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क्या पाठ्यक्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को शामिल करना सराहनीय है? बच्चों को भारत के गौरवमयी इतिहास से जोड़ेगा: राजीव रंजन

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क्या पाठ्यक्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को शामिल करना सराहनीय है? बच्चों को भारत के गौरवमयी इतिहास से जोड़ेगा: राजीव रंजन

सारांश

पटना, 27 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने एनसीईआरटी के निर्णय की प्रशंसा की है, जिसमें कक्षा 3 से 12 के छात्रों के पाठ्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर का इतिहास जोड़ा गया है। यह कदम भावी पीढ़ियों को भारत के गौरवमयी इतिहास से जोड़ने में सहायक साबित होगा।

मुख्य बातें

ऑपरेशन सिंदूर का इतिहास पाठ्यक्रम में जोड़ा गया है।
यह कदम देशभक्ति को बढ़ावा देगा।
बिहार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का गठन एक महत्वपूर्ण पहल है।
ट्रांसजेंडर समुदाय को शामिल करना समानता का प्रतीक है।
यह सभी वर्गों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान में मदद करेगा।

पटना, 27 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने एनसीईआरटी के उस महत्वपूर्ण निर्णय की सराहना की है, जिसमें कक्षा 3 से 12 तक के छात्रों के पाठ्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर के इतिहास को शामिल किया गया है। उन्होंने इसे एक प्रेरणादायक और सराहनीय कदम बताया।

रविवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान जदयू प्रवक्ता ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, रणनीति और तकनीकी समन्वय को दर्शाता है। यह अभियान, जिसने पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर एक करारा जवाब दिया, राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है।

राजीव रंजन ने इस पहल को स्कूलों में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने वाला बताया, जो भावी पीढ़ियों को भारत के गौरवमयी इतिहास से जोड़ेगा।

वहीं, बिहार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के गठन की घोषणा को भी जदयू प्रवक्ता ने एक महत्वपूर्ण और प्रगतिशील कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस आयोग में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और पांच सदस्य होंगे, जिनमें एक महिला या ट्रांसजेंडर को शामिल किया जाएगा, जो लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाला एक क्रांतिकारी कदम है।

जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुए ट्रांसजेंडर समुदाय को शामिल करने को समानता से प्रेरित कदम के रूप में सराहा है। यह आयोग सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा, उनकी शिकायतों का समाधान, सामाजिक-आर्थिक उत्थान और कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पहल समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में जोड़ने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।

बता दें, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि बिहार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष एवं पांच सदस्य होंगे, जिनमें एक महिला और एक ट्रांसजेंडर होंगे। यह आयोग राज्य में सफाई कार्यों से जुड़े समाज के वंचित वर्ग के लोगों को मुख्य धारा में जोड़ने तथा उनके सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह निर्णय न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि समाज में भी महत्वपूर्ण बदलाव लाने की दिशा में एक कदम है। यह कदम देशभक्ति की भावना को जागृत करेगा और युवा पीढ़ियों को भारत के गौरवमयी इतिहास से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करेगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर एक सैन्य अभियान है, जिसे भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ चलाया था।
इस निर्णय से छात्रों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस निर्णय से छात्रों को भारत के गौरवमयी इतिहास का ज्ञान होगा और वे देशभक्ति की भावना से प्रेरित होंगे।
बिहार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का क्या महत्व है?
यह आयोग सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करेगा और उन्हें सामाजिक और आर्थिक उत्थान में मदद करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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