका उद्देश्य गुरु रविदास के समानता, सामाजिक न्याय और सद्भाव के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना है।
हरियाणा विधानसभा ने यह प्रस्ताव कब और कैसे पारित किया?
1 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विधानसभा में यह प्रस्ताव पेश किया और इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। सभी दलों के सदस्यों ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
कलश यात्रा कहाँ से शुरू हुई और हरियाणा कब पहुँची?
कलश यात्रा वाराणसी स्थित गुरु रविदास की पवित्र जन्मस्थली 'सर गोबरधन' से शुरू हुई। यह यात्रा 4 अगस्त को हरियाणा पहुँची और 5 अगस्त को गुरुग्राम के माता शीतला मंदिर परिसर में भव्य स्वागत समारोह आयोजित हुआ।
हरियाणा में समरसता यात्रा का कार्यक्रम क्या है?
समरसता यात्रा 5 अक्टूबर को हरियाणा में प्रवेश करेगी और 5 नवंबर तक जारी रहेगी। इस दौरान पूरे राज्य में स्वागत द्वार, स्वागत केंद्र और जनसभाएँ आयोजित की जाएँगी।
युवाओं के लिए इस अभियान में क्या विशेष कार्यक्रम हैं?
26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक छात्रावासों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। यह पहल अभियान को युवा पीढ़ी से जोड़ने के लिए की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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