क्या पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के संशोधन में राजनीतिक दलों ने 2 लाख से अधिक दावे-आपत्तियां दर्ज की?
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत संशोधन प्रक्रिया में तेजी आई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, 17 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच विभिन्न राजनीतिक दलों से कुल 2,07,001 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुईं।
बुलेटिन के अनुसार, राजनीतिक दलों के बूथ स्तर के एजेंट्स (बीएलए) ने विभिन्न फॉर्म के माध्यम से दावे प्रस्तुत किए। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) ने सबसे अधिक 77,091 दावे-आपत्तियां दर्ज कीं, जिनमें 3 नाम जोड़ने के लिए शामिल थे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 60,186 दावे प्रस्तुत किए, जिसमें 1 नाम जोड़ने और 1 हटाने की मांग की गई।
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) ने 49,079, इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 18,733 और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने 1,885 दावे प्रस्तुत किए। बहुजन समाज पार्टी ने 21 दावे दर्ज किए। कुल मिलाकर राजनीतिक दलों से 8 नाम जोड़ने के दावे आए, जबकि कोई भी हटाने की मांग नहीं की गई।
बुलेटिन में कहा गया है कि केवल निर्धारित फॉर्म 6 (शामिल करने के लिए) और फॉर्म 7 (हटाने के लिए) के साथ ही दावे मान्य माने जाएंगे। सामान्य शिकायतें (फॉर्म 6/7 के बिना) गिनती में नहीं ली जातीं।
इसके अलावा, ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल के प्रकाशन से पहले 3,31,075 फॉर्म 6 (शामिल करने के लिए) प्राप्त हुए थे। ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन के बाद सीधे मतदाताओं से 1,74,459 जोड़ने के लिए और 37,781 हटाने के लिए दावे आए। कुल मिलाकर 20,7001 दावे राजनीतिक दलों से प्राप्त हुए।
यह प्रक्रिया दिसंबर 2025 में जारी किए गए ड्राफ्ट रोल (लगभग 7.08 करोड़ मतदाताओं के नाम) के बाद चल रही है, जिसमें 58 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे। यह एसआईआर 2002 की सूची से मिलान पर आधारित है, जिसमें 68 प्रतिशत नाम 'अनमैच्ड' पाए गए, जिन्हें सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है।
दावे-आपत्तियां 15 जनवरी 2026 तक प्रस्तुत किए जा सकते हैं। सुनवाई और सत्यापन फरवरी 2026 तक जारी रहेगा और अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।