क्या ओडिशा में मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी के बीच सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने पर चर्चा हुई?

Click to start listening
क्या ओडिशा में मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी के बीच सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने पर चर्चा हुई?

सारांश

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल के बीच हुई बैठक में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों पर चर्चा की गई। यह बैठक विकास की दिशा में एक नई पहल साबित हो सकती है।

Key Takeaways

  • राज्य और केंद्र सरकार के बीच समन्वय
  • किसानों के लिए वित्तीय सहायता
  • सहकारी संस्थाओं का पुनर्जीवन
  • नई योजनाओं का कार्यान्वयन
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण

भुवनेश्वर, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सोमवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी से लोक सेवा भवन में मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने और केंद्र-राज्य समन्वय के तहत इसे गति देने पर व्यापक चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री मांझी ने बैठक के दौरान राज्य सरकार द्वारा सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों और उपलब्धियों से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार राज्य सरकार किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए सहकारी संस्थाओं को मजबूत कर रही है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से कई अहम मुद्दों पर सहयोग की मांग की। इनमें प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पीएसीएस) की ऋण चुकाने की अवधि को 5 साल से बढ़ाकर 10 साल करने की मांग, बरांबा और बलांगीर की बंद पड़ी शुगर मिलों का पुनर्जीवन, गोपालपुर में नेशनल त्रिपुरा कोऑपरेटिव यूनिवर्सिटी का सैटेलाइट सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव, हर जिले और उपखंड में कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस की स्थापना, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत करना और नवगठित पीएसीएस को वित्तीय सहायता प्रदान करना प्रमुख रूप से शामिल हैं।

बैठक के दौरान यह भी तय हुआ कि अब पीएसीएस केवल ऋण देने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि उन्हें बहु-आयामी व्यापारिक गतिविधियों में भी लगाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री मोहोल ने 'सहकार से समृद्धि' के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि देशभर में 2 लाख नए बहुउद्देशीय पीएसीएस (एम-पीएसीएस) की स्थापना की योजना है, जिसमें ओडिशा की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने बताया कि पीएसीएस को विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना का भी हिस्सा बनाया जाएगा।

मुरलीधर मोहोल ने ओडिशा सरकार द्वारा सहकारिता क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि केंद्र सरकार पहले से ही देशभर में सहकारी विकास को लेकर कई योजनाएं चला रही है, जिनमें कुछ को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि ओडिशा को हर संभव सहायता दी जाएगी ताकि सहकारी ढांचे को और मजबूत किया जा सके।

इस बैठक में मुख्य सचिव मनोज आहूजा, सहकारिता सचिव राजेश प्रभाकर पाटिल, मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव सुरेश कुमार वशिष्ठ, भारत सरकार के संयुक्त सचिव रमन कुमार और आनंद झा, और ओएमफेड के प्रबंध निदेशक विजय अमृत कुलंगे समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गौरतलब है कि मुरलीधर मोहोल, जो नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री भी हैं, वे सोमवार को भुवनेश्वर में आयोजित पूर्वी क्षेत्र नागरिक उड्डयन मंत्रियों के सम्मेलन में भाग लेने आए थे।

Point of View

ताकि किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा सके। सहकारी संस्थाएं यदि सशक्त होंगी, तो यह न केवल ओडिशा बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल बन सकता है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

ओडिशा में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
राज्य सरकार ने सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं बनाई हैं, जैसे ऋण चुकाने की अवधि बढ़ाना और कोल्ड स्टोरेज की स्थापना।
केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने इस बैठक में क्या कहा?
उन्होंने 'सहकार से समृद्धि' के लक्ष्य को दोहराया और ओडिशा की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।