2 अक्टूबर 2026
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गांधी जयंती 2026: मोहन माझी बोले — महात्मा गांधी और शास्त्री का त्याग सदा प्रेरणा देता रहेगा

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गांधी जयंती 2026: मोहन माझी बोले — महात्मा गांधी और शास्त्री का त्याग सदा प्रेरणा देता रहेगा

सारांश

गांधी-शास्त्री जयंती पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी ने भुवनेश्वर में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गांधीजी का स्वच्छता और स्वदेशी का स्वप्न 'आत्मनिर्भर भारत' में जीवित है, और शास्त्री जी की सादगी व 'जय जवान, जय किसान' की भावना आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।

मुख्य बातें

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 2 अक्टूबर 2026 को ओडिशा विधानसभा परिसर में गांधी-शास्त्री जयंती समारोह में श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति , विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी और दोनों उपमुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में मौजूद रहे।
माझी ने गांधीजी के स्वच्छता, स्वदेशी और अंत्योदय के स्वप्न को 'आत्मनिर्भर भारत' से जोड़ा।
शास्त्री जी के 'जय जवान, जय किसान' नारे और सादे जीवन को राष्ट्रीय आदर्श बताया गया।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सर्वधर्म प्रार्थना सभा और 'राम धुन' का आयोजन किया।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 2 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में आयोजित एक राजकीय समारोह में कहा कि महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का अतुलनीय त्याग, नैतिक मूल्य और राष्ट्रसेवा की भावना प्रत्येक भारतीय को युगों-युगों तक प्रेरित करती रहेगी। ओडिशा विधानसभा परिसर में आयोजित गांधी-शास्त्री जयंती समारोह में माझी ने दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

समारोह में कौन-कौन रहे उपस्थित

कार्यक्रम में राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति, विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी, उपमुख्यमंत्री कनकवर्धन सिंह देव और प्रवती परिडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी, कानून एवं आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग सहित विधायक और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। ओडिशा के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया और गांधीजी की प्रिय भक्ति धुन 'राम धुन' प्रस्तुत की गई।

गांधीजी की विरासत पर मुख्यमंत्री के विचार

मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि महात्मा गांधी ने भारत को स्वाधीनता दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई और सत्याग्रह तथा असहयोग जैसे अपने महान विचारों से समूची दुनिया को एक नई दिशा दिखाई। उन्होंने कहा कि गांधीजी का मुख्य स्वप्न समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की सेवा, स्वच्छता और स्वदेशी को अपनाना था।

माझी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गांधीजी का यह स्वप्न साकार हो रहा है, जहाँ स्वच्छता एक जन आंदोलन बन चुकी है और स्वदेशी का मंत्र 'आत्मनिर्भर भारत' की नींव बन रहा है।

शास्त्री जी की विरासत और 'जय जवान, जय किसान'

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को शांति का प्रतीक बताया और कहा कि उनका सादा जीवन, उच्च विचार तथा ईमानदारी पूरे समाज के लिए एक आदर्श उदाहरण है। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी के 'जय जवान, जय किसान' के नारे ने देश के हर नागरिक में नवीन ऊर्जा और उत्साह का संचार किया था।

अंत्योदय और विकसित ओडिशा का संकल्प

माझी ने 'अंत्योदय योजना' का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज के सबसे वंचित वर्ग तक विकास का लाभ पहुँचाने के इस प्रयास में गांधीजी की दर्शन की झलक मिलती है। उन्होंने संकल्प लिया कि गांधीजी के सत्य-अहिंसा के सिद्धांत और शास्त्री जी की कर्तव्यनिष्ठा को आदर्श मानते हुए राज्य सरकार 'समृद्ध ओडिशा' और 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।

आगे का संदेश

यह समारोह ऐसे समय में हुआ जब देशभर में गांधी जयंती को राष्ट्रीय संकल्प दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री माझी का यह संबोधन राज्य की विकास नीतियों को राष्ट्रपिता की विचारधारा से जोड़ने के ओडिशा सरकार के प्रयासों का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इन आदर्शों के व्यावहारिक क्रियान्वयन की कसौटी राज्य के वंचित वर्गों की वास्तविक स्थिति से ही तय होगी।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में गांधी-शास्त्री जयंती समारोह 2026 कहाँ हुआ?
यह समारोह 2 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर स्थित ओडिशा विधानसभा परिसर में आयोजित हुआ। इसमें मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति और विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी सहित राज्य के वरिष्ठ मंत्री एवं नेता उपस्थित रहे।
CM माझी ने महात्मा गांधी के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि गांधीजी ने सत्याग्रह और असहयोग के जरिए न केवल भारत को स्वाधीनता दिलाई, बल्कि विश्व को नई दिशा दी। उन्होंने गांधीजी के स्वच्छता, स्वदेशी और समाज की अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की सेवा के स्वप्न को 'आत्मनिर्भर भारत' से जोड़ा।
माझी ने लाल बहादुर शास्त्री को किस रूप में याद किया?
मुख्यमंत्री माझी ने शास्त्री जी को शांति का प्रतीक बताया और उनके सादे जीवन, उच्च विचार और ईमानदारी को समाज के लिए आदर्श उदाहरण कहा। उन्होंने 'जय जवान, जय किसान' के नारे को राष्ट्रीय ऊर्जा का स्रोत बताया।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन सी गतिविधियाँ हुईं?
ओडिशा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया और गांधीजी की प्रिय भक्ति धुन 'राम धुन' प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में दोनों उपमुख्यमंत्रियों सहित कई वरिष्ठ मंत्री और विधायक भी शामिल हुए।
माझी ने 'समृद्ध ओडिशा' और 'विकसित भारत' का उल्लेख क्यों किया?
मुख्यमंत्री माझी ने संकल्प व्यक्त किया कि गांधीजी के सत्य-अहिंसा के सिद्धांत और शास्त्री जी की कर्तव्यनिष्ठा को आदर्श मानकर राज्य सरकार 'समृद्ध ओडिशा' और 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करेगी। यह राज्य की विकास नीतियों को राष्ट्रीय आदर्शों से जोड़ने का प्रयास है।
राष्ट्र प्रेस
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