नेपाल बाढ़: 5 और भारतीय नागरिक सुरक्षित, कुल 163 बचाए गए; 1,003 शव बरामद
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार, 1 सितंबर को जानकारी दी कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच सोमवार के बाद 5 और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जिससे अब तक बचाए गए भारतीयों की कुल संख्या 163 हो गई है। बचाव अभियान बुधवार को भी जारी रहने की पुष्टि की गई है।
बचाव अभियान की मुख्य चुनौतियाँ
चिलिमे क्षेत्र स्थित जलविद्युत परियोजना की सुरंगों तक पहुँच बनाने के बाद भारतीय सुरंग बचाव दल को अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इनमें अत्यंत सीमित जगह, भौगोलिक बाधाओं के कारण विशेष उपकरणों के उपयोग में कठिनाई और सुरंग के भीतर दलदली फर्श जैसी स्थितियाँ प्रमुख रहीं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय टीम ने नवाचारपूर्ण तकनीकों और अस्थायी फ्लोट उपकरणों का उपयोग कर सुरंग के और गहरे हिस्से तक पहुँचने में सफलता हासिल की। यह ऑपरेशन बुधवार को भी जारी रहेगा।
फॉरेंसिक टीम का विस्तारित कार्य
भारत की फॉरेंसिक टीम ने मंगलवार को नेपाल के विशेषज्ञों के साथ मिलकर अपने कार्यों का दायरा बढ़ाया। टीम डीएनए नमूनों की जाँच और विश्लेषण में जुटी है, जिससे नेपाल में लापता व्यक्तियों की पहचान की प्रक्रिया तेज हो सकेगी। यह सहयोग दोनों देशों के बीच आपदा प्रबंधन में समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
नेपाल में तबाही का पैमाना
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मंगलवार तक 1,003 शव बरामद किए जा चुके हैं। सबसे अधिक 321 शव चितवन जिले से मिले हैं, जबकि नवलपरासी पूर्व जिले से 216 शव बरामद किए गए हैं।
प्राधिकरण के मुताबिक, 583 विदेशी नागरिकों सहित कुल 3,916 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल पुलिस और अन्य सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं — जो इस आपदा की गंभीरता को और रेखांकित करता है।
जलविद्युत परियोजनाओं में फँसे कर्मचारी
भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में स्थित विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत 639 कर्मचारी पिछले सप्ताह आई आपदा के बाद से अब तक संपर्क में नहीं आए हैं। गौरतलब है कि ये परियोजनाएँ दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित हैं, जहाँ बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है।
आगे क्या होगा
नेपाल सरकार ने पुष्टि की है कि प्रभावित जिलों में खोज, बचाव और राहत अभियान लगातार जारी हैं। उल्लेखनीय है कि 151 भारतीय नागरिक मंगलवार को चीन से भी रवाना हुए। बचाव अभियान की जटिलता और लापता लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए आने वाले दिनों में और अधिक संसाधन तैनात किए जाने की संभावना है।