CM मोहन यादव का ऐलान: मध्य प्रदेश स्वच्छता में टॉप-3, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 19 अक्टूबर 2026 को उज्जैन में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य स्वच्छता रैंकिंग में लगातार देश के शीर्ष तीन स्थानों पर बना रहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का ध्यान केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार, मूलभूत सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर भी समान रूप से केंद्रित है।
स्वच्छता में मध्य प्रदेश की उपलब्धि
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान का सबसे सफल उदाहरण मध्य प्रदेश है। उनके अनुसार जब भी राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग जारी होती है, तो राज्य के नगर पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर काबिज रहते हैं। उन्होंने कहा, 'नंबर वन, टू, थ्री तक हमारे राज्य के बाद ही किसी का नंबर आता है।'
रोजगार और मूलभूत सुविधाओं पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री यादव ने उज्जैन में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जोर देकर कहा कि स्वच्छता के साथ-साथ राज्य सरकार रोजगार, मूलभूत सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर सहित सभी क्षेत्रों में काम कर रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में सिंहस्थ 2028 की तैयारियाँ तेज हो रही हैं और उज्जैन में बड़े पैमाने पर विकास कार्य चल रहे हैं।
सिंहस्थ की तैयारियाँ: हर माह होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ केवल भारत का ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा मेला है। करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए उज्जैन जिला और संभाग स्तर पर राज्य सरकार विस्तृत तैयारियाँ कर रही है। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा अब हर माह बैठक करके की जाएगी।
गौरतलब है कि महाकाल महालोक के निर्माण और लोकार्पण के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं के आगमन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसने इस पूरे क्षेत्र में विकास कार्यों की माँग को और बढ़ा दिया है।
विजयादशमी पर शस्त्र पूजन और शुभकामनाएँ
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएँ देते हुए इसे सनातन धर्म की आस्था, सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर प्रदेश की सभी पुलिस लाइनों में शस्त्र पूजन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वयं और सभी मंत्री प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रमों में शामिल होंगे, ताकि समाज के साथ सरकार की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
उज्जैन की यह यात्रा मुख्यमंत्री यादव की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा है, जिसमें धार्मिक पर्यटन, स्वच्छता और रोजगार को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है — और सिंहस्थ 2028 इस रणनीति की सबसे बड़ी कसौटी बनने वाला है।