1 अक्टूबर 2026
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उदयगिरि-खंडगिरि में CM माझी ने की सफाई, भुवनेश्वर को टॉप स्वच्छ शहर बनाने का संकल्प

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उदयगिरि-खंडगिरि में CM माझी ने की सफाई, भुवनेश्वर को टॉप स्वच्छ शहर बनाने का संकल्प

सारांश

ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी ने स्वयं झाड़ू उठाई — उदयगिरि-खंडगिरि जैसे ऐतिहासिक धरोहर स्थल पर। भुवनेश्वर की नौवीं स्वच्छता रैंकिंग और 50 मॉडल शहरों में शामिल होने की पृष्ठभूमि में यह कदम 'टीम ओडिशा' की जन-भागीदारी की रणनीति को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 1 अक्टूबर 2026 को उदयगिरि-खंडगिरि हेरिटेज एरिया , भुवनेश्वर में स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान में भाग लिया।
मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्रा और विधायक बाबू सिंह ने मुख्यमंत्री के साथ सफाई में हाथ बँटाया।
भुवनेश्वर राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में नौवें स्थान पर है और देश के 50 मॉडल स्वच्छता शहरों में शामिल है।
पुरी को भी 50 मॉडल स्वच्छता शहरों में स्थान मिला है।
माझी ने 'टीम ओडिशा' के तहत सरकार, स्थानीय निकायों, सफाई कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों के समन्वय पर ज़ोर दिया।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 1 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को भुवनेश्वर के ऐतिहासिक उदयगिरि-खंडगिरि हेरिटेज एरिया में स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के अंतर्गत आयोजित 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्रा और विधायक बाबू सिंह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस ऐतिहासिक स्थल की सफाई की।

महात्मा गांधी के विजन से जोड़ा अभियान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि महात्मा गांधी स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते थे और उनका विश्वास था कि स्वच्छता राजनीतिक स्वाधीनता से भी अधिक आवश्यक है। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 से ही 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के माध्यम से गांधीजी के इस विजन को जन-आंदोलन का रूप दे रहे हैं।

माझी ने कहा कि 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' पहल नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने और स्वच्छता को सामूहिक उत्तरदायित्व बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

भुवनेश्वर की स्वच्छता रैंकिंग और उपलब्धियाँ

मुख्यमंत्री ने बताया कि भुवनेश्वर ने स्वच्छता रैंकिंग में नौवाँ स्थान हासिल किया है और पिछले कुछ वर्षों में शहर की स्वच्छता में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय शहर के सफाई कर्मचारियों की ज़मीनी स्तर पर की गई समर्पित मेहनत को दिया।

माझी ने यह भी बताया कि भुवनेश्वर और पुरी को देश के 50 मॉडल स्वच्छता शहरों में शामिल किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों शहर शहरी स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरेंगे।

नागरिकों से सीधी अपील

मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से अनुरोध किया कि वे सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकें। उन्होंने नागरिकों को यह भी प्रेरित किया कि वे गंदगी फैलाने वालों को सक्रिय रूप से रोकें और अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ बनाए रखने में योगदान दें।

'टीम ओडिशा' का साझा संकल्प

माझी ने कहा कि राज्य सरकार, शहरी स्थानीय निकाय, सफाई कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन — सभी 'टीम ओडिशा' के रूप में मिलकर भुवनेश्वर को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में सम्मिलित कराने के साझा लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस अभियान को और व्यापक जन-भागीदारी के साथ आगे जारी रखेगी। यह अभियान ओडिशा की स्वच्छता राजनीति का एक बड़ा प्रतीक बनता जा रहा है, जो केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक संस्कार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली प्रश्न यह है कि क्या यह प्रतीकवाद ज़मीनी व्यवस्था-परिवर्तन में बदल रहा है। भुवनेश्वर की नौवीं रैंकिंग उत्साहजनक है, किंतु शीर्ष पाँच में पहुँचने के लिए सिर्फ सफाई अभियान नहीं, बल्कि कचरा प्रबंधन के ढाँचागत सुधार आवश्यक हैं। 50 मॉडल शहरों की सूची में शामिल होना एक पहचान है, उपलब्धि नहीं — जब तक यह निरंतर नागरिक व्यवहार-परिवर्तन में न परिणत हो। 'टीम ओडिशा' की अवधारणा सराहनीय है, पर इसके परिणामों की पारदर्शी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान क्या है?
स्वच्छता ही सेवा 2026 केंद्र सरकार का वार्षिक स्वच्छता अभियान है, जिसके तहत 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और नागरिक एक साथ सफाई में भाग लेते हैं। यह अभियान 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर प्रतिवर्ष आयोजित होता है।
भुवनेश्वर की राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग क्या है?
भुवनेश्वर ने राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में नौवाँ स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही भुवनेश्वर और पुरी दोनों को देश के 50 मॉडल स्वच्छता शहरों में शामिल किया गया है।
CM माझी ने उदयगिरि-खंडगिरि में सफाई अभियान में क्यों भाग लिया?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 1 अक्टूबर 2026 को स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत उदयगिरि-खंडगिरि हेरिटेज एरिया में सफाई कर नागरिकों को प्रेरित करने का प्रयास किया। यह कदम जन-भागीदारी को बढ़ावा देने और स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने के लिए उठाया गया।
'टीम ओडिशा' की स्वच्छता पहल में कौन शामिल है?
'टीम ओडिशा' में राज्य सरकार, शहरी स्थानीय निकाय, सफाई कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन सम्मिलित हैं। इन सभी का साझा लक्ष्य भुवनेश्वर को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में स्थान दिलाना है।
भुवनेश्वर को और ऊँची स्वच्छता रैंकिंग के लिए क्या करना होगा?
मुख्यमंत्री माझी ने निरंतर प्रयासों और बड़े पैमाने पर नागरिक भागीदारी की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है। उन्होंने नागरिकों से सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने और गंदगी फैलाने वालों को रोकने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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