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क्या नोएडा प्राधिकरण 406 जर्जर आवासों को तोड़ने जा रहा है?

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क्या नोएडा प्राधिकरण 406 जर्जर आवासों को तोड़ने जा रहा है?

सारांश

नोएडा प्राधिकरण ने 406 जर्जर आवासों को तोड़ने का फैसला किया है। आईआईटी रुड़की के सर्वे में इनकी खतरनाक स्थिति का पता चला है। प्राधिकरण ने इन आवासों को खाली कराने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। जानें इस फैसले के पीछे का कारण और कर्मचारियों की चिंताएं।

मुख्य बातें

406 जर्जर आवास को तोड़ने का निर्णय लिया गया है।
आईआईटी रुड़की ने इनकी खतरनाक स्थिति की पुष्टि की है।
प्राधिकरण ने नोटिस जारी किए हैं।
खाली करने में विफलता पर जिम्मेदारी स्वयं की होगी।
जानकारी के अनुसार वैकल्पिक आवास की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।

नोएडा, 12 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा प्राधिकरण ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के पुराने आवासों को तोड़ने का निर्णय लिया है। ये आवास, जो लगभग 35-40 सालजर्जर स्थिति में हैं। आईआईटी रुड़की द्वारा कराए गए सर्वे में इन इमारतों को खतरनाक बताया गया है और भूकंप आने पर गिरने की संभावना व्यक्त की गई है।

प्राधिकरण ने सभी जर्जर आवास खाली कराने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं।

सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन से जारी नोटिस के अनुसार, सेक्टर-25, सेक्टर-27 और सेक्टर-37 में बने स्टाफ भवनों की स्थिति अत्यंत खराब है। इन बहुमंजिला भवनों के छत पर पैरापेट वॉल, छज्जे आदि क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

कई स्थानों पर टूटे हिस्से गिरने की घटनाएं भी घटित हुई हैं। वर्क सर्किल-02 की रिपोर्ट के आधार पर आईआईटी रुड़की ने जांच की, जिसमें पाया गया कि ये इमारतें भूकंप या अन्य आपदाओं के दौरान ढह सकती हैं। वर्तमान में इनमें निवास करना या भार बढ़ाना असुरक्षित है। नोटिस में कहा गया है कि आवंटित भवनों को तुरंत खाली करें, अन्यथा किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी स्वयं की होगी।

सेक्टर-27 में 178, सेक्टर-25 में 100 और सेक्टर-37 में 128 स्टाफ आवास प्रभावित हैं। कुल मिलाकर 406 जर्जर आवास खाली कराए जाएंगे। इसके अलावा, सेक्टर-19 और 20 में प्राधिकरण के दफ्तर भी खाली कराए जा रहे हैं। इन कार्यालयों को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। जीएम एसपी सिंह ने बताया कि सर्वे के बाद नोटिस जारी किए जा रहे हैं। खाली करने के बाद इन भवनों को ध्वस्त कर नए निर्माण की योजना बनाई जाएगी।

प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नोएडा में मकानों का किराया अधिक होने के कारण कर्मचारी चिंतित हैं, लेकिन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

प्राधिकरण कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था पर विचार कर रहा है। सहायक महाप्रबंधक (स्टाफ भवन) को नोटिस की प्रतियां चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ प्रबंधक वर्क सर्किल-02 को भी सूचित किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी ध्यान देने योग्य है कि कर्मचारियों को वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उनकी चिंता को कम किया जा सके। यह कदम नोएडा में आवासीय संकट को और बढ़ा सकता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा प्राधिकरण के जर्जर आवास कब तोड़े जाएंगे?
जर्जर आवासों को तुरंत खाली कराने के नोटिस जारी किए गए हैं, और इन्हें तोड़ने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
आईआईटी रुड़की ने इन भवनों के बारे में क्या कहा?
आईआईटी रुड़की के सर्वे में इन भवनों को खतरनाक बताया गया है और भूकंप के दौरान गिरने की आशंका जताई गई है।
कितने आवास प्रभावित हैं?
कुल 406 जर्जर आवास प्रभावित हैं, जिनमें सेक्टर-25, 27 और 37 के भवन शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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