31 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नेपाल बाढ़: भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने चिलिमे-लांगटांग सुरंगों में शुरू किया बचाव अभियान, 897 लोग अब भी लापता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नेपाल बाढ़: भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने चिलिमे-लांगटांग सुरंगों में शुरू किया बचाव अभियान, 897 लोग अब भी लापता

सारांश

भोटेकोशी बाढ़ ने नेपाल की 11 जलविद्युत परियोजनाओं को तबाह कर दिया और 897 लोगों को लापता कर दिया। भारतीय टनल रेस्क्यू टीम हेलीकॉप्टर सर्वेक्षण और भारी मशीनरी के साथ चिलिमे-लांगटांग सुरंगों में नेपाली सेना के साथ मिलकर जीवित बचे लोगों की तलाश में जुटी है।

मुख्य बातें

भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने नेपाली सेना के साथ चिलिमे और लांगटांग जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में बचाव अभियान शुरू किया।
IPPAN के अनुसार रसुवा और नुवाकोट की 11 परियोजनाओं में 897 लोग अभी भी लापता हैं।
NDRRMA के मुताबिक रविवार को 7 भारतीय और 15 चीनी नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया।
चिलिमे परियोजना में दूसरी बाढ़ आने से बचाव कार्य अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
भारतीय टीम ने हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण कर पंप और एक्सकेवेटर मौके पर पहुंचाए।

नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत की टनल रेस्क्यू टीम ने 31 अगस्त को चिलिमे और लांगटांग क्षेत्रों में स्थित जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए नेपाली सेना के साथ मिलकर खोज और बचाव अभियान तेज़ कर दिया है। इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन नेपाल (IPPAN) के अनुसार, बाढ़ प्रभावित रसुवा और नुवाकोट जिलों में 11 जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले 897 लोगों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है।

बचाव अभियान का विवरण

भारतीय दूतावास, काठमांडू ने सोमवार को बताया कि भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने हेलीकॉप्टर से चिलिमे और लांगटांग क्षेत्रों का प्रारंभिक हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद पंप और एक्सकेवेटर (खुदाई मशीनें) मौके पर पहुंचाकर बचाव कार्य आरंभ किया गया। दूतावास ने स्पष्ट किया कि भारतीय टीम आगे भी नेपाली सेना के साथ करीबी समन्वय में खोज और बचाव अभियान जारी रखेगी।

नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री के सचिवालय ने पुष्टि की कि भारतीय टीम ने आवश्यकता के अनुसार आगे भी अभियान चलाने की योजना बनाई है। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल सरकार ने स्वयं भारत और चीन दोनों से सुरंग विशेषज्ञों को बुलाया है।

चिलिमे परियोजना में बाधा

IPPAN के अनुसार, रविवार को रसुवा में स्थित 22 मेगावाट क्षमता वाली चिलिमे जलविद्युत परियोजना में चल रहा बचाव अभियान उस समय अस्थायी रूप से रोकना पड़ा जब एक और बाढ़ आई और बांध क्षेत्र में पिछली बाढ़ से बची हुई संरचनाओं को भी बहा ले गई। यह स्थिति बचाव दल के लिए गंभीर चुनौती बन गई।

नेपाल के प्रधानमंत्री बलेन्द्र शाह ने रविवार देर रात एक फेसबुक पोस्ट में कहा, "रसुवा की लांगटांग खोला जलविद्युत परियोजना में नेपाल सेना ने खोज और बचाव गश्त अभियान चलाया। भारतीय टीम ने भी नेपाल सेना के साथ मिलकर इलाके का निरीक्षण किया है और पंप तथा एक्सकेवेटर वहां पहुंचाने के बाद अतिरिक्त बचाव कार्य शुरू कर दिया है।"

बचाए गए नागरिक

नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक, जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे 7 भारतीय और 15 चीनी नागरिकों को रविवार को सुरक्षित बचा लिया गया। गौरतलब है कि नेपाल सरकार के अनुरोध पर भारत और चीन दोनों देशों के सुरंग विशेषज्ञ काठमांडू पहुंचे हैं और बचाव कार्य में सक्रिय हैं।

व्यापक प्रभाव और आगे की स्थिति

IPPAN के अनुसार, रसुवा और नुवाकोट जिलों की 11 जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत 897 लोग अभी भी लापता हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। यह संख्या इस आपदा की गंभीरता को रेखांकित करती है। भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने निजी क्षेत्र की कई जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय, चीनी और नेपाली श्रमिक कार्यरत थे। बचाव अभियान तब तक जारी रहने की उम्मीद है जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अक्सर दूरदराज़ की सुरंगों में न्यूनतम आपातकालीन बुनियादी ढाँचे के साथ काम करते हैं। भारत और चीन का एक साथ बचाव में उतरना क्षेत्रीय सहयोग का सकारात्मक संकेत है, लेकिन असली सवाल यह है कि इन परियोजनाओं में बाढ़-पूर्व चेतावनी और निकासी प्रोटोकॉल क्यों नाकाफी साबित हुए।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल की बाढ़ में कितने लोग लापता हैं?
IPPAN के अनुसार, रसुवा और नुवाकोट जिलों की 11 जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले 897 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें भारतीय, चीनी और नेपाली नागरिक शामिल हैं।
भारतीय टनल रेस्क्यू टीम नेपाल में क्या कर रही है?
भारतीय टनल रेस्क्यू टीम नेपाल सरकार के अनुरोध पर काठमांडू पहुंची है और नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग क्षेत्रों की जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में खोज और बचाव अभियान चला रही है। टीम ने हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण किया और पंप व एक्सकेवेटर मौके पर पहुंचाए हैं।
चिलिमे जलविद्युत परियोजना में बचाव क्यों रोकना पड़ा?
IPPAN के अनुसार, रसुवा में स्थित 22 मेगावाट की चिलिमे परियोजना में रविवार को एक और बाढ़ आई, जिसने बांध क्षेत्र में पहले से बची हुई संरचनाओं को भी बहा दिया। इस कारण बचाव अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
नेपाल बाढ़ में कितने भारतीय नागरिक बचाए गए?
NDRRMA के मुताबिक रविवार को जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे 7 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया। इसके साथ ही 15 चीनी नागरिकों को भी उसी दिन बाहर निकाला गया।
भोटेकोशी नदी की बाढ़ से कौन-से क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए?
भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जहाँ 11 जलविद्युत परियोजनाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। चिलिमे और लांगटांग क्षेत्रों में बचाव अभियान जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 14 घंटे पहले
  2. कल
  3. कल
  4. कल
  5. 3 दिन पहले
  6. 4 दिन पहले
  7. 4 दिन पहले
  8. 4 दिन पहले