30 जुलाई 2026
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क्या सपा सांसद बीरेंद्र सिंह वास्तव में रामदरबार के पक्ष में रहे हैं?

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क्या सपा सांसद बीरेंद्र सिंह वास्तव में रामदरबार के पक्ष में रहे हैं?

सारांश

उत्तर प्रदेश के मंत्री ओपी राजभर ने सपा सांसद बीरेंद्र सिंह के बयान का कड़ा जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने भगवान श्रीराम को सपा से जोड़ा था। राजभर ने सपा की दोहरी नीति और राम भक्तों के प्रति उनके रवैये पर तीखी टिप्पणी की।

मुख्य बातें

ओपी राजभर ने सपा पर तीखा आरोप लगाया कि वे राम भक्तों का समर्थन नहीं करते।
राजभर ने सपा के दोहरे रवैये की आलोचना की।
बीएमसी चुनाव परिणामों में मुसलमानों की जागरूकता का संकेत मिला।

बलिया, १७ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में मंत्री ओपी राजभर ने सपा सांसद बीरेंद्र सिंह द्वारा भगवान श्रीराम को समाजवादी पार्टी के विचारों से जोड़ने के बयान पर तीखा प्रतिवाद किया। उन्होंने कहा कि जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी, तब भगवान श्रीराम की याद उन्हें नहीं आई। सपा कभी रामदरबार के समर्थन में नहीं रही, बल्कि रहीम और अकबर के दरबार की पक्षधर रही है।

राजभर ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान यह सवाल उठाया कि श्रीराम की जन्मभूमि पर गोली किसने चलवाई थी और मंदिर निर्माण के मुद्दे पर गोली चलवाने का काम किसने किया था? यह सब समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुआ। राजभर ने कहा कि कुछ नेता सत्ता और स्वार्थ के अनुसार कभी समाजवादी पार्टी, कभी कांग्रेस और कभी बसपा में घूमते रहते हैं और जहां जाते हैं, उसी पार्टी के अनुसार भाषा और विचार अपनाने लगते हैं।

ओपी राजभर ने सपा सांसद बीरेंद्र सिंह के उस बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने खुद को राम भक्त बताया था। राजभर ने कहा कि राम भक्तों पर गोली चलाने का काम समाजवादी पार्टी ने ही किया था और अब वही पार्टी के नेता भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं।

राजभर ने बीएमसी चुनाव परिणामों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक संकेत है कि मुसलमानों में अब जागरूकता आ रही है। इसी का परिणाम है कि महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव के दौरान १२५ सीटों पर जीत दर्ज की। उत्तर प्रदेश में भी ऐसी ही राजनीतिक समझ विकसित होनी चाहिए।

कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि इस तरह के बयान अक्सर सिर्फ प्रसिद्धि पाने के लिए दिए जाते हैं।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में सबसे ऊपर संविधान है और कोई भी व्यक्ति संविधान से बड़ा नहीं हो सकता। चाहे वह विधायक हो, सांसद हो, अधिकारी हो या फिर आम नागरिक, सभी को संविधान के दायरे में रहकर ही काम करना चाहिए।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में दूषित पानी से प्रभावित पीड़ितों से मिलने को लेकर ओपी राजभर ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता का यह कर्तव्य होता है कि वह जनता के दुख-दर्द में शामिल हो। यह एक दुखद घटना है और अगर राहुल गांधी वहां जाकर पीड़ितों से मिल रहे हैं तो यह एक अच्छी और सकारात्मक पहल है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने सपा के बारे में क्या कहा?
ओपी राजभर ने कहा कि सपा ने कभी भगवान श्रीराम का समर्थन नहीं किया और उनके शासनकाल में राम भक्तों पर हमले हुए।
बीरेंद्र सिंह ने खुद को किस रूप में प्रस्तुत किया?
बीरेंद्र सिंह ने स्वयं को राम भक्त बताया था, जिस पर ओपी राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
राजभर ने बीएमसी चुनाव परिणामों पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि मुसलमानों में जागरूकता आई है, जो बीएमसी चुनाव के परिणाम में दिखा।
राष्ट्र प्रेस
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