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नेपाल बाढ़: 5 और भारतीय नागरिक सुरक्षित, कुल 163 बचाए गए; 1,003 शव बरामद

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नेपाल बाढ़: 5 और भारतीय नागरिक सुरक्षित, कुल 163 बचाए गए; 1,003 शव बरामद

सारांश

नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में भारत का बचाव अभियान जारी है — 5 और नागरिक सुरक्षित, कुल 163 बचाए गए। चिलिमे सुरंग में दलदल और संकरी जगह से जूझते हुए भारतीय टीम आगे बढ़ रही है। नेपाल में 1,003 शव बरामद, 3,916 लापता।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय के अनुसार 5 और भारतीय नागरिक नेपाल बाढ़ से सुरक्षित निकाले गए; कुल संख्या 163 हुई।
चिलिमे जलविद्युत परियोजना की सुरंग में दलदली फर्श और सीमित जगह के बावजूद भारतीय टीम ने नवाचारी फ्लोट उपकरणों से अभियान जारी रखा।
भारत की फॉरेंसिक टीम नेपाल विशेषज्ञों के साथ डीएनए नमूनों की जाँच कर लापता लोगों की पहचान में मदद कर रही है।
राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण के अनुसार अब तक 1,003 शव बरामद; चितवन में सर्वाधिक 321 शव।
583 विदेशी नागरिकों सहित 3,916 लोग अब भी लापता; भोटेकोशी और त्रिशूली क्षेत्र की परियोजनाओं के 639 कर्मचारी संपर्क से बाहर।
151 भारतीय नागरिक मंगलवार को चीन से रवाना हुए।

विदेश मंत्रालय ने मंगलवार, 1 सितंबर को जानकारी दी कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच सोमवार के बाद 5 और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जिससे अब तक बचाए गए भारतीयों की कुल संख्या 163 हो गई है। बचाव अभियान बुधवार को भी जारी रहने की पुष्टि की गई है।

बचाव अभियान की मुख्य चुनौतियाँ

चिलिमे क्षेत्र स्थित जलविद्युत परियोजना की सुरंगों तक पहुँच बनाने के बाद भारतीय सुरंग बचाव दल को अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इनमें अत्यंत सीमित जगह, भौगोलिक बाधाओं के कारण विशेष उपकरणों के उपयोग में कठिनाई और सुरंग के भीतर दलदली फर्श जैसी स्थितियाँ प्रमुख रहीं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय टीम ने नवाचारपूर्ण तकनीकों और अस्थायी फ्लोट उपकरणों का उपयोग कर सुरंग के और गहरे हिस्से तक पहुँचने में सफलता हासिल की। यह ऑपरेशन बुधवार को भी जारी रहेगा।

फॉरेंसिक टीम का विस्तारित कार्य

भारत की फॉरेंसिक टीम ने मंगलवार को नेपाल के विशेषज्ञों के साथ मिलकर अपने कार्यों का दायरा बढ़ाया। टीम डीएनए नमूनों की जाँच और विश्लेषण में जुटी है, जिससे नेपाल में लापता व्यक्तियों की पहचान की प्रक्रिया तेज हो सकेगी। यह सहयोग दोनों देशों के बीच आपदा प्रबंधन में समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

नेपाल में तबाही का पैमाना

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मंगलवार तक 1,003 शव बरामद किए जा चुके हैं। सबसे अधिक 321 शव चितवन जिले से मिले हैं, जबकि नवलपरासी पूर्व जिले से 216 शव बरामद किए गए हैं।

प्राधिकरण के मुताबिक, 583 विदेशी नागरिकों सहित कुल 3,916 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल पुलिस और अन्य सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं — जो इस आपदा की गंभीरता को और रेखांकित करता है।

जलविद्युत परियोजनाओं में फँसे कर्मचारी

भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में स्थित विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत 639 कर्मचारी पिछले सप्ताह आई आपदा के बाद से अब तक संपर्क में नहीं आए हैं। गौरतलब है कि ये परियोजनाएँ दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित हैं, जहाँ बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है।

आगे क्या होगा

नेपाल सरकार ने पुष्टि की है कि प्रभावित जिलों में खोज, बचाव और राहत अभियान लगातार जारी हैं। उल्लेखनीय है कि 151 भारतीय नागरिक मंगलवार को चीन से भी रवाना हुए। बचाव अभियान की जटिलता और लापता लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए आने वाले दिनों में और अधिक संसाधन तैनात किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

916 लापता और 639 जलविद्युत कर्मचारियों के अब भी संपर्क से बाहर होने की तस्वीर यह भी बताती है कि दूरस्थ पहाड़ी परियोजनाओं में आपदा-पूर्व तैयारी और निकासी प्रोटोकॉल कितने कमज़ोर हैं। चितवन और नवलपरासी में शवों की संख्या बताती है कि यह केवल नदी-किनारे की बस्तियों की नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर बुनियादी ढाँचे की विफलता की कहानी है — जिस पर दीर्घकालिक नीतिगत संवाद अभी बाकी है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में अब तक कितने भारतीय नागरिक बचाए गए हैं?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 1 सितंबर तक कुल 163 भारतीय नागरिक नेपाल बाढ़ से सुरक्षित निकाले जा चुके हैं, जिनमें सोमवार के बाद बचाए गए 5 नागरिक भी शामिल हैं। बचाव अभियान बुधवार को भी जारी रहने की पुष्टि की गई है।
नेपाल बाढ़ में कुल कितने लोगों की मौत हुई है?
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार मंगलवार तक 1,003 शव बरामद किए जा चुके हैं। सबसे अधिक 321 शव चितवन जिले से और 216 शव नवलपरासी पूर्व जिले से मिले हैं।
चिलिमे सुरंग बचाव अभियान में क्या चुनौतियाँ हैं?
भारतीय सुरंग बचाव दल को चिलिमे जलविद्युत परियोजना की सुरंगों में अत्यंत सीमित जगह, विशेष उपकरणों के उपयोग में बाधा और दलदली फर्श जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। टीम ने नवाचारी फ्लोट उपकरणों से सुरंग के गहरे हिस्से तक पहुँचने में सफलता पाई है।
नेपाल बाढ़ में कितने लोग अब भी लापता हैं?
प्राधिकरण के अनुसार 583 विदेशी नागरिकों सहित कुल 3,916 लोग अब भी लापता हैं। इनमें नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं। भोटेकोशी और त्रिशूली क्षेत्र की जलविद्युत परियोजनाओं के 639 कर्मचारी भी संपर्क से बाहर हैं।
भारत नेपाल बाढ़ राहत में किस तरह मदद कर रहा है?
भारत ने सुरंग बचाव दल और फॉरेंसिक टीम तैनात की है। फॉरेंसिक टीम नेपाल के विशेषज्ञों के साथ मिलकर डीएनए नमूनों की जाँच कर रही है, जिससे लापता लोगों की पहचान प्रक्रिया तेज हो सके। यह अभियान द्विपक्षीय आपदा प्रबंधन सहयोग का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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