4 नवंबर 2026
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आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव: पवन कल्याण की जन सेना का 100% स्ट्राइक रेट, विजयवाड़ा-एलुरु में मेयर पद जीते

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आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव: पवन कल्याण की जन सेना का 100% स्ट्राइक रेट, विजयवाड़ा-एलुरु में मेयर पद जीते

सारांश

पवन कल्याण की जन सेना ने आंध्र प्रदेश के निकाय चुनावों में एक और 100% स्ट्राइक रेट दर्ज किया — विजयवाड़ा और एलुरु के मेयर पद जीते, 14 नगर पालिकाएँ क्लीन स्वीप कीं। एनडीए ने 94 निकाय जीते, वाईएसआरसीपी 4 पर सिमटी। 2029 से पहले पवन कल्याण की ताकत का साफ संदेश।

मुख्य बातें

जन सेना पार्टी ने 4 नवंबर 2026 को घोषित आंध्र प्रदेश निकाय चुनावों में 100% स्ट्राइक रेट दर्ज किया।
पार्टी ने विजयवाड़ा और एलुरु दोनों नगर निगमों में मेयर पद जीते।
वंगावीती राधाकृष्ण ने विजयवाड़ा में वाईएसआरसीपी उम्मीदवार को 1,30,872 वोटों के अंतर से हराया; उन्हें 2,65,888 वोट मिले।
एनडीए गठबंधन ने 100 में से 94 नगर निकायों और 13 में से 11 नगर निगमों में जीत दर्ज की।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी केवल 1 नगर निगम और 3 नगर पालिकाओं तक सीमित रही।
अनंतपुर में वाईएसआरसीपी ने भाजपा के तय सीट पर उलटफेर किया; टीडीपी के 2 बागी उम्मीदवार भी जीते।

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की जन सेना पार्टी ने 4 नवंबर 2026 को घोषित शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों में 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट दर्ज किया — पार्टी ने एनडीए सीट-बंटवारे के तहत जितनी भी सीटें लड़ीं, सभी पर जीत हासिल की। विजयवाड़ा और एलुरु सहित दोनों नगर निगमों में मेयर पद जीतकर पार्टी ने अपने 2024 के आम चुनाव प्रदर्शन को स्थानीय निकाय स्तर पर भी दोहराया।

मुख्य चुनावी परिणाम

जन सेना ने 14 नगर पालिकाओं और 3 नगर पंचायतों में अध्यक्ष के सभी पदों पर जीत दर्ज की। पार्टी ने न केवल अपने परंपरागत विधानसभा क्षेत्रों में, बल्कि अन्य शहरों में भी अपनी उपस्थिति का विस्तार किया। गौरतलब है कि 2024 के विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी जन सेना ने उन सभी 21 विधानसभा और 2 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी जिन पर उसने चुनाव लड़ा था।

विजयवाड़ा के नए मेयर: वंगावीती राधाकृष्ण

पूर्व विधायक वंगावीती राधाकृष्ण, जो चुनाव से कुछ दिन पहले ही जन सेना में शामिल हुए थे, विजयवाड़ा नगर निगम के मेयर चुने गए। उन्होंने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की उम्मीदवार रायाना भाग्यलक्ष्मी को 1,30,872 वोटों के बड़े अंतर से हराया — राधाकृष्ण को 2,65,888 और भाग्यलक्ष्मी को 1,35,016 वोट मिले।

राधाकृष्ण, प्रमुख नेता वंगावीती मोहना रंगा के पुत्र हैं। रंगा की 1988 में विजयवाड़ा में भूख हड़ताल के दौरान एक विरोधी गुट द्वारा हत्या कर दी गई थी। राधाकृष्ण 2004 में कांग्रेस के टिकट पर विजयवाड़ा पूर्व विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। 2009 में उन्होंने पवन कल्याण के बड़े भाई चिरंजीवी की 'प्रजा राज्यम पार्टी' से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।

एनडीए गठबंधन का व्यापक प्रदर्शन

समग्र रूप से, एनडीए गठबंधन ने 100 में से 94 नगर निकायों में जीत दर्ज की। 13 नगर निगमों में से 11 में गठबंधन के उम्मीदवार मेयर बने। एलुरु नगर निगम में जन सेना के रेड्डी अप्पलानायडू मेयर चुने गए।

