पवन कल्याण की माँग: स्थानीय निकाय चुनावों में जनसेना कार्यकर्ताओं को उचित प्रतिनिधित्व मिले
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण ने 11 अक्टूबर 2026 को आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में जनसेना कार्यकर्ताओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की माँग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन की सफलता में जनसेना के कार्यकर्ताओं का अहम योगदान रहा है और उनके त्याग को सम्मान मिलना चाहिए। पवन कल्याण ने यह बात पोलावरम जिले के रामपचोडवरम विधानसभा क्षेत्र के काकवाड़ा में आयोजित 'अडवी थल्ली बाटा 2.0' कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर कही।
गठबंधन धर्म और प्रतिनिधित्व की माँग
पवन कल्याण ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर हर दल के कार्यकर्ताओं की भूमिका को स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि गठबंधन के प्रत्येक नेता की जिम्मेदारी है कि वह पार्टी के लिए अथक परिश्रम करने वाले कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा रहे और उन्हें उचित पहचान व सम्मान दिलाए।
उन्होंने कहा, 'मुश्किल समय में हमारे साथ खड़े रहने वालों के त्याग को हमें कभी नहीं भूलना चाहिए। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन के धर्म का सम्मान करते हुए जनसैनिकों और वीरा महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना चाहिए। सत्ता में कोई पद माँगे बिना हमारे साथ खड़े रहने वालों के भरोसे का सम्मान करना जरूरी है।'
2024 चुनावों में जनसेना की निःस्वार्थ भूमिका
पवन कल्याण ने याद दिलाया कि 2024 के आम चुनावों में जनसेना कार्यकर्ताओं ने गठबंधन का समर्थन करते हुए किसी राजनीतिक पद की आकांक्षा नहीं रखी थी। उन्होंने निजी हितों से ऊपर राज्य के हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एन. चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी के कठिन दौर में भी जनसेना के कार्यकर्ता और 'वीरा महिलाएं' सड़कों पर उतरकर एकजुटता दिखाई थीं।
'अडवी थल्ली बाटा 2.0': आदिवासी विकास की नई पहल
उपमुख्यमंत्री ने 'अडवी थल्ली बाटा 2.0' कार्यक्रम का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि इसके तहत ₹2,052 करोड़ की लागत से कुल 2,569 कार्यों को मंजूरी दी गई है। इस चरण में 1,341 अन्य आदिवासी बस्तियों को जोड़ने के लिए 1,976 किलोमीटर सड़कें और 45 पुल बनाए जाएंगे।
पहले चरण में पोलावरम, श्रीकाकुलम, विजयनगरम, नंदयाल और एलुरु जिलों में ₹1,406 करोड़ की लागत से 858 आदिवासी बस्तियों को जोड़ने के लिए 1,662 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया था। सड़क संपर्क के जरिए आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार, परिवहन और बाजार तक पहुँच को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्रीय योजनाओं का समन्वय
पवन कल्याण ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में पीएम-जनमन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 और रोजगार गारंटी योजना जैसी केंद्रीय योजनाओं के समन्वय से लागू किया जा रहा है।
आगे की दिशा
पवन कल्याण ने NDA गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ने और ग्रामीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उनकी यह माँग ऐसे समय में आई है जब आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियाँ तेज हो रही हैं और गठबंधन में सीट बँटवारे को लेकर आंतरिक चर्चाएं जारी हैं।