पटपड़गंज में मतदाता सूची सत्यापन: 30 अक्टूबर तक नाम जोड़ें या सुधारें, 49 हजार स्थानांतरित मतदाता चिह्नित
सारांश
मुख्य बातें
पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत मतदाता सूची का सत्यापन और शुद्धिकरण अभियान 5 अक्टूबर 2026 को भी जारी रहा, जिसमें बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर पहुँचकर मतदाताओं की जानकारी की जाँच कर रहे हैं। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने दावे और आपत्तियाँ दर्ज कराने की समय-सीमा पहले की 30 सितंबर की तारीख से बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी है, जिससे पात्र मतदाताओं को अपना नाम जुड़वाने का अतिरिक्त अवसर मिल गया है।
पहले चरण का लेखा-जोखा
सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी ब्रजेश माथुर के अनुसार, एसआईआर के पहले चरण में करीब 1.32 लाख लोगों ने अपने फॉर्म जमा किए। इनमें से लगभग 46 हजार मामलों में जानकारी अधूरी या गलत पाई गई, जिन पर नोटिस जारी किए गए हैं। पहले चरण के आँकड़ों के आधार पर करीब 90 हजार नामों को विलोपन (डिलीशन) की प्रक्रिया में शामिल किया गया था।
मृत और स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान
सत्यापन अभियान के दौरान क्षेत्र में 3,435 ऐसे मतदाताओं की पहचान हुई जिनकी मृत्यु हो चुकी थी। इसके अलावा लगभग 49 हजार मतदाता ऐसे पाए गए जो स्थायी रूप से किसी अन्य स्थान पर जा चुके हैं। साथ ही करीब 1,525 मतदाताओं के नाम किसी अन्य क्षेत्र की सूची में भी दर्ज थे — इन डुप्लीकेट मामलों में बीएलओ और सुपरवाइजर स्तर पर जाँच के बाद रिकॉर्ड अपडेट किया जा रहा है।
'डिस्क्रेपेंसी' का अर्थ नाम हटना नहीं
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी मतदाता की एंट्री में विसंगति (डिस्क्रेपेंसी) मिलने का सीधा मतलब उसका नाम सूची से हटाना नहीं है। नाम की वर्तनी में अंतर, पुराने और नए दस्तावेजों में जानकारी का मेल न खाना, या अन्य दस्तावेजी कमियाँ भी इस श्रेणी में आती हैं। ऐसे मामलों की मैन्युअल जाँच और सत्यापन कर सूची को अद्यतन किया जा रहा है।
नाम जुड़वाने की प्रक्रिया
जो पात्र मतदाता पहले चरण में नाम दर्ज नहीं करा पाए — चाहे वे उस समय उपलब्ध न रहे हों या फॉर्म जमा न कर पाए हों — वे फॉर्म-6 के माध्यम से 30 अक्टूबर 2026 तक अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। पटपड़गंज क्षेत्र में हाल ही में आकर बसे लोग भी निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं।
ज़मीनी अनुभव: निवासियों की प्रतिक्रिया
कल्याणवास निवासी गौतम ने बताया कि उनकी बेटी से जुड़ी एक समस्या अधिकारियों की सहायता से सुलझा दी गई। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण उन्हें अधिक परेशानी नहीं हुई। स्थानीय निवासी शाशि शर्मा ने बताया कि वह पहले किसी अन्य क्षेत्र में रहती थीं; आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पर उनका नाम नए क्षेत्र की सूची में जोड़ दिया गया। ब्रजेश माथुर ने कहा कि जिन लोगों के पास ज़रूरी दस्तावेज नहीं हैं, उनकी मदद के लिए अधिकारी और कर्मचारी उपलब्ध हैं, और किसी भी शिकायत पर टीम मौके पर पहुँचकर समाधान करती है।
यह सत्यापन अभियान ऐसे समय में चल रहा है जब दिल्ली में विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूचियों की सटीकता को लेकर सियासी दलों की नज़र बनी हुई है। 30 अक्टूबर 2026 की समय-सीमा से पहले पात्र मतदाताओं को फॉर्म-6 जमा करने की सलाह दी गई है।