उदयगिरि-खंडगिरि में CM माझी ने की सफाई, भुवनेश्वर को टॉप स्वच्छ शहर बनाने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 1 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को भुवनेश्वर के ऐतिहासिक उदयगिरि-खंडगिरि हेरिटेज एरिया में स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के अंतर्गत आयोजित 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्रा और विधायक बाबू सिंह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस ऐतिहासिक स्थल की सफाई की।
महात्मा गांधी के विजन से जोड़ा अभियान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि महात्मा गांधी स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते थे और उनका विश्वास था कि स्वच्छता राजनीतिक स्वाधीनता से भी अधिक आवश्यक है। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 से ही 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के माध्यम से गांधीजी के इस विजन को जन-आंदोलन का रूप दे रहे हैं।
माझी ने कहा कि 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' पहल नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने और स्वच्छता को सामूहिक उत्तरदायित्व बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
भुवनेश्वर की स्वच्छता रैंकिंग और उपलब्धियाँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि भुवनेश्वर ने स्वच्छता रैंकिंग में नौवाँ स्थान हासिल किया है और पिछले कुछ वर्षों में शहर की स्वच्छता में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय शहर के सफाई कर्मचारियों की ज़मीनी स्तर पर की गई समर्पित मेहनत को दिया।
माझी ने यह भी बताया कि भुवनेश्वर और पुरी को देश के 50 मॉडल स्वच्छता शहरों में शामिल किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों शहर शहरी स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरेंगे।
नागरिकों से सीधी अपील
मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से अनुरोध किया कि वे सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकें। उन्होंने नागरिकों को यह भी प्रेरित किया कि वे गंदगी फैलाने वालों को सक्रिय रूप से रोकें और अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ बनाए रखने में योगदान दें।
'टीम ओडिशा' का साझा संकल्प
माझी ने कहा कि राज्य सरकार, शहरी स्थानीय निकाय, सफाई कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन — सभी 'टीम ओडिशा' के रूप में मिलकर भुवनेश्वर को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में सम्मिलित कराने के साझा लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस अभियान को और व्यापक जन-भागीदारी के साथ आगे जारी रखेगी। यह अभियान ओडिशा की स्वच्छता राजनीति का एक बड़ा प्रतीक बनता जा रहा है, जो केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक संस्कार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।