पारादीप बंदरगाह को 'मेगा पोर्ट' का दर्जा: ओडिशा के CM माझी ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पारादीप बंदरगाह को भारतीय पत्तन अधिनियम, 2025 के तहत 'मेगा पोर्ट' का दर्जा मिलने पर इसे राज्य की समुद्री क्षमता की एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहचान करार दिया है। इस दर्जे के साथ पारादीप भारत के पूर्वी तट का एकमात्र 'मेगा पोर्ट' बन गया है, जो व्यापार, उद्योग और कनेक्टिविटी के एक प्रमुख द्वार के रूप में इसकी रणनीतिक महत्ता को और पुख्ता करता है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री माझी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह मान्यता पारादीप बंदरगाह की बढ़ती क्षमता, मज़बूत बुनियादी ढाँचे और परिचालन दक्षता को दर्शाती है। उनके अनुसार, इस दर्जे से ओडिशा में निवेश आकर्षित करने, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को सुदृढ़ करने और नागरिकों के लिए रोज़गार एवं आर्थिक अवसरों के नए द्वार खुलेंगे।
माझी ने इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक ओडिया नागरिक के लिए गर्व का क्षण है।
पारादीप पोर्ट अथॉरिटी का बयान
इस घोषणा से एक दिन पहले, पारादीप पोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष सुसांता कुमार पुरोहित ने भी प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय मंत्री सोनोवाल और पत्तन, पोत परिवहन व जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर का भारत के समुद्री क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में समर्थन के लिए आभार जताया।
पुरोहित ने कहा कि 'मेगा पोर्ट' का दर्जा पारादीप पोर्ट की विकास यात्रा में एक निर्णायक पड़ाव है। उनके अनुसार, यह बुनियादी ढाँचे के उन्नयन, परिचालन कुशलता और समुद्री व्यापार में इसकी भूमिका को और विस्तार देगा।
रणनीतिक महत्व
पारादीप बंदरगाह पहले से ही भारत के प्रमुख बड़े बंदरगाहों में से एक है और पूर्वी भारत के कार्गो परिवहन में अहम भूमिका निभाता है। भारतीय पत्तन अधिनियम, 2025 के अंतर्गत 'मेगा पोर्ट' का दर्जा एक उच्चतर श्रेणी का वर्गीकरण है, जो अतिरिक्त नीतिगत समर्थन, निवेश प्राथमिकता और बुनियादी ढाँचा विकास की संभावनाएँ लेकर आता है।
गौरतलब है कि ओडिशा सरकार लंबे समय से राज्य को एक प्रमुख औद्योगिक और समुद्री केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। पारादीप को यह दर्जा मिलना उसी रणनीतिक दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
ओडिशा के आर्थिक परिवर्तन में भूमिका
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि जैसे-जैसे ओडिशा व्यापार, उद्योग और समुद्री विकास का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है, पारादीप बंदरगाह राज्य के आर्थिक परिवर्तन में और भी केंद्रीय भूमिका निभाएगा। उन्होंने इसे 'विकसित भारत' के विज़न में ओडिशा के योगदान का एक प्रतीक भी बताया।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भारतीय बंदरगाहों की क्षमता को विश्वस्तरीय बनाने और समुद्री लॉजिस्टिक्स को वैश्विक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। पारादीप का 'मेगा पोर्ट' दर्जा इस राष्ट्रीय नीतिगत दिशा की पुष्टि करता है।