पलवल में 5 किमी लंबे तिरंगे के साथ तिरंगा यात्रा, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दो रिकॉर्ड दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के पलवल में 13 अगस्त 2026 को 5 किलोमीटर लंबे तिरंगे के साथ निकाली गई ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में एक साथ दो विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए। हजारों नागरिकों और युवाओं ने राष्ट्रीय ध्वज थामकर इस आयोजन को देशभक्ति के एक अभूतपूर्व प्रदर्शन में बदल दिया।
कौन-से दो विश्व रिकॉर्ड बने
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से जारी आधिकारिक प्रमाणन के अनुसार, पलवल ने 'राष्ट्रीय ध्वज थामे हुए सबसे ज़्यादा लोग' और 'झंडे के साथ सबसे लंबा सामूहिक मार्च' — ये दो रिकॉर्ड एक ही दिन दर्ज किए। प्रमाणन में स्पष्ट किया गया कि 13 अगस्त को हजारों प्रतिभागियों ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' हाथ में लेकर रिकॉर्ड दूरी तक मार्च किया।
आयोजन का उद्देश्य और नेतृत्व
इस यात्रा का आयोजन राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना के प्रदर्शन के उद्देश्य से किया गया। हरियाणा सरकार में युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता और खेल राज्य मंत्री तथा पलवल के विधायक गौरव गौतम ने इस आयोजन की अगुवाई की। गौतम ने कहा, 'यह सिर्फ एक विश्व रिकॉर्ड नहीं, बल्कि तिरंगे के प्रति हमारे प्रेम, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का विश्व पटल पर अंकित गौरव है।'
श्रेय और समर्पण
गौरव गौतम ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने यह उपलब्धि उन हजारों देशभक्त नागरिकों और युवाओं को समर्पित की, जिन्होंने अनुशासन, उत्साह और राष्ट्रप्रेम के साथ इस आयोजन को सफल बनाया।
पलवल और हरियाणा की वैश्विक पहचान
गौतम के अनुसार, इस उपलब्धि से पलवल और हरियाणा का गौरव वैश्विक स्तर पर बढ़ा है। गौरतलब है कि यह आयोजन 78वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर किया गया, जो इसकी प्रतीकात्मक अहमियत को और बढ़ाता है। आने वाले समय में इस तरह के आयोजन राष्ट्रीय एकता की भावना को और मज़बूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।