क्या पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बारिश के कारण 71 लोगों की मौत हुई?

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क्या पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बारिश के कारण 71 लोगों की मौत हुई?

सारांश

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बारिश से जुड़ी घटनाओं ने 71 लोगों की जान ले ली है। इस संकट में बच्चों, पुरुषों और महिलाओं की संख्या शामिल है। क्या ये आंकड़े और भी बढ़ सकते हैं? जानिए इस भयानक स्थिति के बारे में और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया पर।

मुख्य बातें

खैबर पख्तूनख्वा में बारिश ने स्थिति को गंभीर बना दिया है।
71 लोगों की जान गई, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।
बचाव कार्यों में देरी से स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
358 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
सरकार ने उच्च अलर्ट जारी किया है।

इस्लामाबाद, 6 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में जून के अंत से जारी बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम 71 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 86 अन्य घायल हुए हैं। यह जानकारी खैबर पख्तूनख्वा के प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने बुधवार को प्रदान की।

स्थानीय मीडिया ने पीडीएमए के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मृतकों में 40 बच्चे, 17 पुरुष और 14 महिलाएं शामिल हैं।

जून से ही मानसूनी बारिश ने पाकिस्तान में कहर बरपाया है, जिससे घातक बाढ़, भूस्खलन और डिस्प्लेसमेंट हुआ है। विशेषकर संवेदनशील और घनी आबादी वाले इलाकों में ऐसी घटनाओं की संख्या बढ़ी है। सबसे अधिक मौतें खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले में हुईं, जहां 22 लोग मारे गए।

'पीडीएमए' की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश मौतें बाढ़, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे के ढहने के कारण हुईं। 27 जून को स्वात और मलकंद डिवीजन में अचानक आई बाढ़ के बाद 17 लोग लापता हो गए, जिनमें ज्यादातर पर्यटक शामिल हैं। चार लोगों को बचा लिया गया, जबकि 12 शव बरामद किए गए हैं। एक व्यक्ति का अब तक कोई पता नहीं चला है। बचाव कार्यों में देरी के कारण स्थानीय लोगों में आक्रोश है।

स्वात (22), एबटाबाद (5), मलकंद (5), बुनेर (4), चरसद्दा (3), अपर दीर (3), मनसेहरा (3), खैबर (3), बाजौर (3), लक्की मरवत (3), तोरघर (2), बट्टाग्राम (2), हंगू (2), शांगला (2), लोअर कोहिस्तान (2), करक (1), कोहाट (1), हरिपुर (1), अपर कोहिस्तान (1) और नौशेरा (1) में मौतें दर्ज की गईं।

खैबर पख्तूनख्वा में बारिश से संबंधित घटनाओं में 86 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 38 पुरुष, 33 बच्चे और 15 महिलाएं शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मानसून सीजन शुरू होने के बाद से 358 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 54 पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। स्वात में सबसे अधिक 63 घर नष्ट हुए, इसके बाद करक में 38 और बुनेर में 22 घर तबाह हुए हैं। बारिश से जुड़े घटनाओं में कुल 142 मवेशी भी मारे गए।

रविवार को, खैबर पख्तूनख्वा के पीडीएमए ने जिला प्रशासन और अन्य संबंधित संगठनों को उच्च अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) ने 4-7 अगस्त तक पूरे प्रांत में रुक-रुक कर भारी बारिश, हवा और गरज के साथ छींटे पड़ने की आशंका जताई है।

स्थानीय मीडिया ने बुधवार को बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्र (एनईओसी) ने देश के कई क्षेत्रों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है। यह अलर्ट ऐसे समय में जारी किया गया जब 5-8 अगस्त तक पाकिस्तान के ऊपरी और मध्य क्षेत्रों में मानसून की तीव्रता बढ़ने की आशंका है।

इसके अलावा, सिंधु, चिनाब और रावी सहित देश की सभी प्रमुख नदियों में जल स्तर बढ़ने की संभावना है। नौशेरा में काबुल नदी, स्वात नदी और पंजकोरा और उनकी संबंधित नदियों के जल स्तर में वृद्धि देखी जा सकती है।

राष्ट्र प्रेस

आरएसजी/जीकेटी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या बारिश से संबंधित घटनाओं में केवल मौतें हुईं?
नहीं, बारिश से संबंधित घटनाओं में 86 लोग घायल भी हुए हैं।
खैबर पख्तूनख्वा में सबसे अधिक मौतें कहां हुईं?
स्वात जिले में सबसे अधिक 22 मौतें हुईं।
क्या बारिश ने संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया है?
जी हां, बारिश से 358 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 54 पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं।
क्या सरकार ने इस स्थिति पर कोई कार्रवाई की है?
हां, पीडीएमए ने जिला प्रशासन को उच्च अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।
क्या अन्य नदियों के जल स्तर में वृद्धि की आशंका है?
हां, सिंधु, चिनाब और रावी सहित सभी प्रमुख नदियों में जल स्तर बढ़ने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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