80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट, चौकियाँ सक्रिय — जनजीवन सामान्य
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर में 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त 2026 को सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर रही। श्रीनगर और जम्मू शहरों में प्रवेश के प्रमुख मार्गों पर बैरिकेड्स और सुरक्षा चौकियाँ स्थापित की गईं, जहाँ वाहनों व व्यक्तियों की सघन तलाशी ली गई। इसके बावजूद केंद्रशासित प्रदेश में जनजीवन पूरी तरह सामान्य रहा।
सुरक्षा बंदोबस्त का स्वरूप
पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को श्रीनगर, जम्मू तथा सभी जिला मुख्यालयों पर तैनात किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्वयं विभिन्न चौकियों का दौरा कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। तैनात जवानों ने विनम्रता और सौहार्दपूर्ण व्यवहार के साथ जाँच-पड़ताल की, जिससे आम नागरिकों में कोई असुविधा नहीं हुई।
कार्यालय जाने वाले, व्यापारी, ट्रांसपोर्टर तथा शैक्षणिक संस्थान — स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय — सभी सामान्य रूप से संचालित रहे। अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष किसी भी अलगाववादी संगठन ने 15 अगस्त को किसी विरोध-प्रदर्शन या 'सिविल कर्फ्यू' का आह्वान नहीं किया।
ऐतिहासिक संदर्भ: बदला हुआ माहौल
गौरतलब है कि 1990 में अलगाववादी हिंसा के उभार के बाद से अलगाववादी समूह 26 जनवरी और 15 अगस्त पर 'ब्लैक आउट' और 'सिविल कर्फ्यू' का आह्वान करते रहे थे। यह ऐसे समय में आया है जब 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए के निरस्त होने के बाद से घाटी में जन-भागीदारी का स्वरूप उल्लेखनीय रूप से बदला है।
रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में नागरिक अब राष्ट्रीय समारोहों में स्वेच्छा से भाग लेते हैं और जिला मुख्यालयों पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गहरी रुचि दिखाते हैं।
'हर घर तिरंगा' अभियान को व्यापक समर्थन
स्थानीय निवासियों द्वारा 'हर घर तिरंगा' अभियान को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया ने यह संकेत दिया है कि घाटी में राष्ट्रीय ध्वज थामने और प्रदर्शित करने को लेकर अब कोई संकोच नहीं है। विभिन्न इलाकों में घरों, दुकानों और सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगे लहराते देखे गए।
आगे की तस्वीर
सुरक्षा बल 15 अगस्त के मुख्य समारोह तक हाई अलर्ट पर बने रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है। प्रशासन का लक्ष्य स्वतंत्रता दिवस समारोह को शांतिपूर्ण और उत्सवपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है।