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क्या ओडिशा कोर्ट ने नाबालिग के रेप और हत्या के मामले में एक दोषी को मौत की सजा दी?

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क्या ओडिशा कोर्ट ने नाबालिग के रेप और हत्या के मामले में एक दोषी को मौत की सजा दी?

सारांश

ओडिशा के बरगढ़ जिले की विशेष पॉक्सो अदालत ने एक व्यक्ति को नाबालिग के रेप और हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई। जानिए इस जघन्य अपराध की पूरी कहानी और अदालत के फैसले का कारण क्या रहा।

मुख्य बातें

विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग के रेप और हत्या के मामले में आरोपी को मौत की सजा सुनाई।
मृतक के परिवार को 15 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया।
इस मामले की जांच में 37 गवाहों के बयान शामिल थे।

भुवनेश्वर, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के बरगढ़ जिले की विशेष पॉक्सो अदालत ने मंगलवार को एक व्यक्ति को नवंबर 2024 में जिले के पाइकमाल इलाके में एक छह वर्ष की नाबालिग लड़की के रेप और हत्या का दोषी ठहराने के बाद मौत की सजा सुनाई।

विशेष सार्वजनिक अभियोजक इंचार्ज द्युतिश आचार्य ने जानकारी दी कि "15 नवंबर, 2024 को सुबह करीब 9 बजे, छह साल की बच्ची और उसके दादा अपने घर पर थे, तभी आरोपी, जिसका नाम प्रशांत बाग (21) है, ने बच्ची को मछली पकड़ने के लिए बुलाया। बाग, दो अन्य नाबालिगों के साथ, बच्ची को पास के तालाब के किनारे ले गया।"

आचार्य ने बताया कि कुछ ही मिनटों बाद, बाग ने उन दो नाबालिगों को तालाब के पास छोड़ दिया और बच्ची को अकेले जंगल में ले गया, जहां उसने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। बच्ची के परिवार को यह बात बताने के डर से, उसने बेरहमी से उसकी हत्या कर दी और उसका गला एक बेल्ट से घोंट दिया।

जब बच्ची के दादा, जो धान के खेत में काम करने गए थे, कुछ घंटों बाद लौटे, तो उन्होंने बाग को अपने घर पर देखा, जिसके गाल पर खून लगा था। कुछ गड़बड़ का एहसास होते ही, उन्होंने उससे अपनी पोती के बारे में पूछा, जिस पर बाग ने टालमटोल भरे जवाब दिए और कहा कि उसने उसे बहुत पहले ही भेज दिया था।

दादा और गांव वालों ने बच्ची को ढूंढना शुरू किया और अंततः पास के जंगल में खून से लथपथ उसकी नग्न लाश मिली, जिसके सिर पर गंभीर चोटें थीं। यह भी देखा गया कि उसका गला बेल्ट से बंधा हुआ था। गांव वालों और परिवार के सदस्यों ने बाग को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। दादा की शिकायत पर, पाइकमाल पुलिस ने मामला दर्ज किया और 15 नवंबर, 2024 को बाग को गिरफ्तार कर लिया।

37 सरकारी गवाहों के बयान, 55 दस्तावेजों और 27 सबूतों की जांच के बाद, अदालत ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाया। मृतक के परिवार को पीड़ित मुआवजा योजना के तहत 15 लाख रुपये का मुआवजा भी दिया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नैतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत गंभीर हैं। हमें मिलकर इस समस्या के समाधान की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या इस मामले में आरोपी को सजा सुनाई गई?
हाँ, ओडिशा की विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को मौत की सजा सुनाई है।
क्या पीड़ित को मुआवजा दिया गया?
जी हाँ, मृतक के परिवार को पीड़ित मुआवजा योजना के तहत 15 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है।
इस मामले की जांच कैसे हुई?
इस मामले की जांच 37 सरकारी गवाहों के बयान, 55 दस्तावेजों और 27 सबूतों के आधार पर की गई।
राष्ट्र प्रेस
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