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क्या पाकिस्तान के ट्रांसजेंडर्स ने पुलिस पर पेशावर से बेदखली का आरोप लगाया?

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क्या पाकिस्तान के ट्रांसजेंडर्स ने पुलिस पर पेशावर से बेदखली का आरोप लगाया?

सारांश

पाकिस्तान के ट्रांसजेंडर समुदाय ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्हें पेशावर में जबरन बेदखल किया जा रहा है। इस खबर में जानें कि फरजाना रियाज और उनके समुदाय ने न्याय के लिए क्या कदम उठाए हैं और पुलिस की विफलता के पीछे क्या कारण हो सकते हैं।

मुख्य बातें

पुलिस पर ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों की जबरन बेदखली का आरोप।
हत्यारों और अपहरणकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई में विफलता।
फरजाना रियाज ने उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई।
पेशावर उच्च न्यायालय ने बेदखली पर रोक लगाई।
ट्रांसजेंडरों के खिलाफ बढ़ती हिंसा की चिंताएं।

पेशावर, 15 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के ट्रांसजेंडर समुदाय ने पुलिस पर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर में स्थित विभिन्न जिलों से उनके सदस्यों को जबरन बेदखल करने का आरोप लगाया है। स्थानीय मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रांसजेंडर्स ने प्रांत में जबर्दस्ती वसूली करने वालों, अपहरणकर्ताओं और हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई करने में पुलिस की विफलता की शिकायत की है।

पेशावर प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, ट्रांसजेंडर कम्युनिटी संगठन की अध्यक्ष फरजाना रियाज ने अपने समुदाय पर हो रहे उत्पीड़न की निंदा की और कहा कि न्याय की कई अपीलों के बावजूद, ट्रांसजेंडर्स के हत्यारे, जबरन वसूली करने वाले और अपहरणकर्ता खुलेआम घूम रहे हैं और ऐसा अक्सर पुलिस सुरक्षा में हो रहा है। उन्होंने पुलिस पर ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को उनके घरों से बेदखल करने का आरोप लगाया।

फरजाना ने कहा, "ट्रांसजेंडर्स को बार-बार जान से मारने की धमकियां और जबरन वसूली के कॉल किए गए हैं, और जिन्होंने पैसे देने से इनकार किया, उन्हें मार दिया गया। हम दान या पुलिस राशन पैकेज नहीं मांग रहे हैं; हम जीने के अपने वैध अधिकार की मांग कर रहे हैं।"

फरजाना रियाज ने पुलिसकर्मियों और प्रभावशाली व्यक्तियों पर स्वाबी, नौशेरा, चारसद्दा और पेशावर के अन्य इलाकों से ट्रांसजेंडर्स को जबरन बेदखल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि हम एक दुश्मन देश के नागरिक हैं, इसलिए हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।"

उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय ने संबंधित सरकारी कार्यालयों से सहायता की गुहार लगाई है। हालांकि, अधिकारियों ने उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। बताया गया कि पेशावर उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका पर सुनवाई की थी और जबरन बेदखली पर रोक लगा दी थी।

रियाज ने पुलिस अधिकारियों, स्थानीय नेताओं और मौलवियों पर ट्रांसजेंडर्स को उनके समुदायों से बाहर निकालने के लिए प्रोत्साहित करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाएं हरिपुर, बुनेर, नौशेरा, चारसद्दा और मिंगोरा में हुईं।

इससे पहले अगस्त में, ट्रांसजेंडर समुदाय ने पाकिस्तान, खासकर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बढ़ते हिंसक हमलों के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रांस एक्शन अलायंस की अध्यक्ष फरजाना रियाज और मंजिल फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक मैडम आरजू खान ने मर्दन प्रेस क्लब के बाहर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया और कहा कि पुलिस समुदाय की रक्षा करने में असमर्थ रही है।

प्रदर्शन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, फरजाना ने कहा कि 2015 से खैबर पख्तूनख्वा में 158 ट्रांसजेंडर्स की हत्या की जा चुकी है और अब तक एक भी मामले में न्याय नहीं मिला है। फरजाना ने कहा कि ट्रांसजेंडर्स पर गोलीबारी आम बात हो गई है क्योंकि सरकार उन्हें सुरक्षा प्रदान करने में विफल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह अत्यंत आवश्यक है कि समाज के कमजोर वर्गों, जैसे ट्रांसजेंडर समुदाय, की आवाज सुनी जाए। उनकी सुरक्षा और अधिकारों का सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी है। सभी नागरिकों को एक समान कानून और न्याय की आवश्यकता है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तान में ट्रांसजेंडर समुदाय की स्थिति क्या है?
पाकिस्तान में ट्रांसजेंडर समुदाय को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें सामाजिक भेदभाव और हिंसा शामिल है।
क्या पुलिस ट्रांसजेंडर समुदाय की सुरक्षा में विफल रही है?
जी हाँ, ट्रांसजेंडर समुदाय ने पुलिस पर सुरक्षा में विफल रहने और उनके खिलाफ हिंसा के मामलों में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
ट्रांसजेंडर समुदाय ने न्याय के लिए क्या कदम उठाए हैं?
उन्होंने संबंधित सरकारी कार्यालयों से सहायता की गुहार लगाई है और न्यायालय में याचिकाएं दायर की हैं।
क्या ट्रांसजेंडर समुदाय को कोई कानूनी संरक्षण है?
हाँ, पाकिस्तान में ट्रांसजेंडर्स के लिए कुछ कानूनी अधिकार हैं, लेकिन इनका प्रभावी कार्यान्वयन अभी भी चुनौतीपूर्ण है।
क्या ट्रांसजेंडर समुदाय के खिलाफ हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं?
हाँ, रिपोर्टों के अनुसार, ट्रांसजेंडर समुदाय के खिलाफ हिंसक हमलों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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