संत रविदास जयंती: नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना यात्रा में शामिल, ग्वालियर-कोटा ब्रॉड गेज को बताया ऐतिहासिक
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर गुरुवार, 20 अगस्त को मुरैना में आयोजित संत रविदास जयंती समारोह में सम्मिलित हुए और संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निकाली जा रही विशेष यात्रा में भी भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने संत रविदास को समाज की प्रेरणाशक्ति बताते हुए उनके सामाजिक समरसता के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया।
मुरैना में यात्रा और समारोह
ग्वालियर में पत्रकारों से बात करते हुए नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'आज परम पूज्य रविदासजी को स्मरण करने के लिए पूरे प्रदेश भर में उल्लास से लोग इकट्ठा हैं। मैं भी मुरैना में उनके विचारों को आम जनता तक पहुँचाने के लिए जो यात्रा का आयोजन किया जा रहा है उसमें पहुँच रहा हूँ।' मुरैना में इस अवसर पर शोभायात्रा और विचार गोष्ठियों का भी आयोजन किया गया, जिनका उद्देश्य संत रविदास के समानता और भाईचारे के संदेश को व्यापक जनसमुदाय तक पहुँचाना था।
संत रविदास: प्रेरणा और मार्गदर्शन
विधानसभा अध्यक्ष ने संत रविदास को पूरे प्रदेश की प्रेरणा निरूपित किया। उन्होंने कहा, 'संत रविदास जी हम सबकी प्रेरणा हैं और हमारे जीवन का मार्ग प्रशस्त करने वाले हैं। मैं इस अवसर पर उनके चरणों में प्रणाम करता हूँ और प्रार्थना करता हूँ कि प्रभु हम सबको शक्ति दे कि हम संत रविदास जी के बताए हुए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक कर सकें।' गौरतलब है कि संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में इस वर्ष मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई।
ग्वालियर-कोटा रेल परियोजना: क्षेत्र के लिए नई उम्मीद
समारोह के दौरान नरेंद्र सिंह तोमर ने ग्वालियर से कोटा तक रेल लाइन के नैरो गेज से ब्रॉड गेज में परिवर्तन को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, 'ग्वालियर से श्योपुर और श्योपुर से कोटा तक विस्तार — यह नैरो गेज, ब्रॉड गेज में परिवर्तित हो रही है। यह हम सबके लिए सौभाग्य और प्रसन्नता का विषय है।'
सौ से अधिक गाँवों को होगा लाभ
तोमर ने इस रेल परियोजना के व्यापक प्रभाव की चर्चा करते हुए कहा कि इससे पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। उनके अनुसार, 'इससे इस समूचे क्षेत्र का विकास होगा। यहाँ यातायात की सुविधा तो बढ़ेगी ही, लेकिन साथ ही साथ व्यापार भी बढ़ेगा और क्षेत्र के सौ से अधिक गाँवों को लाभ मिलेगा।' यह परियोजना ग्वालियर-चंबल संभाग के दूरदराज के इलाकों को मुख्यधारा की रेल संपर्क व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।