23 अक्टूबर 2026
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आंध्र प्रदेश स्थानीय निकाय चुनाव: पवन कल्याण ने दो दिन में दूसरी बार चंद्रबाबू नायडू से की मुलाकात

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आंध्र प्रदेश स्थानीय निकाय चुनाव: पवन कल्याण ने दो दिन में दूसरी बार चंद्रबाबू नायडू से की मुलाकात

सारांश

आंध्र प्रदेश में एनडीए गठबंधन के भीतर एमपीटीसी-जेडपीटीसी सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई है। पवन कल्याण ने दो दिनों में दूसरी बार चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की। 3 नवंबर को होने वाले चुनावों में 2.81 करोड़ मतदाता फैसला सुनाएंगे।

मुख्य बातें

पवन कल्याण ने 23 अक्टूबर को अमरावती में चंद्रबाबू नायडू से दो दिनों में दूसरी बार मुलाकात की — विषय था एमपीटीसी और जेडपीटीसी सीट बंटवारा।
टीडीपी, जन सेना और BJP अभी तक एमपीटीसी-जेडपीटीसी चुनावों के लिए औपचारिक सीट बंटवारे पर सहमत नहीं हो पाए; उम्मीदवार स्वतंत्र रूप से नामांकन दाखिल कर रहे हैं।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद नगरपालिका चुनाव 28 अक्टूबर से बढ़ाकर 1 नवंबर कर दिए गए।
एमपीटीसी-जेडपीटीसी मतदान 3 नवंबर को; करीब 2.81 करोड़ मतदाता पात्र — 659 जेडपीटीसी और 9,829 एमपीटीसी सीटों पर मतदान होगा।
मतगणना 5 नवंबर को; उम्मीदवारी वापसी की अंतिम तारीख 27 अक्टूबर ।
एनडीए सहयोगी पहले ही 100 शहरी स्थानीय निकायों के लिए सीट बंटवारे पर समझौता कर चुके हैं।

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जन सेना पार्टी के अध्यक्ष पवन कल्याण ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को अमरावती में मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू के आवास पर उनसे मुलाकात की। यह दो दिनों में दोनों नेताओं के बीच दूसरी बैठक थी, जिसमें मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (एमपीटीसी) और जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (जेडपीटीसी) चुनावों के लिए सीट बंटवारे पर लगभग आधे घंटे तक चर्चा हुई।

बैठक की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि एनडीए के सहयोगी दल — टीडीपी, जन सेना और भारतीय जनता पार्टी (BJP) — एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनावों में सीट बंटवारे को लेकर अभी तक किसी औपचारिक समझौते पर नहीं पहुँच पाए हैं। इसी कारण तीनों दलों के उम्मीदवार उन स्थानों पर स्वतंत्र रूप से नामांकन दाखिल कर रहे हैं, जहाँ उन्हें अपनी जीत की संभावना दिखती है।

पवन कल्याण ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को भी चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की थी। उस बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के उस निर्देश के बाद उत्पन्न हालात पर चर्चा हुई, जिसमें अदालत ने राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) से शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ाने को कहा था। यह आदेश उन क्षेत्रों के लिए जारी हुआ जहाँ कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) सहित अन्य दलों के उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं कर पाए थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद एसईसी ने 28 अक्टूबर को निर्धारित नगरपालिका चुनावों को स्थगित कर 1 नवंबर कर दिया। साथ ही, चार शहरी स्थानीय निकायों में नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी गई।

यह ऐसे समय में आया है जब सत्ताधारी गठबंधन पहले ही 100 शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए सीट बंटवारे पर सहमति बना चुका है। एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनावों के मामले में सहमति का अभाव गठबंधन की आंतरिक रस्साकशी को उजागर करता है।

चुनाव कार्यक्रम और मतदाता

3 नवंबर को होने वाले एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनावों में लगभग 2.81 करोड़ मतदाता अपना मताधिकार इस्तेमाल करेंगे। राज्य में कुल 663 जेडपीटीसी में से 659 और कुल 9,858 एमपीटीसी में से 9,829 सीटों पर मतदान होगा।

नामांकन प्रक्रिया 21 अक्टूबर से शुरू हुई थी और एमपीटीसी व जेडपीटीसी चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख शुक्रवार शाम को समाप्त हो रही है। नामांकनों की जाँच 24 अक्टूबर को होगी।

आगे की प्रक्रिया

अधिसूचना के अनुसार, नामांकन खारिज होने पर एमपीटीसी के लिए संबंधित राजस्व मंडल अधिकारी (आरडीओ) और जेडपीटीसी के लिए जिला कलेक्टर के पास 25 अक्टूबर को अपील की जा सकती है; अपीलीय प्राधिकरण अगले दिन इनका निपटारा करेगा। उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तारीख 27 अक्टूबर है और उसी दिन उम्मीदवारों की अंतिम सूची भी जारी होगी।

यदि कहीं पुनर्मतदान की आवश्यकता पड़ी तो वह 4 नवंबर को होगा, और मतगणना 5 नवंबर को निर्धारित है। अब देखना यह होगा कि क्या टीडीपी-जन सेना-BJP गठबंधन नामांकन की समय-सीमा समाप्त होने से पहले सीट बंटवारे पर आम सहमति बना पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जन सेना और BJP जमीनी चुनावी हितों पर एकमत नहीं हैं, जो आगे चलकर गठबंधन की एकजुटता के लिए चुनौती बन सकती है। सर्वोच्च न्यायालय का हस्तक्षेप इशारा करता है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे हैं। अगर 3 नवंबर से पहले तीनों दल किसी साझा फॉर्मूले पर नहीं पहुँचे, तो गठबंधन के उम्मीदवार आपस में ही वोट काट सकते हैं — जो विपक्ष के लिए अनायास मौका साबित हो सकता है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पवन कल्याण और चंद्रबाबू नायडू की बैठक किस मुद्दे पर हुई?
दोनों नेताओं ने एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनावों के लिए एनडीए सहयोगी दलों — टीडीपी, जन सेना और BJP — के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा की। अभी तक इन चुनावों के लिए कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है।
आंध्र प्रदेश में एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनाव कब होंगे?
एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनाव 3 नवंबर 2026 को होंगे। यदि कहीं पुनर्मतदान की आवश्यकता हुई तो वह 4 नवंबर को होगा और मतगणना 5 नवंबर को की जाएगी।
सर्वोच्च न्यायालय ने आंध्र के स्थानीय निकाय चुनावों में क्यों हस्तक्षेप किया?
सर्वोच्च न्यायालय ने एसईसी को शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ाने का निर्देश दिया, क्योंकि कुछ क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण YSRCP सहित अन्य दलों के उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं कर पाए थे। इसके बाद नगरपालिका चुनाव 28 अक्टूबर से बढ़ाकर 1 नवंबर कर दिए गए।
एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनावों में कितने मतदाता और सीटें हैं?
इन चुनावों में लगभग 2.81 करोड़ मतदाता पात्र हैं। कुल 663 जेडपीटीसी में से 659 और 9,858 एमपीटीसी में से 9,829 सीटों पर मतदान होगा।
नामांकन और उम्मीदवारी वापसी की अंतिम तारीखें क्या हैं?
एमपीटीसी-जेडपीटीसी चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर शाम थी। नामांकनों की जाँच 24 अक्टूबर को होगी और उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तारीख 27 अक्टूबर है, उसी दिन अंतिम उम्मीदवार सूची जारी होगी।
राष्ट्र प्रेस
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