9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हर घर तिरंगा: CM माझी ने भुवनेश्वर में अभियान की शुरुआत की, ओडिशा के 4.5 करोड़ लोगों से की अपील

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हर घर तिरंगा: CM माझी ने भुवनेश्वर में अभियान की शुरुआत की, ओडिशा के 4.5 करोड़ लोगों से की अपील

सारांश

अगस्त क्रांति दिवस पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर में 'हर घर तिरंगा' अभियान का आगाज़ किया। 4.5 करोड़ नागरिकों से 9 से 17 अगस्त तक तिरंगा फहराने की अपील के साथ उन्होंने प्लास्टिक झंडों पर रोक और युवाओं को डिजिटल खतरों से सावधान रहने का संदेश भी दिया।

मुख्य बातें

CM मोहन चरण माझी ने 9 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरुआत की।
ओडिशा के 4.5 करोड़ नागरिकों से 9 से 17 अगस्त तक हर गाँव, शहर, घर, स्कूल और दफ्तर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील।
पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक झंडों का पूर्ण बहिष्कार और केवल कपड़े के झंडों के उपयोग का आह्वान।
भव्य पदयात्रा में NCC, NSS स्वयंसेवक, छात्र और सांस्कृतिक दलों ने भाग लिया।
माझी ने युवाओं को सोशल मीडिया के दुरुपयोग और नशे से सावधान रहने की चेतावनी दी।
PM मोदी के 'विकसित भारत 2047' विज़न में ओडिशा की भूमिका को निर्णायक बताया।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 9 अगस्त 2026 को अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर भुवनेश्वर में 'हर घर तिरंगा' अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने राज्य के 4.5 करोड़ नागरिकों से आह्वान किया कि वे 9 से 17 अगस्त तक प्रत्येक गाँव, पंचायत, शहर, घर, विद्यालय और कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज गर्व के साथ फहराएँ।

अगस्त क्रांति की विरासत और तिरंगे का संदेश

मुख्यमंत्री माझी ने इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों और ओडिशा के अमर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 9 अगस्त 1942 को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान से प्रारंभ हुए 'भारत छोड़ो' आंदोलन ने स्वाधीनता संग्राम को एक निर्णायक दिशा दी थी।

माझी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' केवल तीन रंगों का संयोजन नहीं है — यह 140 करोड़ भारतीयों के आत्म-सम्मान, गर्व और आकांक्षाओं का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केसरिया रंग साहस और बलिदान का, श्वेत रंग शांति और सत्य का, हरा रंग समृद्धि का प्रतीक है और मध्य में अंकित अशोक चक्र कर्तव्यपथ पर निरंतर अग्रसर रहने की प्रेरणा देता है।

पर्यावरण अनुकूल उत्सव का आह्वान

मुख्यमंत्री ने इस राष्ट्रीय पर्व को पूर्णतः पर्यावरण-हितैषी बनाने पर बल दिया। उन्होंने नागरिकों से प्लास्टिक के झंडों का पूर्ण बहिष्कार करने और केवल कपड़े के झंडों का उपयोग करने का आग्रह किया — एक ऐसा संदेश जो पर्यावरण चेतना और राष्ट्रीय गरिमा दोनों को एक साथ साधता है।

रंगारंग पदयात्रा और सांस्कृतिक प्रदर्शन

इस अवसर पर भुवनेश्वर में एक भव्य पदयात्रा का आयोजन किया गया। विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र, स्काउट्स एवं गाइड्स, NCC और NSS के स्वयंसेवकों ने हाथों में तिरंगा थामे अनुशासित ढंग से मार्च किया। ओडिशा के विभिन्न अंचलों से आए सांस्कृतिक दलों ने अपने पारंपरिक लोक नृत्यों और कला रूपों का प्रदर्शन कर वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

मुख्यमंत्री माझी ने स्वयं प्रमुख खिलाड़ियों और हज़ारों छात्रों के साथ इस जुलूस में भाग लिया और 'वंदे मातरम' तथा 'भारत माता की जय' के नारे लगाए।

