5 अक्टूबर 2026
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पटपड़गंज मतदाता सूची सत्यापन: 30 अक्टूबर तक फॉर्म-6 से नाम जुड़वाने का मौका, 3,435 मृत मतदाता चिह्नित

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पटपड़गंज मतदाता सूची सत्यापन: 30 अक्टूबर तक फॉर्म-6 से नाम जुड़वाने का मौका, 3,435 मृत मतदाता चिह्नित

सारांश

पटपड़गंज में मतदाता सूची की बड़ी सफाई जारी है — 3,435 मृत, 49,000 स्थानांतरित और 1,525 डुप्लीकेट मतदाता चिह्नित। चुनाव आयोग ने समय-सीमा 30 अक्टूबर तक बढ़ाई, फॉर्म-6 से नाम जुड़वाने का मौका अभी है।

मुख्य बातें

पटपड़गंज विधानसभा में एसआईआर के तहत मतदाता सूची सत्यापन जारी; दावे-आपत्ति की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 ।
पहले चरण में 1.32 लाख फॉर्म जमा; करीब 46 हज़ार मामलों में अधूरी जानकारी पर नोटिस जारी।
करीब 3,435 मृत मतदाता और 49 हज़ार स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता चिह्नित।
1,525 डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान; जाँच के बाद रिकॉर्ड अपडेट।
नाम जुड़वाने के लिए पात्र मतदाता फॉर्म-6 भर सकते हैं; दस्तावेज़ न होने पर अधिकारी सहायता कर रहे हैं।

पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची सत्यापन का काम 5 अक्टूबर 2026 को भी जारी रहा, जिसमें बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी की पुष्टि कर रहे हैं। चुनाव आयोग (ECI) ने दावे और आपत्तियाँ दर्ज कराने की अंतिम तिथि पहले की 30 सितंबर से बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी है, जिससे छूटे हुए पात्र मतदाताओं को नाम जुड़वाने का अतिरिक्त अवसर मिल गया है।

मुख्य घटनाक्रम

सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) ब्रजेश माथुर ने बताया कि एसआईआर के पहले चरण में करीब 1.32 लाख लोगों ने अपने फॉर्म जमा किए थे। इनमें से लगभग 46 हज़ार मामलों में जानकारी अधूरी या गलत पाए जाने के कारण नोटिस जारी किए गए हैं। पहले चरण के आँकड़ों के आधार पर करीब 90 हज़ार नाम विलोपन (डिलीशन) की प्रक्रिया में शामिल किए गए थे।

गौरतलब है कि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी मतदाता के नाम में 'विसंगति' (डिस्क्रेपेंसी) मिलने का अर्थ सीधे तौर पर नाम हटाना नहीं है। नाम की वर्तनी में अंतर, पुराने और नए रिकॉर्ड में जानकारी का मेल न खाना या दस्तावेजी त्रुटियाँ भी इसी श्रेणी में आती हैं, और ऐसे सभी मामलों की मैन्युअल जाँच की जा रही है।

मृत एवं स्थानांतरित मतदाता

एसआईआर के दौरान पटपड़गंज में 3,435 ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई, जिनकी मृत्यु हो चुकी थी। इसके अतिरिक्त करीब 49 हज़ार मतदाता ऐसे पाए गए जो स्थायी रूप से किसी अन्य स्थान पर जा चुके थे। माथुर ने बताया कि इन मामलों में बीएलओ और सुपरवाइज़र स्तर पर सत्यापन के बाद ही मतदाता सूची अपडेट की गई।

इसके साथ ही करीब 1,525 ऐसे मतदाताओं की पहचान हुई जिनका नाम किसी अन्य स्थान की मतदाता सूची में भी दर्ज था। ऐसे डुप्लीकेट मामलों में भी जाँच और सत्यापन के बाद रिकॉर्ड सुधारा जा रहा है।

