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भुवनेश्वर को देश का नंबर-1 स्वच्छ शहर बनाएं: CM माझी का नागरिकों से आह्वान

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भुवनेश्वर को देश का नंबर-1 स्वच्छ शहर बनाएं: CM माझी का नागरिकों से आह्वान

सारांश

भुवनेश्वर फिलहाल देश की स्वच्छता रैंकिंग में नौवें स्थान पर है। CM माझी ने खंडागिरी में 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' कार्यक्रम में नागरिकों से कचरा अलग करने और सड़कें साफ रखने की अपील की। भुवनेश्वर और पुरी देश के 50 'आदर्श स्वच्छता शहरों' में शामिल हैं।

मुख्य बातें

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 1 अक्टूबर 2026 को खंडागिरी, भुवनेश्वर में 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान को संबोधित किया।
भुवनेश्वर वर्तमान में देश की स्वच्छता रैंकिंग में नौवें स्थान पर है; माझी ने इसे पहले स्थान तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा।
भुवनेश्वर और पुरी को देशभर के 50 शहरों में 'आदर्श स्वच्छता शहर' के रूप में चुना गया है।
नागरिकों से गीला-सूखा कचरा अलग करने और सफाई वाहनों को नियमित रूप से सौंपने की अपील की गई।
राज्य सरकार सफाई मित्रों की सामाजिक सुरक्षा और आवास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 1 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर के नागरिकों से स्वच्छता की व्यक्तिगत जिम्मेदारी उठाने का आग्रह किया और कहा कि सामूहिक प्रयास से भुवनेश्वर को देश का सबसे स्वच्छ और सुंदर शहर बनाया जा सकता है। उन्होंने यह बात भुवनेश्वर नगर निगम (BMC) द्वारा प्रसिद्ध खंडागिरी में आयोजित 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' कार्यक्रम में कही।

भुवनेश्वर की मौजूदा स्वच्छता स्थिति

मुख्यमंत्री माझी ने कार्यक्रम में जानकारी दी कि फिलहाल भुवनेश्वर देश की स्वच्छता रैंकिंग में नौवें स्थान पर है। उन्होंने कहा, 'यह शहर हम सभी का है और इसे स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी भी हम सभी की है। यदि हम सभी व्यक्तिगत रूप से अपनी जिम्मेदारियाँ निभाएँ, तो हमारा शहर देश का सबसे स्वच्छ और सुंदर शहर बनकर पहला स्थान प्राप्त कर सकता है।' गौरतलब है कि भुवनेश्वर और पुरी को देश के 50 शहरों में 'आदर्श स्वच्छता शहर' के रूप में विकसित किए जाने वाले शहरों में चुना गया है।

नागरिकों से अपेक्षाएँ

माझी ने नागरिकों को व्यावहारिक सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखकर नियमित रूप से सफाई वाहनों को सौंपना चाहिए, ताकि सफाई कर्मचारियों का काम सुगम हो सके। उन्होंने नागरिकों से सड़कों पर कूड़ा न फेंकने और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकने की अपील की। घरों के सामने की सड़कें और आस-पास की कॉलोनियों को साफ रखना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बताई।

गांधी के विचार और मोदी का अभियान

मुख्यमंत्री माझी ने याद दिलाया कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता से पहले भी स्वच्छता को विशेष महत्व दिया था। उन्होंने कहा कि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के ज़रिये गांधी के इस दृष्टिकोण को एक व्यापक जन आंदोलन का रूप दे दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं।

सफाई मित्रों को सम्मान, सुरक्षा का वादा

माझी ने भुवनेश्वर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने का श्रेय सफाई मित्रों को देते हुए उनकी निरंतर सेवा के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सफाई मित्रों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। BMC द्वारा आयोजित 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' कार्यक्रम को मुख्यमंत्री ने स्वच्छता में समाज को शामिल करने की एक नवोन्मेषी और सराहनीय पहल करार दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख जन प्रतिनिधि

इस अवसर पर ओडिशा के आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्रा, एकमरा-भुवनेश्वर के विधायक बाबू सिंह और BMC मेयर सुलोचना दास सहित अनेक जन प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे। BMC और पुरी नगर निगम के अधिकारियों तथा सफाई मित्रों को 'आदर्श स्वच्छता शहर' की सूची में चुने जाने पर मुख्यमंत्री ने बधाई भी दी। अब देखना होगा कि यह जन-भागीदारी अभियान आने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण में भुवनेश्वर की रैंकिंग को नौवें से पहले स्थान तक पहुँचाने में कितना कारगर साबित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पहले स्थान का लक्ष्य केवल नेतृत्व के भाषणों से नहीं, बल्कि ज़मीनी व्यवस्था — कचरा संग्रह की नियमितता, सफाई मित्रों की पर्याप्त संख्या और नागरिक जवाबदेही — से तय होगा। 'एक दिन, एक घंटा' जैसे प्रतीकात्मक अभियान जन-जागरूकता बढ़ाते हैं, पर असली परीक्षा यह है कि क्या राज्य सरकार सफाई मित्रों को आवास और सामाजिक सुरक्षा का वादा समयसीमा के भीतर पूरा करती है। बिना इन ढाँचागत बदलावों के, रैंकिंग में स्थायी सुधार मुश्किल होगा।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुवनेश्वर की मौजूदा स्वच्छता रैंकिंग क्या है?
भुवनेश्वर इस समय देश की स्वच्छता रैंकिंग में नौवें स्थान पर है। मुख्यमंत्री माझी ने नागरिकों से सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि सही प्रयासों से शहर पहले स्थान तक पहुँच सकता है।
'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' कार्यक्रम क्या है?
यह भुवनेश्वर नगर निगम (BMC) द्वारा 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत आयोजित एक विशेष स्वच्छता कार्यक्रम है, जिसमें नागरिकों को एक दिन में एक घंटा मिलकर सफाई में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाता है। 1 अक्टूबर 2026 को यह कार्यक्रम खंडागिरी, भुवनेश्वर में आयोजित हुआ।
भुवनेश्वर और पुरी को 'आदर्श स्वच्छता शहर' में क्यों चुना गया?
केंद्र सरकार ने देशभर के 50 शहरों को 'आदर्श स्वच्छता शहर' के रूप में विकसित करने के लिए चुना है, जिसमें भुवनेश्वर और पुरी शामिल हैं। यह चयन इन शहरों की स्वच्छता की दिशा में प्रगति और संभावना को देखते हुए किया गया है।
सफाई मित्रों के लिए राज्य सरकार ने क्या वादे किए हैं?
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि ओडिशा सरकार सफाई मित्रों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भुवनेश्वर की स्वच्छता में सफाई मित्रों के योगदान की सराहना भी की।
नागरिक स्वच्छ भुवनेश्वर अभियान में कैसे योगदान कर सकते हैं?
मुख्यमंत्री माझी के अनुसार, नागरिक घर में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखें और सफाई वाहनों को नियमित रूप से सौंपें। इसके अलावा, सड़कों पर कूड़ा न फेंकें, घरों के सामने की सड़कें साफ रखें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
राष्ट्र प्रेस
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