पश्चिम बंगाल में चुनाव की एक चरण में मांग, कांग्रेस अध्यक्ष ने मतदाता सूची में गड़बड़ी पर चेताया

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पश्चिम बंगाल में चुनाव की एक चरण में मांग, कांग्रेस अध्यक्ष ने मतदाता सूची में गड़बड़ी पर चेताया

सारांश

कोलकाता में कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने मतदाता सूची में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। वे चुनाव आयोग से सही सूची की मांग कर रहे हैं, क्योंकि 28 फरवरी को अंतिम सूची जारी होनी है।

Key Takeaways

  • मतदाता सूची में गड़बड़ी पर कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अंतिम सूची 28 फरवरी को जारी होगी।
  • कांग्रेस का कहना है कि सभी असली मतदाता का नाम सूची में होना चाहिए।
  • भाजपा और टीएमसी पर वोट चोरी के आरोप लगाए गए हैं।
  • अरविंद केजरीवाल को क्लीन चिट मिलने से भाजपा पर गंभीर सवाल उठे हैं।

कोलकाता, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने वाली है। पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने शुक्रवार को राष्ट्र प्रेस के साथ अपनी प्रतिक्रिया साझा की।

कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा, "वास्तविक मतदाता का नाम सूची में होना अनिवार्य है। किसी भी असली मतदाता का नाम सूची से हटाया नहीं जाना चाहिए। यदि ऐसा हुआ, तो कांग्रेस पार्टी सड़क पर उतरकर इसका विरोध करेगी। पार्टी गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाएगी और इसके खिलाफ आंदोलन करेगी। हमने चुनाव आयोग से स्पष्ट बताया है कि यदि किसी असली मतदाता का नाम सूची में नहीं है और प्रदेश में चुनाव हो जाता है, तो यह बंगाल में अस्वीकार्य है। सभी लोग एक ऐसा मतदाता सूची चाहते हैं, जिसमें कोई भी त्रुटि न हो। इसके लिए चुनाव आयोग को आवश्यक समय लेना चाहिए था।"

उन्होंने आगे कहा, "भाजपा और टीएमसी दोनों दल बाइनरी राजनीति कर रहे हैं। यदि चुनाव 10-12 चरणों में होता है, तो यह एक मतदाता को दूसरी जगह भेज देंगे। लेकिन यदि सभी मतदान एक साथ होते हैं, तो वे ऐसा नहीं कर पाएंगे। भाजपा और टीएमसी दोनों ही वोट की चोरी करते हैं। बस अंतर इतना है कि एक गुंडों के सहारे और दूसरा चुनाव आयोग के माध्यम से। ऐसे में यदि एक दिन में मतदान होता है, तो उन्हें कठिनाई होगी।"

शुभंकर सरकार ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा सीबीआई केस में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी करने के फैसले का स्वागत किया और भाजपा पर विपक्षियों पर दबाव डालने का गंभीर आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "भाजपा हमेशा विपक्ष पर गलत तरीके से दबाव डालने की कोशिश करती है। यही चीज अरविंद केजरीवाल के साथ भी हुई। अब उन्हें क्लीन चिट मिल गई है, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा ने उन पर झूठा केस लगाया था। लोगों को यह जानना चाहिए कि चुनाव जीतने के लिए भाजपा कितनी नीचे गिर सकती है। देश की जनता भाजपा की असलियत देख रही है।"

Point of View

कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने अपनी आवाज उठाई है। उनकी बातें भाजपा और टीएमसी के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष को दर्शाती हैं। यह समय सभी दलों के लिए चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने का है।
NationPress
28/02/2026

Frequently Asked Questions

मतदाता सूची में गड़बड़ी क्या है?
मतदाता सूची में गड़बड़ी का मतलब है कि असली मतदाताओं के नाम सूची में नहीं होना या गलत जानकारी होना।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से क्या आग्रह किया?
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से सही और त्रुटि रहित मतदाता सूची की मांग की है।
आंदोलन की चेतावनी का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि यदि मतदाता सूची में गड़बड़ी हुई, तो कांग्रेस पार्टी इसके खिलाफ सड़कों पर उतरेगी।
भाजपा और टीएमसी की राजनीति पर क्या टिप्पणी की गई?
शुभंकर सरकार ने कहा कि भाजपा और टीएमसी दोनों वोट की चोरी करते हैं, लेकिन उनके तरीके अलग हैं।
अरविंद केजरीवाल को क्लीन चिट क्यों मिली?
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें सीबीआई केस में बरी किया, जिससे भाजपा पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगा।
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