भुवनेश्वर में CM माझी ने 1,608 किफायती घर व 12 खेल मैदान किए समर्पित, समावेशी शहर का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर और उसके आसपास के क्षेत्रों में 1,608 किफायती आवासीय इकाइयों का उद्घाटन किया और 12 आधुनिक खेल के मैदान जनता को सौंपे। इस अवसर पर माझी ने संकल्प लिया कि राज्य सरकार भुवनेश्वर को एक ऐसा समावेशी शहर बनाएगी, जहाँ वंचित परिवारों को सम्मान, श्रमिकों को किफायती छत और युवाओं को विकास के अवसर मिलें।
उद्घाटन और आधारशिला: मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री माझी ने गडाकाना में एक किफायती किराया आवास परियोजना की आधारशिला भी रखी। इस परियोजना का उद्देश्य प्रवासी मजदूरों और कम आय वर्ग के परिवारों को उनके कार्यस्थल के नजदीक सस्ती दर पर आवास उपलब्ध कराना है। यह पहल शहरी क्षेत्रों में बढ़ती प्रवासी आबादी की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण (BDA) द्वारा विकसित 12 अत्याधुनिक खेल के मैदान अब आम नागरिकों के लिए खुले हैं। इन मैदानों का लक्ष्य बच्चों की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वस्थ जीवनशैली की सुविधा देना है।
मुख्यमंत्री का विज़न: समावेशी भुवनेश्वर
माझी ने कार्यक्रम में कहा, 'हम ऐसा भुवनेश्वर बनाना चाहते हैं जहाँ गरीब परिवार सम्मान के साथ रह सकें, मजदूरों को किफायती घर मिल सकें, युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकें और हर नागरिक स्वस्थ और बेहतर जीवन जी सके।' उन्होंने यह भी कहा कि भोजन के बाद सिर पर छत ही किसी व्यक्ति की सबसे बुनियादी जरूरत होती है।
माझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार गरीब परिवारों को घर के साथ-साथ शौचालय, पाइप से पेयजल, बिजली और रसोई गैस जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रही है।
आवास योजनाओं का दायरा
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत ओडिशा के लिए 2 लाख से अधिक घरों को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार अंत्योदय गृह योजना के माध्यम से लगभग 5 लाख और घर उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। इस तरह केंद्र और राज्य की संयुक्त पहल से ओडिशा में कुल 7 लाख से अधिक आवासीय इकाइयाँ उपलब्ध कराने का लक्ष्य सामने आता है।
गौरतलब है कि ओडिशा में शहरीकरण की रफ्तार के साथ झुग्गी-बस्तियों में रहने वालों की संख्या भी बढ़ी है, और यह पहल उस चुनौती से सीधे टकराती है।
मंत्री की प्रतिक्रिया: सामाजिक बदलाव की उम्मीद
कार्यक्रम में ओडिशा के आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने कहा कि मंगलवार को उद्घाटन किए गए घर झुग्गी-बस्ती निवासियों को एक नई पहचान देंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे इन परिवारों के शैक्षिक अवसर और सामाजिक स्थिति दोनों में सुधार आएगा।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के शहरों में किफायती आवास की कमी एक बड़ी नीतिगत चुनौती बनी हुई है। भुवनेश्वर जैसे तेजी से बढ़ते शहरी केंद्र में प्रवासी श्रमिकों के लिए किराया आवास परियोजना एक नई नीतिगत दिशा का संकेत है। राज्य सरकार की दोहरी रणनीति — केंद्रीय योजना के साथ राज्य की अपनी योजना — अगर सफलतापूर्वक लागू हुई, तो यह अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकती है। आने वाले महीनों में गडाकाना परियोजना की प्रगति और अंत्योदय गृह योजना के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी।