क्या पश्चिम बंगाल की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा की साजिश का भंडाफोड़ हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- झारखंड पुलिस ने फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया।
- 22 लोग हिरासत में लिए गए।
- गिरोह ने धोखाधड़ी के लिए मोटी रकम वसूली।
- पुलिस ने कई दस्तावेज और उपकरण बरामद किए।
- जांच जारी है, गिरोह के सरगना का पता लगाने का प्रयास।
धनबाद, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड पुलिस ने पश्चिम बंगाल में रविवार को कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा की योजना बना रहे एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के कुल 22 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि झारखंड के डीजीपी के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे एंटी क्राइम चेकिंग अभियान के दौरान तिसरा थाना क्षेत्र के पास एक स्कॉर्पियो को रोककर जांच की गई। इस जांच में कुछ संदिग्ध लोग पकड़े गए। पूछताछ के दौरान पता चला कि ये लोग पश्चिम बंगाल में रविवार को होने वाली पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में गड़बड़ी करने की योजना बना रहे थे। इनकी निशानदेही पर धनबाद के झरिया इलाके में स्थित एक लॉज से कुल 22 लोगों को हिरासत में लिया गया।
पकड़े गए लोगों में 14 अभ्यर्थी शामिल हैं, जो कांस्टेबल की परीक्षा में भाग लेने वाले थे। इन्हें झरिया स्थित लॉज में रखकर प्रश्न पत्रों के उत्तर रटवाए जा रहे थे। ये सभी लोग पश्चिम बंगाल के निवासी हैं। इसके अलावा, रैकेट संचालन में मदद करने वाले धनबाद के एक ड्राइवर, टेंट हाउस के पांच कर्मियों और एक होटल संचालक को भी हिरासत में लिया गया है।
प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि यह गिरोह उम्मीदवारों से मोटी रकम लेकर परीक्षा में पास कराने का आश्वासन देता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 272 अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, 70 मोबाइल फोन, करीब 40 ब्लूटूथ कलाई घड़ियां, ब्लूटूथ डिवाइस, आधार कार्ड, पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, नोटबुक, मोबाइल चार्जर, एक कार्टून पेन, 10 सोने जैसी दिखने वाली चेन, स्टेशनरी और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस का अनुमान है कि यह नेटवर्क अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय हो सकता है। धनबाद पुलिस ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों से गहन पूछताछ की जा रही है। रैकेट का सरगना कौन है, इसका पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि मामले में व्यापक आर्थिक लेनदेन और संगठित गतिविधियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।