नाम जुड़वाने और सुधार की प्रक्रिया

ऐसे पात्र मतदाता जिनका नाम किसी कारणवश सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। जो लोग बाद में पटपड़गंज क्षेत्र में आकर बसे हैं, वे भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं। माथुर ने बताया कि जिन आवेदकों के पास ज़रूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें अधिकारी और कर्मचारी आवश्यक सहायता दे रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूचियों की सटीकता को लेकर देशभर में चर्चा चल रही है। चुनाव आयोग द्वारा समय-सीमा बढ़ाने का निर्णय उन मतदाताओं के लिए राहत लेकर आया है जो त्योहारी सीजन या व्यस्तता के कारण पहले आवेदन नहीं कर पाए थे।

आम जनता की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासी शाशि शर्मा ने बताया कि वे पहले किसी अन्य स्थान पर रहती थीं और अब पटपड़गंज में रहने लगी हैं। संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने पर उनका नाम नए क्षेत्र की मतदाता सूची में जोड़ दिया गया। कल्याणवास निवासी गौतम ने बताया कि उनकी बेटी से जुड़ी समस्या का समाधान अधिकारियों की मदद से हो गया और प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई।

आगे क्या होगा

30 अक्टूबर 2026 तक दावे और आपत्तियाँ दर्ज कराई जा सकती हैं। इसके बाद प्राप्त सभी आवेदनों की जाँच एवं अंतिम सत्यापन होगा और मतदाता सूची का अद्यतन संस्करण जारी किया जाएगा। मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी जानकारी की जाँच शीघ्र करा लें ताकि किसी भी आगामी चुनाव में मताधिकार से वंचित न रहें।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से अधिक स्थानांतरित और 3,435 मृत मतदाताओं की पहचान यह दर्शाती है कि नियमित मतदाता सूची अद्यतन की प्रक्रिया कितनी ढीली रही है। समय-सीमा बढ़ाना स्वागत-योग्य कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि जिन 46 हज़ार मामलों में नोटिस जारी हुए हैं, उनमें से कितने मतदाता वास्तव में प्रक्रिया पूरी कर पाएँगे। दस्तावेज़ों की कमी अक्सर प्रवासी और कम-आय वर्ग के मतदाताओं को सबसे ज़्यादा प्रभावित करती है — और यही वह वर्ग है जिसे मताधिकार से वंचित होने का सबसे अधिक जोखिम है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटपड़गंज मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की अंतिम तिथि क्या है?
चुनाव आयोग (ECI) ने दावे और आपत्तियाँ दर्ज कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी है। पहले यह तिथि 30 सितंबर निर्धारित थी।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए कौन-सा फॉर्म भरना होगा?
पात्र मतदाता फॉर्म-6 भरकर अपना नाम पटपड़गंज की मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं। नए क्षेत्र में बसे मतदाता भी इसी प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।
एसआईआर में 'विसंगति' (डिस्क्रेपेंसी) मिलने पर क्या नाम हट जाएगा?
नहीं, विसंगति मिलने का अर्थ सीधे नाम हटाना नहीं है। नाम की वर्तनी में अंतर या दस्तावेजी असमानता भी विसंगति मानी जाती है, और ऐसे मामलों की मैन्युअल जाँच के बाद ही कोई निर्णय लिया जाता है।
पटपड़गंज में कितने मृत और डुप्लीकेट मतदाता मिले?
एसआईआर के दौरान 3,435 मृत मतदाता और 1,525 डुप्लीकेट मतदाता चिह्नित किए गए। इसके अलावा करीब 49,000 मतदाता स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित पाए गए।
यदि ज़रूरी दस्तावेज़ न हों तो क्या करें?
दस्तावेज़ उपलब्ध न होने पर बीएलओ और संबंधित अधिकारी मतदाताओं की सहायता कर रहे हैं। शिकायत मिलने पर टीम मौके पर पहुँचकर समस्या के समाधान का प्रयास करती है।
राष्ट्र प्रेस
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