संत रविदास के विचार जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प: विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने 25 अगस्त 2026 को जबलपुर के शांति नगर में आयोजित संत शिरोमणि रविदास महाराज की कलश वंदन यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि महान संत के विचारों, आदर्शों और सामाजिक समरसता के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से इस संकल्प को अपने जीवन में उतारने का आग्रह किया।
कलश वंदन यात्रा का उद्देश्य
जबलपुर के मध्य विधानसभा क्षेत्र के शांति नगर में आयोजित इस कलश वंदन यात्रा का मुख्य उद्देश्य संत रविदास के विचारों और उनके सामाजिक संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक प्रसारित करना बताया गया। तोमर ने कहा कि संत रविदास ने एक सामान्य परिवार में जन्म लेकर अपने जीवन, आचरण और विचारों के माध्यम से समाज को समानता, सद्भाव और सामाजिक समरसता का अमूल्य संदेश दिया।
संत रविदास की प्रासंगिकता
विधानसभा अध्यक्ष ने इस बात पर बल दिया कि संत रविदास द्वारा दिखाया गया मार्ग आज के युग में भी उतना ही प्रासंगिक है जितना सदियों पहले था। उनके विचार समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त कर समानता और आपसी भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं। तोमर ने कहा कि संत रविदास के बताए मार्ग पर चलकर समाज को बेहतर दिशा दी जा सकती है और प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है।
जनसमुदाय से आह्वान
विधानसभा अध्यक्ष ने उपस्थित जनसमुदाय से संत रविदास जी के आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता के माध्यम से ही समाज में परस्पर मेलजोल और एकता को बढ़ाया जा सकता है। उनके अनुसार, सद्भाव एवं भाईचारे की भावना को मजबूत करना ही संत रविदास को सच्ची श्रद्धांजलि है।
सामाजिक समरसता का संदेश
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब देशभर में सामाजिक एकता और समभाव के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के प्रयास तेज हो रहे हैं। गौरतलब है कि संत रविदास की शिक्षाएँ — जो 15वीं-16वीं शताब्दी में दी गई थीं — आज भी सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा के संदर्भ में व्यापक रूप से उद्धृत की जाती हैं। आगे भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से उनके विचारों के प्रसार की उम्मीद जताई जा रही है।