पटना से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत पर विचार: रविशंकर प्रसाद
सारांश
Key Takeaways
- पटना एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सेवाओं पर विचार चल रहा है।
- राज्य सरकार एयरलाइंस को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता पर विचार कर रही है।
- पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
- स्थानीय उत्पादों के लिए विशेष स्टॉल स्थापित किए जाएंगे।
- बुनियादी ढांचे के उन्नयन पर जोर दिया जाएगा।
पटना, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री एवं लोकसभा सांसद रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को जानकारी दी कि "डबल इंजन सरकार" पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दुबई, बैंकॉक और काठमांडू जैसे प्रमुख गंतव्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में उनकी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा हुई है।
प्रसाद ने बताया, "राज्य सरकार एयरलाइंस को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन या रियायतें देने पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है, ताकि पटना से सीधे अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी स्थापित हो सके। इससे यात्रियों को विदेश यात्रा के लिए दिल्ली या कोलकाता जाने की असुविधा से राहत मिलेगी।"
यह बयान पटना एयरपोर्ट पर आयोजित एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद आया, जिसकी अध्यक्षता प्रसाद ने की। यह बैठक नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन के बाद पहली आधिकारिक समीक्षा बैठक थी।
बैठक में दीघा के विधायक संजय चौरसिया, एयरपोर्ट निदेशक चंद्र प्रताप द्विवेदी और पटना के जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए बुनियादी ढांचे के उन्नयन पर विशेष जोर दिया गया। प्रसाद ने बताया कि वर्तमान में पटना एयरपोर्ट का उपयोग हर साल करीब 40 लाख यात्री करते हैं, और आने वाले वर्षों में यह संख्या 1 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि इस बढ़ती मांग को देखते हुए रनवे का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। केंद्र और राज्य सरकार इस परियोजना पर मिलकर कार्य कर रही हैं और जल्द ही एक विशेष समिति चिन्हित भूमि का दौरा कर अंतिम निर्णय लेगी।
बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी लिया गया कि हवाई अड्डे परिसर में बिहार के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत मधुबनी पेंटिंग, हस्तशिल्प और अन्य क्षेत्रीय उत्पादों के लिए विशेष स्टॉल स्थापित किए जाएंगे।
इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को व्यापक मंच और बाजार उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी आय और पहचान दोनों में वृद्धि हो सके।
प्रसाद ने जिला प्रशासन, पटना नगर निगम और एयरपोर्ट प्राधिकरण के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि विस्तार कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए, ताकि यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत मिले और उनकी यात्रा का अनुभव बेहतर हो सके।
उन्होंने केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पटना एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के प्रयास जारी हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।