वहीं, विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी केवल 1 नगर निगम और 3 नगर पालिकाओं तक सिमट गई। अनंतपुर नगर निगम में, जहाँ सीट-बंटवारे के तहत मेयर पद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए तय था, वहाँ वाईएसआरसीपी के रमेश गौड़ ने भाजपा उम्मीदवार अजीश बाबू को हराकर उलटफेर किया।

भाजपा और टीडीपी का प्रदर्शन

भाजपा ने जिन 4 नगर पालिकाओं में चुनाव लड़ा, उन सभी में अपने उम्मीदवारों को अध्यक्ष पद पर जिताया। टेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के 2 बागी उम्मीदवार भी विजयी रहे, जो गठबंधन के भीतर की आंतरिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।

आगे की राजनीतिक दिशा

इस जीत ने पवन कल्याण की राजनीतिक पकड़ को और मज़बूत किया है। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में 2029 के विधानसभा चुनावों से पहले एनडीए गठबंधन अपनी स्थिति मज़बूत करने में जुटा है। पार्टी की टीडीपी और वाईएसआरसीपी से आए नेताओं को शामिल कर जीत दर्ज कराने की रणनीति भविष्य के चुनावों में उसकी विस्तार योजना का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आंध्र की राजनीति में पवन कल्याण की उभरती स्वतंत्र पहचान का संकेत है — एनडीए में टीडीपी के प्रभावी 'जूनियर' से 'बराबरी के साझेदार' तक का सफर। गौर करने वाली बात यह है कि जन सेना ने टीडीपी और वाईएसआरसीपी से आए नेताओं को उम्मीदवार बनाकर जीत दर्ज की — यह रणनीति लचीलेपन की है, लेकिन विचारधारागत एकजुटता पर सवाल भी उठाती है। अनंतपुर में भाजपा की हार और टीडीपी बागियों की जीत यह बताती है कि गठबंधन के भीतर सब कुछ सुर में नहीं है। 2029 से पहले यह देखना होगा कि पवन कल्याण की यह जमीनी ताकत विधानसभा-स्तर पर भी उतनी ही निर्णायक साबित होती है या नहीं।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जन सेना पार्टी का निकाय चुनावों में 100% स्ट्राइक रेट का क्या मतलब है?
इसका अर्थ है कि जन सेना ने एनडीए सीट-बंटवारे के तहत जितनी भी सीटें लड़ीं — मेयर से लेकर नगर पालिका अध्यक्ष तक — सभी पर जीत दर्ज की। 2026 के निकाय चुनावों में पार्टी ने विजयवाड़ा और एलुरु के मेयर पद, 14 नगर पालिकाओं और 3 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद जीते।
विजयवाड़ा के नए मेयर कौन हैं और उन्होंने कितने वोटों से जीत हासिल की?
जन सेना के वंगावीती राधाकृष्ण विजयवाड़ा के नए मेयर चुने गए हैं। उन्होंने वाईएसआरसीपी की रायाना भाग्यलक्ष्मी को 1,30,872 वोटों के अंतर से हराया — राधाकृष्ण को 2,65,888 और भाग्यलक्ष्मी को 1,35,016 वोट मिले।
आंध्र प्रदेश निकाय चुनावों में एनडीए का कुल प्रदर्शन कैसा रहा?
एनडीए गठबंधन ने 100 नगर निकायों में से 94 पर जीत दर्ज की। 13 नगर निगमों में से 11 में गठबंधन के उम्मीदवार मेयर बने। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी केवल 1 नगर निगम और 3 नगर पालिकाओं तक सीमित रह गई।
अनंतपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा को क्यों हार का सामना करना पड़ा?
अनंतपुर में एनडीए सीट-बंटवारे के तहत मेयर पद भाजपा के लिए तय था, लेकिन वाईएसआरसीपी के रमेश गौड़ ने भाजपा उम्मीदवार अजीश बाबू को हराकर उलटफेर किया। यह गठबंधन की 94 में से एकमात्र नगर निगम में हार थी।
वंगावीती राधाकृष्ण का राजनीतिक इतिहास क्या है?
राधाकृष्ण, 1988 में विजयवाड़ा में एक विरोधी गुट द्वारा हत्या किए गए नेता वंगावीती मोहना रंगा के पुत्र हैं। वे 2004 में कांग्रेस के टिकट पर विजयवाड़ा पूर्व से विधायक रह चुके हैं। 2009 में चिरंजीवी की प्रजा राज्यम पार्टी से चुनाव लड़कर हारे, और हाल ही में जन सेना में शामिल हुए।
राष्ट्र प्रेस
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