गुलमर्ग में 110 फीट ऊंचा तिरंगा बना पर्यटकों की पहली पसंद, स्वतंत्रता दिवस से पहले कश्मीर देशभक्ति में डूबा
सारांश
मुख्य बातें
स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में 110 फीट ऊंचा तिरंगा देशभक्ति की भावना का प्रतीक बनकर उभरा है। 12 अगस्त 2026 को बारामूला ज़िले में स्थापित यह विशाल राष्ट्रीय ध्वज देश के कोने-कोने से आए पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सैलानी तिरंगे के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाकर इस यादगार पल को संजो रहे हैं।
पर्यटकों में उत्साह और देशभक्ति का जोश
त्रिपुरा से पहली बार जम्मू-कश्मीर पहुंचे पर्यटक शोभन दास ने बताया कि गुलमर्ग की प्राकृतिक सुंदरता के बीच इतनी ऊंचाई पर लहराता तिरंगा देखना उनके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है। उन्होंने देश के अन्य हिस्सों के लोगों से भी कश्मीर आने की अपील करते हुए कहा कि तिरंगे की शान को करीब से देखने का अनुभव बिल्कुल अलग है।
हैदराबाद से आए पर्यटक श्रीनिवास राव ने विशाल तिरंगे को देखकर अपने भीतर देशभक्ति की भावना और प्रबल होने की बात कही। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कश्मीर में घूमते हुए उन्हें पूरी सुरक्षा का एहसास हो रहा है और वह यहां की खूबसूरती का भरपूर आनंद उठा रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की सराहना
श्रीनिवास राव ने जम्मू-कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों की विशेष सराहना की। उनके अनुसार, पर्यटकों की सुरक्षा के लिए किए गए पुख्ता इंतजामों की वजह से लोग बेफिक्र होकर घूम पा रहे हैं। एक अन्य पर्यटक राजीव ने भी कहा कि कश्मीर की वादियों में इतनी ऊंचाई पर लहराता तिरंगा बेहद शानदार दिखता है। उन्होंने अमरनाथ यात्रा के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर पाया।
गुलमर्ग का पर्यटन और राष्ट्रीय पर्वों का संगम
गौरतलब है कि गुलमर्ग हर वर्ष लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है, और स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों के आसपास यहां पर्यटन गतिविधियां और भी बढ़ जाती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। 15 अगस्त को तिरंगा फहराते देखने की उत्सुकता पर्यटकों में साफ नजर आ रही है।
आगे क्या
स्वतंत्रता दिवस समारोह के साथ गुलमर्ग में देशभक्ति का यह माहौल और गहरा होने की उम्मीद है। पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के आयोजन कश्मीर की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करते हैं और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होते हैं।