क्या नोएडा के नए सीईओ ने शहर की सफाई, सड़कों, सीवर और अतिक्रमण पर सख्त निर्देश दिए?
सारांश
Key Takeaways
- सीईओ ने 65 असुरक्षित प्वाइंट्स की पहचान की।
- सड़क मरम्मत कार्य मार्च से शुरू होगा।
- जन स्वास्थ्य विभाग में 20 सेनेटरी इंस्पेक्टरों की नियुक्ति की जाएगी।
- कम्युनिटी टॉयलेट का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
- अवैध अतिक्रमण पर लगातार कार्रवाई होगी।
नोएडा, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा प्राधिकरण के नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश ने सभी विभागों के कार्यों की व्यापक समीक्षा बैठकों का आयोजन किया। इसमें अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल, महाप्रबंधक (सिविल/उद्यान/जन स्वास्थ्य), महाप्रबंधक (जल/विद्युत एवं यांत्रिकी), उप महाप्रबंधक, और सभी वरिष्ठ प्रबंधक तथा वर्क सर्किल, उद्यान और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
बैठक के दौरान, सीईओ ने शहर की बुनियादी सुविधाओं, सफाई, सड़क, सीवर, जलापूर्ति और अतिक्रमण से संबंधित मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान नोएडा क्षेत्र में लगभग 65 छोटे-बड़े असुरक्षित प्वाइंट्स चिन्हित किए गए हैं। जिन बिंदुओं पर प्राधिकरण को सीधे कार्रवाई करनी है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
अन्य विभागों से संबंधित मुद्दों पर 20 फरवरी तक नोटिस जारी कर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नोएडा में कई सड़कें ऐसी हैं जिन पर पिछले 4-5 वर्षों से ब्लैक टॉप नहीं हुआ है और सड़क की सतह खराब हो चुकी है। ऐसे सभी मार्गों का आकलन कर मार्च के पहले सप्ताह से मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर के नालियों में बहने की समस्या को गंभीर मानते हुए 10 दिनों के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ईओआई आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही, वर्तमान में किसी एजेंसी द्वारा कम्युनिटी टॉयलेट का रखरखाव न होने पर नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह में बोट मॉडल के माध्यम से टेंडर जारी कर सभी टॉयलेट का संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया। सीईओ ने अवरुद्ध लेफ्ट टर्न की समस्या पर भी सख्त रुख अपनाते हुए एक माह के भीतर निविदा प्रक्रिया पूरी कर उन्हें सुचारू कराने के निर्देश दिए। सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग में सेनेटरी इंस्पेक्टरों की कमी को देखते हुए जेम पोर्टल के माध्यम से 20 सेनेटरी इंस्पेक्टरों की नियुक्ति के आदेश दिए गए।
अवैध रेहड़ी-पटरी और अतिक्रमण पर निरंतर कार्रवाई करने, लाइसेंसधारी वेंडरों को निर्धारित वेंडिंग जोन में ही स्थापित करने तथा हर वर्क सर्किल को एक-एक जेसीबी और डंपर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जल विभाग को गांवों में सीवर ओवरफ्लो की स्थायी समस्या के समाधान के लिए 12 गांवों में संपवेल निर्माण के निर्देश दिए गए।
साथ ही गिझौड़, सर्फाबाद और ममूरा में बढ़ती आबादी को देखते हुए नए भूमिगत जलाशयों के निर्माण की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया। बैठक के अंत में सीईओ ने स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही या शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।