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क्या ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिला फ्री हैंड, राजनीतिक स्पष्टता का ऐसा उदाहरण है?

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क्या ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिला फ्री हैंड, राजनीतिक स्पष्टता का ऐसा उदाहरण है?

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सशस्त्र बलों को फ्री हैंड दिया था। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक दिशा और स्पष्टता का एक अनूठा उदाहरण था। जानें कैसे इस ऑपरेशन ने सुरक्षा रणनीतियों को प्रभावित किया।

मुख्य बातें

ऑपरेशन सिंदूर ने सेना को फ्री हैंड दिया।
22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों द्वारा हत्या की गई थी।
सेना ने सात ठिकानों को नष्ट किया।
ऑपरेशन में एस-400 सिस्टम का उपयोग किया गया।
राजनीतिक दिशा और स्पष्टता का महत्व।

नई दिल्ली, 10 अगस्त (राष्ट्र प्रेस) ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों को खुली छूट प्रदान की गई थी। सेना को फ्री हैंड दिया गया था, कि वे जो करना चाहें, वह तय करें। यह जानकारी भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने साझा की। उनका कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राजनीतिक दिशा और स्पष्टता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत हुआ, जिसे हमने पहले कभी नहीं देखा।

जनरल उपेंद्र द्विवेदी आईआईटी मद्रास में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में बोल रहे थे। थलसेना प्रमुख ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में जो हुआ, उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।

यह ध्यान देने योग्य है कि 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी।

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया, “23 अप्रैल को, अगले ही दिन, हम सभी ने एकत्रित होकर बात की। रक्षा मंत्री ने पहली बार कहा कि ‘अब बहुत हो गया’। तीनों सेना प्रमुख इस बात पर सहमत थे कि कुछ कदम उठाए जाने चाहिए। हमें फ्री हैंड दिया गया कि जो करना है, वह खुद तय करें। यह राजनीतिक दिशा और स्पष्टता का ऐसा उदाहरण था, जो हमने पहले कभी नहीं देखा।”

उन्होंने आगे कहा, “25 अप्रैल को हम उत्तरी कमान गए। वहां हमने योजना बनाई, अवधारणा तैयार की और उसे लागू किया। हमने नौ में से सात ठिकानों को नष्ट किया और आतंकियों की एक बड़ी संख्या का सफाया किया। 29 अप्रैल को पहली बार प्रधानमंत्री से मुलाकात हुई।”

जनरल द्विवेदी ने बताया, “ऑपरेशन सिंदूर एक तरह से शतरंज खेलने जैसा था। हमें नहीं पता था कि दुश्मन की अगली चाल क्या होगी और हमारी अगली चाल क्या होगी। इसे ग्रे जोन कहा जाता है। इसका मतलब है कि हम पारंपरिक युद्ध नहीं कर रहे थे, बल्कि उससे पहले वाली रणनीति अपना रहे थे। हम चाल चलते थे, दुश्मन भी चाल चलता था। कई बार हम उसे चेकमेट कर रहे थे, तो कहीं जान जोखिम में डालकर वार कर रहे थे—और जीवन इसी का नाम है।”

जनरल द्विवेदी ने पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख असीम मुनीर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युद्ध में नैरेटिव मैनेजमेंट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि आप किसी पाकिस्तानी से पूछें कि क्या आप हारे या जीते, तो वह कहेगा कि उनके आर्मी चीफ असीम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया गया है। पाकिस्तानियों का मानना होगा कि वे अवश्य जीते होंगे, तभी तो असीम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया गया।

गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार करते हुए उसके छह विमान मार गिराए थे। इसके अलावा कई एयरबेस भी नष्ट किए गए। भारत ने जिन विमानों को मार गिराया उनमें पांच पाकिस्तानी लड़ाकू विमान शामिल थे। इसके अतिरिक्त एक इंटेलिजेंस कलेक्ट करने वाला विमान भी भारतीय सेना ने नष्ट किया। यह जानकारी भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शनिवार को दी है।

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बेंगलुरु में यह बड़ा खुलासा किया। वे यहां आयोजित एयर चीफ मार्शल एलएम कात्रे व्याख्यान के दौरान बोल रहे थे।

उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारत के एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमानों को मार गिराया था। इसके अलावा पाकिस्तानी एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस विमान को भी भारत ने नष्ट किया। यह विमान हवाई निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने में मदद करता है। वायुसेना के अनुसार पाकिस्तानी सेना के विमानों को लगभग 300 किलोमीटर की दूरी से मार गिराया गया। जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी जैकबाबाद एयरबेस पर खड़े कुछ विमानों को भी निशाना बनाया गया।

उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना ने बोलारी एयरबेस पर सटीक हमलों में एक पाकिस्तानी एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस विमान को ध्वस्त किया। वायुसेना के अनुसार यह जानकारी विश्वसनीय खुफिया इनपुट्स पर आधारित है। यह ध्यान देने योग्य है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में एस-400 सिस्टम का पहली बार उपयोग किया गया था। माना जा रहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान और उसके तुरंत बाद यह वास्तविक जानकारी इसलिए बाहर नहीं आई क्योंकि तब भारतीय वायुसेना तकनीकी इनपुट्स का विश्लेषण कर रही थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया है कि जब सुरक्षा बलों को स्वतंत्रता दी जाती है, तो वे प्रभावी ढंग से कार्य कर सकते हैं। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो न केवल सुरक्षा बलों की क्षमता को दर्शाता है, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व की स्पष्टता को भी उजागर करता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर कब हुआ?
ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में शुरू हुआ।
ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका मुख्य उद्देश्य आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना था।
कितने पाकिस्तानी विमानों को ऑपरेशन सिंदूर में नष्ट किया गया?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के छह विमानों को नष्ट किया।
ऑपरेशन सिंदूर में कौन सा एयर डिफेंस सिस्टम इस्तेमाल हुआ?
इसमें भारत का एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम इस्तेमाल हुआ।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राजनीतिक स्पष्टता का क्या महत्व था?
यह राजनीतिक स्पष्टता ने सेना को निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की।
राष्ट्र प्रेस
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