युवाओं को डिजिटल खतरों से सावधान रहने की चेतावनी

राज्य की युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि आज के डिजिटल युग में कुछ बाहरी शक्तियाँ सोशल मीडिया के दुरुपयोग और नशीले पदार्थों के माध्यम से युवाओं को भटकाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि ये अदृश्य ताकतें अपने मकसद में कभी सफल नहीं होंगी।

माझी ने युवाओं को देशभक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और ऐसी शक्तियों के जाल में न फँसने की सलाह दी। उन्होंने नारा दिया कि 'युवाओं की एकमात्र आवाज़ देश की सुरक्षा है।'

विकसित भारत 2047 में ओडिशा की भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विज़न में ओडिशा की भूमिका सबसे निर्णायक होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के किसानों, मज़दूरों, युवाओं और आत्मनिर्भर महिलाओं के सामूहिक योगदान से ओडिशा देश के आर्थिक और औद्योगिक विकास का एक प्रमुख इंजन बनेगा। उन्होंने जनता से देश की सुरक्षा में तैनात बहादुर सैनिकों और पुलिसकर्मियों के परिवारों का गर्व के साथ सम्मान करने का भी आह्वान किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह देखना ज़रूरी है कि क्या यह ज़मीनी स्तर पर महज़ एक औपचारिक आयोजन बनकर रह जाता है या वास्तव में नागरिक भागीदारी को प्रेरित करता है। माझी का प्लास्टिक झंडों पर प्रतिबंध का आह्वान सराहनीय है, लेकिन इसके क्रियान्वयन की निगरानी का कोई स्पष्ट तंत्र सामने नहीं आया है। युवाओं को 'अदृश्य दुश्मनों' से आगाह करने का संदेश भावनात्मक रूप से प्रभावशाली है, पर इसके साथ ठोस डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों की घोषणा अनुपस्थित है — जो इस अपील की दीर्घकालिक प्रभावशीलता पर सवाल उठाती है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में 'हर घर तिरंगा' अभियान क्या है?
यह केंद्र सरकार की पहल से जुड़ा एक राष्ट्रीय अभियान है, जिसे ओडिशा में CM मोहन चरण माझी ने 9 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर से लॉन्च किया। इसके तहत 9 से 17 अगस्त तक राज्य के हर घर, स्कूल, दफ्तर और सार्वजनिक स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का आह्वान किया गया है।
अभियान कब से कब तक चलेगा?
'हर घर तिरंगा' अभियान ओडिशा में 9 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस दौरान राज्य के 4.5 करोड़ नागरिकों से प्रत्येक गाँव, पंचायत, शहर और घर में तिरंगा फहराने की अपील की गई है।
CM माझी ने प्लास्टिक झंडों पर क्यों रोक लगाने को कहा?
मुख्यमंत्री माझी ने इस राष्ट्रीय पर्व को पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से प्लास्टिक के झंडों का पूर्ण बहिष्कार करने और केवल कपड़े के झंडों का उपयोग करने का आह्वान किया। यह कदम राष्ट्रीय गरिमा और पर्यावरण संरक्षण दोनों को एक साथ संबोधित करता है।
अगस्त क्रांति दिवस क्यों मनाया जाता है?
9 अगस्त 1942 को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान से महात्मा गांधी के नेतृत्व में 'भारत छोड़ो' आंदोलन की शुरुआत हुई थी, जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक गति दी। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में प्रतिवर्ष 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस मनाया जाता है।
CM माझी ने युवाओं को क्या संदेश दिया?
मुख्यमंत्री माझी ने युवाओं को सोशल मीडिया के दुरुपयोग और नशीले पदार्थों के ज़रिए भटकाने की कोशिश करने वाली 'बाहरी और अदृश्य शक्तियों' से सावधान रहने की चेतावनी दी। उन्होंने देशभक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और राष्ट्र की सुरक्षा को युवाओं की असली आवाज़ बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले