18 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या नोएडा में मोबाइल टॉवर से चोरी करने वाला गिरोह गिरफ्तार हुआ है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या नोएडा में मोबाइल टॉवर से चोरी करने वाला गिरोह गिरफ्तार हुआ है?

सारांश

ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने मोबाइल टॉवर से कीमती उपकरण चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी के साथ-साथ चोरी किए गए उपकरणों और अवैध हथियार भी बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई पुलिस की तत्परता का एक उदाहरण है।

मुख्य बातें

मोबाइल टॉवर से चोरी की गई सामग्री की सुरक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
पुलिस की सक्रियता से अपराधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
अवैध हथियारों की मौजूदगी अपराधियों के लिए खतरा पैदा करती है।

ग्रेटर नोएडा, 23 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्धनगर जनपद के दादरी थाना पुलिस ने मोबाइल टॉवर से कीमती उपकरण चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए दो आरआरयू (रिमोट रेडियो यूनिट) के साथ एक तमंचा, जिंदा कारतूस और एक अवैध चाकू भी बरामद किया है। यह कार्रवाई 23 दिसंबर को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। थाना दादरी पुलिस को सूचना मिली थी कि मोबाइल टावरों से आरआरयू चोरी करने वाला गिरोह सक्रिय है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर डिलाइट पैलेस, घोड़ी बछेड़ा के पास से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राहुल शर्मा पुत्र सुरेश चन्द शर्मा, रोहित बंसल पुत्र लीलू उर्फ लोकेश और अनुज कुमार पुत्र देवीशरण के रूप में हुई है। पुलिस तलाशी में अभियुक्त राहुल शर्मा के कब्जे से एक तमंचा और एक जिंदा कारतूस (.315 बोर) बरामद हुआ, जबकि रोहित बंसल के पास से एक अवैध चाकू मिला। इसके अलावा तीनों अभियुक्तों के कब्जे से चोरी किए गए दो मोबाइल टॉवर आरआरयू भी बरामद किए गए, जिन्हें एक निजी कंपनी के टॉवर से चोरी किया गया था।

पूछताछ के दौरान पता चला है कि तीनों एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। दिन के समय वे विभिन्न इलाकों में लगे मोबाइल टावरों की रेकी करते थे और रात के अंधेरे में टावरों पर चढ़कर आरआरयू जैसे महंगे उपकरण चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए उपकरणों को बेचकर वे उससे मिलने वाली रकम अपने शौक-मौज और खर्चों में उड़ा देते थे। पकड़े जाने के डर से वे अपने पास अवैध हथियार भी रखते थे।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी बेहद लंबा है। अभियुक्त राहुल शर्मा के खिलाफ गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट और बीएनएस की कई धाराओं में करीब नौ मुकदमे दर्ज हैं। वहीं रोहित बंसल के खिलाफ भी कासना और सूरजपुर थानों में चोरी व अवैध हथियारों से संबंधित चार मुकदमे दर्ज हैं। तीसरे अभियुक्त अनुज कुमार के खिलाफ भी पूर्व में चोरी का मामला दर्ज पाया गया है।

इस संबंध में थाना दादरी में मुकदमा पंजीकृत कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से मोबाइल टॉवर चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा और अन्य वारदातों के खुलासे की भी उम्मीद है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान क्या है?
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राहुल शर्मा, रोहित बंसल और अनुज कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने चोरी किए गए दो आरआरयू, एक तमंचा, जिंदा कारतूस और एक अवैध चाकू बरामद किया।
गिरोह की कार्यप्रणाली क्या थी?
यह गिरोह दिन के समय मोबाइल टावरों की रेकी करता था और रात में टावरों पर चढ़कर महंगे उपकरण चोरी कर लेता था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले