आंध्र प्रदेश स्थानीय निकाय चुनाव: चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण के बीच दो घंटे सीट बंटवारे पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को आगामी ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर विस्तृत मंत्रणा की। उंडावल्ली स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर हुई इस बैठक में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर सीट बंटवारे और समन्वित चुनावी रणनीति पर करीब दो घंटे चर्चा हुई।
बैठक का स्वरूप और मौजूद नेता
बैठक की शुरुआत नाश्ते के साथ हुई, जिसमें मुख्यमंत्री के पुत्र एवं मंत्री नारा लोकेश भी सम्मिलित रहे। नाश्ते के पश्चात दोनों वरिष्ठ नेताओं ने द्विपक्षीय चर्चा में स्थानीय निकाय चुनावों के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक गठबंधन के भीतर तालमेल को औपचारिक रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सीट बंटवारे पर मुख्य बिंदु
तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू और जनसेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण के बीच मुख्य रूप से दोनों दलों के हिस्से में आने वाली सीटों की संख्या पर केंद्रित चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त प्रमुख नगर निगमों में मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के बंटवारे पर भी विचार किया गया। सूत्रों के अनुसार, सीटों का आवंटन राज्य विधानसभा में सहयोगी दलों की मौजूदा ताकत के अनुपात में किए जाने की संभावना है।
गठबंधन की विधानसभा शक्ति
2024 के विधानसभा चुनाव में TDP के नेतृत्व वाले NDA ने आंध्र प्रदेश में ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया था। 175 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन ने 164 सीटें जीती थीं — जिनमें TDP के 135, जनसेना के 21 और भाजपा के 8 विधायक शामिल हैं। यही विधानसभाई अनुपात स्थानीय निकाय सीटों के बंटवारे का आधार बन सकता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की अलग बैठक संभावित
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पी.वी.एन. माधव के भी जल्द ही चंद्रबाबू नायडू से अलग से मुलाकात कर सीट बंटवारे के मुद्दे पर चर्चा करने की संभावना जताई जा रही है। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि TDP, जनसेना और भाजपा के नेता मिलकर काम करें, ताकि स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन को निर्णायक जीत दिलाई जा सके।
हाईकोर्ट का निर्देश और आगे की राह
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने 1 अक्टूबर 2026 को राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को छह सप्ताह के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था। अदालत ने ग्राम पंचायत और नगरपालिका चुनावों से जुड़ी कई रिट याचिकाओं की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। उच्च न्यायालय ने उन याचिकाओं को खारिज कर दिया जिनमें राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पूर्ण होने तक चुनाव स्थगित करने की माँग की गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब गठबंधन नेतृत्व अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है, और अदालती समयसीमा ने चुनावी प्रक्रिया को टालने की गुंजाइश व्यावहारिक रूप से समाप्त कर दी है।